UT wordmark
College of Liberal Arts wordmark

South Asia Specific

Patient's Process of Doctor Selection

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

 

सगी ताई

 

काफी साल से आ रही है

Small children

छोटे बच्चों को

Cough

खांसी

Medicine

दवा

Someone told us

किसी ने हमें बताया

There has been some problem

कुछ प्रॉब्लम हो गई है

 

तुम्हारे यहां बच्चे-वच्चे नहीं होंगे

 

बच्चे-वच्चे क्यों नहीं हैं

 

मन में कुछ अशंका है

Doubt

शंका

Explained

समझाया

 

ईलाज लंबा भी चल सकता है

 

बीच में झटका भी मार सकता है

 

पूर्ण हो जाये

 

लड़ाई-झगड़ा

 

घबराने वाली बात नहीं है

 

छोटी-मोटी प्रॉब्लम है

Will be solved

सॉल्व हो जायेगी

 

तसल्ली

Every week

हर हफ्ते

Continuous

लगातार

Lie

झूठ

Person

इंसान

 

गलत काम

 

नशा

Liquor

दारू

Marijuana

गांजा

 

किस्मत

Lady

महिला

 

विश्वास

Used to think

सोचते थे

Lying

झूठ बोल रहे हैं

Meaning

मतलब

Cure, remedy, treatment

ईलाज

 

ईलाज करवायेंगे तो टैम आने पर करवायेंगे

Cure, remedy, treatment

इलाज

Argue

तू-तू, मैं-मैं

For this reason

इस वजह से

Get him/her treated

इनका इलाज करवाअो

Don't be nervous

तू घबरा मत

 

मैं काफी रोई

 

हर्बन

 

जांचें-वांचें

 

सबने मना ही कर दिया

 

तुक्का

 

चैकअप

An operation is possible

अॉपरेशन तो संभव

 

अॉपरेशन कामयाब है

Prescription

पर्चे

 

चक्कर कटवा रहे हैं

 

जांच ही जांच

 

खाली एक जांच होती है इसकी

Comfort

आराम

 

आराम है तो दवा लेते हैं

Expectation

उम्मीद

transcription (hindi): 

ये बतायें आप लोग कहां से हैं और कितने साल से डॉक्टर साहब के पास रहे हैं?

हम रहते तो यहां हैं, सीलमपुर... सीलमपुर में रहते हैं...

जोर से बोल तनिक...

सीलमपुर में रहते हैं, हमारी जो ताई है ना, ताई...

वो काफी सालों से...

सगी ताई है ना जो, तो वो काफी साल से रही है यहां पर... उनके छोटे बच्चों को भी अगर खांसी होती है तो वो तुरंत यहीं आती हैं... हमने भी कहा कि वहां से दवा ले लो, तो नहीं, हम तो जहां से आते हैं वहीं जाते हैं शुरू से...

मतलब किसी ने हमें बताया फिर हम...

अब हम...

यहां पर आये हैं...

अब हमको

दो-तीन महीने से रहे हैं हम यहां तो...

अब हमको कुछ प्रॉब्लम हो गई है हमको, और हमको हॉरमोन्स में कुछ बता दिया, तुम्हारे यहां बच्चे-वच्चे नहीं होंगेया

इस वजह से फिर हम यहां पर आये हैं...

तो, हमारी ताई को तो हमने बताया नहीं, एक दिन वो ही बोल पड़ी, कि क्या बात है सुरेश, अभी शादी हो गई, बच्चे-वच्चे क्यों नहीं हैं आपके, क्या? तो मैंने कहा, फिर ताई को खुलके बताया हर चीज, कि ताई मेरे को ऐसी-ऐसी प्रॉब्लम है, मुझे ऐसा-ऐसा लगता है, मन में कुछ अशंका है... तो मेरी ताई बोली, चलो ठीक है, शंका लगती है, तुम मेरे साथ चलो... मैंने कहा चलो... फिर ये यहां लाई, ये अंकल जी ने सब समझाया हमें... कि देखो जी ईलाज लंबा भी चल सकता है और बीच में झटका भी मार सकता है... मतलब बीच में ईलाज आपका क्या पता पूर्ण हो जाये, मतलब तीन से पांच महीने भी खानी पड़ सकती है दवाई, या छः महीने भी, हद से हद... आईडिया ये ही बताया था उन्होंने... तो अब ये है, भई हमारे बीच में लड़ाई-झगड़ा काफी हुआ... बच्चे नहीं होंगे तो मैं चली जाऊंगी अपने घर... हमने कहा, कोई बात नहीं... इन्होंने, अंकल जी ने समझाया इनको, कि कोई घबराने वाली बात नहीं है... छोटी-मोटी प्रॉब्लम है, सॉल्व हो जायेगी... बाकी आप फिर भी अगर विश्वास नहीं करना चाहते तो आप जा सकते हो... अब ये, इसी बात के लिये तसल्ली करती है, हर हफ्ते मेरे साथ आती है, पहले तो आती भी नहीं थी, मगर अब तो एक-डेढ़ महीने से लगातार रही है... कहीं मैं सोचूं कि मैं झूठ बोल रहा हूं, मगर ये आती है हर विज़िट पे, डॉक्टर साहब इसको बताते हैं कि बेटी, ऐसी कोई घबराने वाली बात नहीं है, छोटी-मोटी प्रॉब्लम है, किस इंसान को प्रॉब्लम नहीं आती... जाती है... कोई गलत काम नहीं करना, कोई नशा भी नहीं, चलो कोई दारू पीता हूं या गांजा, या कुछ भी, कुछ भी नहीं पीता मैं... किस्मत है, जो प्रॉब्लम थी वो हो गई... मगर जब से अंकल जी ने बताया है तो काफी मुझको आराम भी है और बहुत आराम है, काफी...

आपको क्या लगता है, इससे क्या होने वाला है?

(महिला के हंसने की आवाज़)

नहीं आपको थोड़ा सा विश्वास नहीं था पहले... अब विश्वास गया है?

हां, लगता है थोड़ा-थोड़ा विश्वास अब, मतलब, पहले ये लोग, मतलब, पहले वहां जाते थे, अरविन में चक्कर लगाते थे... हम सोचते थे कि नहीं, ये झूठ बोल रहे हैं हमसे, के ये हम वहां जाते हैं, वहां जाते हैं, तो हम इनकी मम्मी से भी बहुत बोली के हम, मतलब, के आप इनका ईलाज नहीं करवा रहे हो... तो वो कह रहे, नहीं हम इनका ईलाज करवायेंगे तो टैम आने पर करवायेंगे... मैंने कहा टैम आने पे कब करवाओगे आप, मैंने कहीं... तो कह रहे थे हमारे हाथ में जब पैसे आयेंगे तब इनका इलाज दिखयेंगे... तब इनको दिखायेंगे, करेंगे... तो इस बात पर हमारे घर में बहुत तू-तू, मैं-मैं हुई... मम्मी, पापा, इनकी, सबकी लड़ाई हुई... तो फिर इस वजह से हमने इनसे कहा था कि आप, अपने, इनका इलाज करवाओ... जब मैं यहां पर आऊंगी, नहीं तो नहीं आऊंगी... ऐसे बोला था मैंने... तो फिर हमने कहा, हमारी सास बोलने लगी के कोई बात नहीं, तू घबरा मत, हम अपने लड़के का ईलाज करवायेंगे और तेरे घर पे होंगे बच्चे-वच्चे, सब होंगे... एक हमारी ताई हैं, उनसे बोला, कहा, मैं काफी रोई, उन्होंने मुझे फिर समझाया, कि रोये मत तू, डॉक्टर हैं हमारे बहुत पुराने, उनके पास इनको लेकर जायेंगे, सही हो जाओगे... तुम घबराओ मत... घबराना नहीं बिल्कुल... मैंने ऐसा कहा था... फिर इस वजह से मुझे अब थोड़ा विश्वास लगता है...

और जब से ये हर्बन की कुछ जांचें-वांचें आई थी तो उसमें तो बिल्कुल उम्मीद हमने छोड़ दी थी... मतलब उन्होंने बताया कि, हरेक डॉक्टर को दिखाया मैंने, कि डॉक्टर साहब मुझे ये प्रॉब्लम है, ये कैसे ठीक हो पायेगी? तो सबने मना ही कर दिया...

मना ही कर दिया सबने...

नहीं ही होगा...

मतलब...

हमने प्राईवेट भी बहुत करा के देख लिया...

एक तुक्का है कि लग भी सकता है और नहीं भी हो सकता है काम तुम्हारा... एक ये ही है, बस... बात है, सौ परसैंट में से यही है कि हमें 90% नहीं होगा, 10% हो सकता है... सब जगह, प्राईवेट भी एक जगह कागज़-वागज  दिखाये, खंडेलवाल है तुम्हारा कृष्णा नगर पे, मेन रोड़ पर, वहां दिखाया, वहां उन्होंने चैकअप किया, उन्होंने भी यही लिखा था कि भई तुम्हारा ऑपरेशन तो संभव है... हमने कहा ठीक है जी... मगर ऑपरेशन संभव तब है, जब, ऑपरेशन कामयाब </

exercise (hindi): 

इस मरीज़ के यहाँ आने का मुख्य कारण क्या था?

1 अरविन जाना

2 प्राइवेट जाँच करवाना

3 ताई जी का कहना

4 बच्चों का कहना

इस मरीज़ के लिए कौन सी एक जाँच ज़रूरी थी?

1 ई.वी.जी.

2 हरमोन

3 पेट की

4 भूख की

exercise (urdu): 

اس مرٰیض کے یہاں آنے کی وجہ کیا تھی؟

1 ارون جانا

2 پرائویٹ چانچ کرانا

3 تائی جی کا کہنا

4 بچّوں کا کہنا

اس مریض کے لئے کونسی ایک چانچ ضروری تھی؟

1 ای۔ وی۔ جی۔

2 ہرمون

3 پیٹ کی

4 بھوک کی