UT wordmark
College of Liberal Arts wordmark

Faith and Diseases

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

Long time, a while

अर्सा

Disease

मर्ज

Difference

फर्क

Almost, approximately

तकरीबन

AIDS

एड्स

 

जाफी

 

बर्स

Leucoderma

ल्यूकोडर्मा

 

नफीसा

By local herbs

देसी जड़ी-बूटियों से

Nasal congestion

नज़ला

Cough

खांसी

Cold

ज़ुखाम

Stomach

पेट के

Treatment

शिफा

God's grace

अल्लाह की करम

 

बरकत

By God's agency

अललाह के हाथ

Effective to an extent

किस हद तक कारगार

transcription (hindi): 

हकीम साहब, ये बतायें कि किस-किस किस्म के मरीज आपके पास आते हैं, अभी... हां... और जो पहले, अब तो आपको अर्सा हां... हो गया है इसको करते हुये, तो पहले जिस किस्म के मर्ज थे, क्या वो मर्ज बढ़ गये हैं? कुछ फर्क नज़र आता है आपको इसमें? मर्ज तो तकरीबन वो ही हैं, कोई जो है एड्स वगैरह, ये जो है, ये जाफी हुये हैं मर्ज, बाकी हमारे बर्स के आते हैं ल्यूकोडर्मा के भी आते हैं और नफीसा भी वो ही है इसे, और वो शूगर के भी आते हैं... शूगर का भी जो हमारा काम हुआ है, रिसर्च वर्क, तो उसमें जो है दो-तीन हफ़्ते में, वो, दो-तीन महीने में जो है कंट्रोल में आ जाती है शूगर, ये देसी जड़ी बूटियों से... और नज़ला, खांसी, ज़ुखाम, पेट के जो स्पेशल, जो नहीं हो पाता, वो भी यहां पर आकर शिफा हो जाती है अल्लाह की करम से... ये, इसी से, एक सवाल ये है कि, हाथ आपका है, बरकत... बरकत उसकी, शिफा अल्लाह के हाथ है... वो, वो, किस हद तक कारगर है... कितना मानते हैं आप उसको? हो जाते हैं, अस्सी-नब्बे परसेंट तो सही लगती है... पांच-दस परसैंट है, और जिसका वक्त आ गया, वो तो, उसका तो हम कुछ कर ही नहीं सकते... वैसे भी हम, जब ऐसा होता है तो हम फिर हॉस्पीटल में भी रैफर कर देते हैं...

translation (hindi): 

 

exercise (hindi): 

हकीम जी के पास कौन से मर्ज़ के मरीज़ आते हैं

1 एड्स

2 ल्यूकोडर्मा

3 सभी

4 शूगर

"हाथ आपका, बरकत उसकी" से हकीम जी को ये कहाँ तक सही लगती है?

1 ५०%

2 ७०%

3 ८०-९०%

4 १००%

vocabulary (urdu): 

Long time, a while

اثر

Disease

مرض

Difference

فرق

Almost, approximately

تقریباً

AIDS

ایڈز

 

جافی

 

ورس

Leucoderma

لیوکوڈرمہ

 

نفیسا

By local herbs

دیسیی جڑی بوٹیوں سے

Nasal congestion

نزلہ

Cough

کھانسی

Cold

زکام

Stomach

پیٹ کے

Treatment

شفی

God's grace

اللّہ کا کرم

 

برکت

By God's agency

اللّہ کے ہاتھ

Effective to an extent

کس حد تک کارگار

transcription (urdu): 

حکیم صاحب، یہ بتائیں کہ کس کس قسم کے مریض آپ کے پاس آتے ہیں، ابھی۔۔۔ ہاں۔۔۔ اور جو پہلے، اب تو آپ کو اثر ہاں۔۔۔ ہو گیا ہے اس کو کرتے ہوئے، تو پہلے جس قسم کے مرض تھے، کیا وہ کمض بڑھ گئے ہیں؟ کچھ فرق نذر آتا ہے آپ کو اس میں؟ فرض تو تقریباً وہ ہی ہیں، کوئی جو ہے ایڈز وغیرہ، یہ جو ہے، یہ جافی ہوئے ہیں مرض، باقی ہمارے برس کے آتے ہیں لیوکوڈرمہ کے بھی ہیں اور نفیزا بھی وہ ہی ہے اسے، اور وہ شوگر کے بھی آتے ہیں۔۔۔ شوگر کا بھی جو ہمارا کام ہوا ہے، ریسرچ ورک، تو اس میں جو ہے دو تین ہفتے میں، وہ دو تین مہینے میں جو ہے کنٹرول میں آ جاتی ہے شوگر، یہ دیسی جڑی بوٹئیؤن سے۔۔۔ اور نزلہ، کھانسی، زکام، پیٹ کے جو اسپیشل، جو نہیں ہو پاتا، وہ بھی یہاں پر آ کر شفی ہو جاتی ہے اللّہ کی کرم سے۔۔۔ یہ، اسی سے، ایک سوال یہ ہے کہ ہاتھ آپ کا ہے، برکت۔۔۔ برکت اس کی، شفی اللّہ  کے ہاتھ ہے۔۔۔ وہ، وہ، کس حد تک کارگر ہے۔۔۔ کتنا مانتے ہیں آپ اس کو؟ ہو جاتے ہیں، اسّی نوّے پرسینٹ تو صحیح لگتی ہے۔۔۔ پانچ دس پرسینٹ ہے، اور جس کا وقت آ گیا، وہ تو، اس کا تو ہم کچھ کر ہی نہیں سکتے۔۔۔ ویسے بھی ہم، جب ایسا ہوتا ہے تو ہم پھر ہاسپٹل میں بھی رفر کر دیتے ہیں۔۔۔

exercise (urdu): 

حکیم جی کے پاس کونسے مرض کے مریض آتے ہیں؟

1 ایڈز

2 لیوکوڈرما

3 سب ہی

4 شوگر

ہاتھ آپکا، برکت آپکی والی بات حکیم جی کو کہاں تک صحیح لگتی ہے؟

1 پچاس فیصد

2 ستر فیصد

3 اسی سے نوے فیصد

4 سو فیصد