UT wordmark
College of Liberal Arts wordmark

Ethics & Culture

Unani Ethics and Fees

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

 

नीम हकीम खतरा-ए-जान

 

नीम हकीम

 

बेजारा

 

अमराद

 

तेज दवायें

Poisonous

जहरीली

 

सिम्मी हरबियात

 

मिरदार

Patient's modd

मरीज के मिजाज़ का

 

इल्म

Life threatening

जान को भी खतरा

 

मरज बिगड़ जाता है

 

मरज को पहचानना

 

खिदतम-ए-खल्क

 

फीस नहीं रखी

Money for medicine

दवा के पैसे

transcription (hindi): 

एक कहा जाता है कि नीम हकीम खतरा-ए-जान... वो भी... हूं... तो आपको लगता है कि ऐसे कुछ नीम हकीम हैं जिनकी वजह से इसका नाम कभी-कभी खराब होता है? जी हां, नीम हकीम की वजह से ऐसा है, इसकी दवायें होती हैं तो बेजारा हैं, इनका साईड इफैक्ट नहीं होता... लेकिन कुछ अमराद ऐसे हैं, उनमें जो तेज दवायें हैं, जैसे खास तौर पर जो नीम-हकीम होते हैं वो सैक्स के ईलाज बहुत करते हैं... और सैक्स में जो हैं वो जहरीली और जो सिम्मी हरबियात होती हैं, तो वो उनको मिरदार का पता नहीं होता, मरीज के मिजाज़ का, तो वो, क्योंकि इल्म होता नहीं है, नीम हकीम हैं, तो वो उसकी डोज़ जो है वो कितनी देनी है, कब देनी है, कैसे... तो वो उसकी वजह से मरीज को, जान को भी खतरा हो सकता है... और मरज बिगड़ जाता है... बहुत जरूरी है कि उसमें मरज को पहचानना और कितनी डोज़, कितनी डोज़ और कैसे देनी है, ये पता हो... यहां आप, फीस कैसे आप, किस, किस, किस हिसाब से फीस लेते हैं? हमारा तो असल में वालिद साहब के जमाने से चल रहा है, उन्होंने कहा था ये खितदम-ए-खल्क है... इसी वजह से हमने यहां पर फीस नहीं रखी है... ये खितदम-ए-खल्क है, यहां फ्री कन्सल्टेशन है, सिर्फ दवा के पैसे लेते हैं... लेकिन हमारा जो दूसरा यूनिट है वहां पर बाई अपाईंटमेंट देखते हैं, दरियागंज पर, गोलचा के पास, तो वहां पर वो फीस लेते हैं... दो सौ रुपये है फीस... देखते हैं...

exercise (hindi): 

" नीम हकीम खतरा ए जान" से क्या मतलब है?

1 हकीम जिनकॊ हकीमी के बारे में सब मालूम है

2 हकीम जिनको कुछ नहीं मालूम है

3 हकीम जिनकॊ मर्ज़ का बिल्कुल पता नहीं होता पर दवा दे देते हैं

4 हकीम जो बस मरीज़ की शक्ल देख कर दवा दे देते हैं

फ़ीस कितनी लेते हैं?

1 फ़ीस नहीं लेते

2 कन्सैलटेशन की फ़ीस नहीं लेते हैं

3 सब

4 बस दवा के पैसे लेते हैं

vocabulary (urdu): 

 

نیم حکیم خطرۂ جان

 

نیم حکیم

 

بیچارہ

 

امراد

Strong medications

تیز دوائیں

Poisonous

زہرلیلی

 

سمّی ہربیات

 

مقدار

Patient's modd

مریض کے مزاج سے

 

علم

Life threatening

جان کو بھی خطرہ

 

مرض بگڑ جاتا ہے

 

مرض کو پہچاننا

A service to mankind

خدمتِ خلق

 

فیس نہیں رکھی

Money for medicine

دوا کے پیسے

transcription (urdu): 

ایک کہا جاتا ہے کہ نیم حکیم خطرۂ جان۔۔۔ وہ بھی۔۔۔

ہوں۔۔۔

تو آپ کو لگتا ہے کہ ایسے کچھ نیم حکیم ہیں جن کی وجہ سے اس کا نام کبھی کبھی خراب ہوتا ہے۔۔۔

جی ہاں، نیم حکیم کی وجہ سے اصل میں، اس کی دوائیں ہوتی ہیں تو بیجارہ ہیں، ان کا سائڈ افیکٹ نہیں ہوتا۔۔۔ لیکن کچھ امداد ایسے ہیں۔۔۔ ان میں جو تیز دوائیں ہیں، جیسے خاص طور پر جو نیم حکیم ہوتے ہیں وہ سیکس کے علاج بہت کرتے ہیں۔۔۔ اور سیکس میں جو ہیں وہ زہریلی اور جو سمی ہربیات ہوتی ہیں، تو وہ ان کو مقدار کا پتہ نہیں ہوتا، مریض کے مزاج کے مقدار کا، تو وہ، کیونکہ علم ہوتا نہیں ہے، نیم حکیم ہیں، تو وہ اس کی ڈوزجو ہے وہ کتنی دینی ہے، کب دینی ہے۔۔۔ تو وہ اس کی وجہ سے مریض کو، جان کو بھی خطرہ ہو سکتا ہے۔۔۔ اور مرض بگڑ جاتا ہے۔۔۔ بہت ضروری ہے کہ اس میں مرض کو پہچاننا اور کتنی ڈوز، کتنی ڈوز اور کتنی، کیسے دینی ہے، یہ پتہ ہو۔۔۔

یہاں آپ، فیس کیسے آپ، کس، کس، کس حساب سے فیس لی جاتی ہے؟

ہمارا تو اصل میں والد صاحب کے زمانے سے چل رہا ہے،انہوں نے کہا تھا یہ خدماتِ خلق ہے۔۔۔ اسی وجہ سے ہم نے یہاں پر فیس نہیں رکھی ہے۔۔۔ یہ خدمتِ خلق ہے، یہاں فری کانسلٹیشن ہے، صرف دوا کے پیسے لیتے ہیں۔۔۔ لیکن ہمارا جو دوسرا یونٹ ہے وہاں پر بائی اپائنڈمنٹ دیکھتے ہیں، دریاگنج پر، گولچا کے پاس، تو وہاں پر وہ فیس لیتے ہیں۔۔۔ دو سو روپیے ہے فیس۔۔۔ دیتے ہیں۔۔۔

exercise (urdu): 

اس کہاوت کا مطلب کیا ہے: نیم حکیم خطرۂ جان

1 حکیم جن کو حکیمی کے بارے میں سب کچھ معلوم ہے

2 وہ حکیم جن کو کچھ نہیں معلوم ہے

3 حکیم جن کو مرض کے بارے میں کچھ نہیں پتہ، پھر بھی دوا دے دیتے ہیں

4 حکیم جو صرف مریض کی شکل دیکھ کر دوا دے دیتے ہیں

حکیم فیش کیوں نہیں لیتے ہیں؟

1 فیس نہیں لیتے

2 کانسلٹیشن کی فیس نہیں لیتے ہیں

3 سب

4 پس دوا کے پیسے لیتے ہیں