UT wordmark
College of Liberal Arts wordmark

Unani Practice

Faith and Religion

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

Service

खिदमत

Sufi

सूफी

Shrine

दरगाह

Votive, candle

मन्नत

Knowledge

इल्म

God's gift

खुदा की नेमत

People are fine

लोग ठीक होते हैं

Believe

मानते हैं

Name of a Sufi saint

बू अली शाह कलंदर

A Muslim holy place

साबिर कलीयर

A renowned Muslim Sufi saint with his dargah in Ajmer

खवाजा मुईनुद्दीन चिश्ती

The dargah of Rahmat Allah Ali

रहमत अल्लाह अलई की दरगाह

A renowned Muslim Sufi saint

हजरत निजामुद्दीन अौलिया

A Muslim holy place

बरेली शरीफ

 

अहमद रज़ा बरेलवी

 

मौहम्मद मुस्तफा रज़ा चिराग ए हिन्द

Muslim saint

पीर

Guru

गुरू

Sir

हजरत

Practice

अमल

Rituals and sacred incantations

तंत्र-मंत्र

Determination and hard work

शिद्दत

The patient, by the grace of God

मरीज खुदा के फजलो करम से

Fine, alright

ठीक

From morning to evening

सुबेरे से शाम तक

Money

पैसा

Known, proven

साबित

Penalty, punishment

सज़ा

transcription (hindi): 

मुझे जनाब ये बतायें कि जो इलाज आप करते हैं...

हां...

लोगों की खिदमत करते हैं...

जी...

सूफी भी हैं आप...

जी...

तो दरगाह जाते हैं...

जी हां, जाते हैं...

तो दरगाह से आप किस किस्म की, आप एक मन्नत मांग के

हां...

क्योंकि इसमें, कहते हैं कि इसमें...

हां...

इल्म ही सब कुछ नहीं है...

हां...

खुदा की नेमत है...

जी हां...

जिससे लोग ठीक होते हैं...

जी हां...

तो इस बात को कहां तक मानते हैं?

पूरी मानता हूं, बू अली शाह कलंदर और मैं बराबर जाता हूं... आज से साल 27 हो गई... बू अली शाह कलंदर भी जाता हूं, साबिर कलीयर भी जाता हूं, खवाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भी, रहमत उल्लाह अलई की दरगाह में भी जाता हूं, हजरत निजामुद्दीन औलिया भी जाता हूं और बरेली शरीफ भी जाता हूं, अहमद रज़ा बरेलवी... और मौहम्मद मुस्तफा रज़ा चिराग ए हिन्द, हिन्दुस्तान, मौहम्मद मुस्तफा रज़ा... वो हमारे पीर हैं, हमारे गुरू हैं, हमारे हजरत हैं...

उनके पास जा के किस किस्म का आपको लगता है कि आपके हाथ में कुछ एक बात आ जाती है कि लोगों को दवा आप दे पाते हैं?

वो हमें ये हाथ आई जो उन्होंने मुझे आज्ञा दी पढ़ के और कहने लगे ये अमल पढ़ियेगा, वो मैं अमल पढ़ता हूं और उसी की चीज़, तंत्र-मंत्र, कोई चीज भी देता हूं तो शिफा अल्लाह अली रिब्बा, शिद्दत देता है उसे... और आज तलक मरीज खुदा के फजलो करम से ठीक ही हो के जाता है और सुबेरे से शाम तक वैसे भी आते रहते हैं... अगर सोता भी रहता हूं जब भी लोग तंग करते हैं कि मुन्ने... और आज तक पैसा मांगा नहीं, अगर कोई हमें साबित कर दे मौहल्ले में, के मुन्ने ने पैसा लिया, जो मुर्गी की सज़ा वो मेरी सज़ा...

exercise (hindi): 

इल्म ही सब कुछ नहीं, खुदा की नेमत है, मुन्ने मियां ये कहाँ तक मानते हैं?

1 दुआ में विश्वास नहीं रखते हैं

2 कुछ कुछ

3 पूरी तरह

4 खाली दवा देते हैं

मुन्ने मियां मरीज़ को क्या देते हैं कि मरीज़ ठीक हो जाता है?

1 दवाई

2 शर्बत

3 अमल पढ़ते हैं

4 जड़ी-बूटी

vocabulary (urdu): 

Service

خدمت

Sufi

صوفی

Shrine

درگاہ

Votive, candle

منّت

Knowledge

علم

God's bounty

خدا کی نعمت

People are fine

لوگ ٹھیک ہوتے ہیں

Believe

مانتے ہیں

Names of well-known Sufi saints

بو علی شاہ خلندر

 

صابر کلیان

 

خواجہ معین الدّین چشتی

 

رحمت اﷲ علی کی درگاہ

 

حضرت نظام الدّین اولیأ

 

بریلی شریف

 

احمد رضا بریلوی

 

محمّد مصطفی رضا چراغِ ہند

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

transcription (urdu): 

 یہ بتائیں کہ جو علاج آپ کرتے ہیں۔۔۔

 

ہاں۔۔۔

 

لوگوں کی خدمت کرتے ہیں۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

صوفی بھی ہیں آپ۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

تو درگاہ جاتے ہیں۔۔۔

 

جی ہاں، جاتے ہیں۔۔۔

 

تو درگاہ سے آپ کس قسمم کی، آپ ایک منّت مانگ کے۔۔۔

 

ہاں۔۔۔

 

کیونکہ اس میں، کہتے ہیں کہ اس میں۔۔۔

 

ہاں۔۔۔

 

علم ہی سب کچھ نہیں ہے۔۔۔

 

ہاں۔۔۔

 

خدا کی نعمت ہے۔۔۔

 

جی ہاں۔۔۔

 

جس سے لوگ ٹھیک ہوتے ہیں۔۔۔

 

جی ہاں۔۔۔

 

تو اس بات کو کہاں تک مانتے ہیں؟

 

پوری مانتا ہوں، بو علی شاہ خلندر اور میں برابر جاتا ہوں۔۔۔ آج سے ستّائیس سال ہو گئے ہیں۔۔۔ بو علی شاہ خلندر بھی جاتا ہوں، صابر کلیر بھی جاتا ہوں، خواجہ معین الدّین چشتی بھی، رحمت اﷲ علیہ کی درگاہ میں بھی جاتا ہوں، حضرت نظام الدّین اولیأ بھی جاتا ہوں اور بریلی شریف بھی جاتا ہوں، احمد رضا بریلوی۔۔۔ اور محمّد مصطفی رضا چراغِ ہند، ہندوستان، محمّد مصطفی رضا۔۔۔ وہ ہمارے پیر ہیں، ہمارے گرو ہیں، ہمارے حضرت ہیں۔۔۔

exercise (urdu): 

علم ہی سب کچھ نہیں، خدا کی نعمت ہے، منّے میاں یہ کہاں تک مانتے ہیں؟

1 دعا میں وشواس نہیں رکھتے ہیں

2 کچھ کچھ

3 پوری طرح

4 خالی دوا دیتے ہیں