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College of Liberal Arts wordmark

Patterns of Conversation

Contrasting Ayurveda and Conventional Medicine (4)

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

Other systems of medicine

अन्य पैथियों में

Cannot remove disease from the root

रोग जड़ से जाने की क्षमता नहीं है

Ayurvedic medicines, ayurvedic drugs, ayurvedic medication

आयुर्वेद की दवाई

According to length

लंबे हिसाब से

Disease

रोग

The most complex

बड़े से बड़े भी

From this it becomes better

इससे ठीक हो जाते हैं

I have mostly only taken Ayurvedic courses

आयुर्वेद से ही मैंने ज्यादातर कोर्स करे हैं

I give Ayurvedic medicine

आयुर्वेद की दवाई देता हूं

Keep (medication for) instant relief

तुरंत वाली भी रखते हैं

Theory

सिद्धांत

Stomach is hurting

पेट में दर्द हो रहा है

Development

विकास

Injections

इंजैक्शन-विन्जैक्शनों

Support of Allopathic medicine

ऐलोपैथिक दवाई का सहारा

The main issue

मुख्य मुद्दा

Can't remove this disease from the root

जड़ इस रोग की जाती नहीं

Correct use

सही फायदा

Cure me, even with allopathic medicine

अंग्रेजी से ही सही कर दें

Cures the disease from the root

रोग को जड़ से साफ कर देता है

transcription (hindi): 

अब जैसे, ये तो पता नहीं मुझे के ऐलोपैथिक दवाईयां बनने में किस प्रकार से उनका साल्ट लिया जाता है या कौन सी तरकीब से, लेकिन इतना मैं समझ पा रहा हूं कि अन्य पैथियों में रोग जड़ से जाने की क्षमता नहीं है... आयुर्वेद की दवाई कुछ दिन लंबे हिसाब से जरूर खानी पड़ती हैं लेकिन रोग, बड़े से बड़े भी, इससे ठीक हो जाते हैं... अंतर जो भी कुछ रहा हो, हम तो केवल इस, इसलिये, इसको बढ़िया समझते हैं कि, पहली बात तो, ये भी कारण हो सकता है कि आयुर्वेद से ही मैंने ज्यादातर कोर्स करे हैं... तो उनकी वजह से ज्यादा आयुर्वेद की दवाई देता हूं, वैसे तुरंत वाली भी रखते हैं, जैसे कई सिद्धांत हैं, जैसे मान लो पेट में दर्द हो रहा है, तो अब आयुर्वेद में ऐसी दवाई, वैसे होता जा रहा है विकास, लेकिन तुरंत ही मरीज खुश हो जाये, तो इंजैक्शन-विन्जैक्शनों का या ऐलोपैथिक दवाई का सहारा जरूर ले लेते हैं, लेकिन उस, जभी वो सही हो जाता है लेकिन सुबह को वो फिर लेता है... तो उसी हिसाब से उसका मुख्य मुद्दा ये होया के जड़ इस रोग की जाती नहीं, सही फायदा होता नहीं है ऐलौपैथी में... इसलिये हम आयुर्वेद पर ही ज्यादा विश्वास करता हूं और आयुर्वेदिक दवाई ही लम्बे मरीजों में जरूर मैं आयुर्वेदिक दवाई ही देता हूं... बाकी छोटी, जैसे बुखार-शुखार, तो जैसे भी कवर हो जायें, तो मुझे इस बात से कोई ज्यादा हेट नहीं है कि ना, अंग्रेजी देनी नहीं है... मान लो जो व्यक्ति, अब मान लो कई तरीका का है, मान लीजिये आदमी बीस-पच्चीस रुपये कुल कमाता है और उसे मैं लम्बे राग मैं पाड, दूं, के पंद्रह दिन में तेरा बुखार उतरेगा, यदि वो अंग्रेजी से, मान लो दो-चार दिन में हो सकता है तो कोशिश करता हूं कि अंग्रेजी से ही सही कर दें, जभी क्या है? तो, लेकिन जो मेरा अपना विश्वास है वो आयुर्वेद में ही ज्यादा है और इसलिये ज्यादा है क्योंकि ये रोग को जड़ से साफ कर देता है... 

exercise (hindi): 

वैद्य जी एलोपैथिक का कब इस्तेमाल करते हैं?

1 मरीज़ को खुश करने के लिये

2 बूखार शुखार जैसे रोग जो दो य तीन दिन में ठीक हो सकते हैं, उसके लिये

3 सब

4 मरीज़ का सस्ते में जब काम हो जाए