UT wordmark
College of Liberal Arts wordmark

South Asia Specific

Ayurveda Diagnosis and Use, South Asia Specific Diseases

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

Careful, alert

हुशयार

Liver medicine

लीवर की दवाई

Person

आदमी

Become yellow

पीला पड़ गया हो

Appears dead

मुर्दाई छा गई हो

 

कलपासौ

 

मंडूरबट्टी

Pilihantak powder

पीलीहंतक चूरण

 

विधया चूरण

 

शंखवटी है

 

विधिकावटी

Kidney stone

गुरदे की पथरी

Development or increase in blood

रक्त विकास

Leprosy

कुष्ट रोग

Had skin shaved

खाल छिलवा आया

Hair-pimple

बालों की फुनसी

Pimple

फुनसी

Patient

मरीज

Leper

कुष्ठरोगी

Where flies are present

माक्खी भिनकती हो

Pus

मवाद

Blood

रक्त

Through medicines

दवाईयों से

Cure, remedy, treatment

इलाज

transcription (hindi): 

देखो जी, पता, बात ये है, सब अप-अपने काम मैं हुशयार हैं, लेकिन लीवर की दवाई हमारे पास, सौ में से सौ के सौ ठीक... जो आदमी बिल्कुल पीला पड़ गया हो, मुर्दाई छा गई हो, डॉक्टर नूं कहते हों खून चढैगा इसकै, खून चढ़ाने की बजाय हमारे पास एक कलपासौ है और मंडूरबट्टी है, और पीलीहंतक चूरण है, विधया चूरण है, शंखवटी है, विधिकावटी है... लीवर की इतनी पैटेंट दवाई है ये, एक हफ़्ते में रंग बदल जा है... लीवर के लिये... और पथरी... पथरी का तो एक हफ़्ते से ज्यादा तो हमनै देनी नहीं पड़ी... गुरदे की पथरी जी... गुरदे की पथरी का पैटेंट इलाज... रक्त विकास, कुष्ट रोग के लिये सफदरजंग के छोड्डे हुये ठीक किये हैं जो धक्के दे दिये ना मानसां नै, काढ दिये... एक करतार है, सोनीपत मैं बस का ड्राइवर था, कल भी रहा था मेरे पास, उसका बडा भाई कमिश्नर है, वहां, बंबई में, कल आया वहां से, अपने भाई के पास से, कलकत्ते खाल छिलवा आया था... सारी खाल छिलवा आया था, जब भी उसकी बालों की फुनसी नहीं गई थी... छः महीने इलाज करा उसनै... सन् 83 की बात है... तो आज तलक फुनसी नहीं निकल रही... रोडवेज का, बस का ड्राईवर है... अपने भोपाल मैं शादी करवा राक्खी उसनै, दो जनानी हैं उसके, भोपाल और राजपुरा... राजपुरे से, पंजाब से भी मरीज लाया, भोपाल से लाया... और अलवर से अपनी नानी को, क्या पता, उसको जो भी कुष्ठरोगी मिला, सबको यहां लाया... कुष्ठ रोग का इतना जो, माक्खी भिनकती हो... एक दिन फौजी आया, छिछनाड़े का, सारे कै, बिल्कुल, मवाद चल रही... बारह दिन में साफ हो गया बिचारा सारा... फिर उसका बाप कलकत्ता गया, पांच बोतल लेकर आया रक्त की मेरे पास... आज, दुबारा रोग होता ही नहीं जी ये... देसी दवाईयों से इलाज करने के बाद में दुबारा रोग नहीं होता फेर... हां...

exercise (hindi): 

कौन सी देसी दवाएँ खून चढ़ाने की बजाय दी जाती हैं?

1 कलपासौ

2 मंडूरबट्टी

3 सब

4 पीलीहंतक चूरण

वैद्य जी देसी दवाओं के बारे में क्या कहते हैं?

1 देसी दवाओं से सब बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं

2 कुछ ही बीमारी पर असर करती हैं

3 सब बीमारी जड़ से खत्म हो जाती हैं

4 खाली चमड़े की बीमारियों पर असर करती हैं