UT wordmark
College of Liberal Arts wordmark

Diagnosis in Unani

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

Patient

मरीज

 

Sequential treatment

सिलसिलेवार ईलाज

सिलसिलेवार इलाज

Pulse

नब्ज़

 

Phlegm

बलगम

 

Moment

दम

 

Pulse rate

नब्ज़ की रफ्तार

 

More action

ज्यादा हरकत

 

 

सरी

 

Fever

बुखार

 

Heat

हरारत

 

Medicine

दवाई

 

 

मजाहिदा

 

 

अलामाताए साईनस सिम्टम्स

 

 

याया

 

Kidney

गुर्दे का

 

 

वल्म

 

Pockets under the eyes

अांखों के नीचे खूली

 

Red eye

अांख जर्द

 

Eye irritation

अांखों में जलन

 

Result, outcome

नतीजा

 

Cure, remedy, treatment

ईलाज

इलाज

 

पथरी

 

 

शुबा

 

Harm

हर्ज

 

 

तशकीक

 

Medications, drugs

दवाईयां

 

Boundaries

सरहदें

 

Things that profit

नफा देने वाली चीजें

 

transcription (hindi): 

अ, ये बतायें कि यहां पर जो मरीज आते हैं उनका किस तरह से सिलसिलेवार ईलाज किस तरह से होता है? आप पहले नब्ज़ देखते हैं, फिर वो बलगम, दम, बलगम वगैरह जो आपका एक सिलसिला है, वो देखते हैं... जी... वो कैसे करते हैं, वो मुझे खुल के जरा बतायें... हां... मरीज आपके पास है, मरीज... मरीज है तो नब्ज़ उसमें देखी जाती है... नब्ज़ की रफ्तार जो 72 होती है, अब, वो, एक मिनट में... अगर वो ज्यादा हरकत करती है, तेज है, जिसे सरी कहते हैं आप, उसमें, बुखार में होती है, उसमें हरारत भी हो जाती है, इस तरीके से, इस... तो उसके जो है हम दवाई देते हैं, बुखार, उसमें फिर उसकी जो है, फेसिज या उसकी, मजाहिदा कहते हैं हम उसकी... अलामाताए साईनस सिम्टम्स है, उससे कुछ पूछते हैं... सब चीज जोड़ के नतीजा आसिर करते हैं, उसके बाद वो फिर देते हैं... कुछ चीजें नब्ज़ से पता चलती हैं, कुछ चीजें जो है याया से, मसलन गुर्दे का है, वल्म है, तो यहां पे, जो है आंखों के नीचे खूली हो जाता है... इसी तरीके से बहुत सी चीजें, अगर ईयर, कान है, जौन्डिस है तो आंख जर्द नहीं होती, आंखों में जलन होता है... तो ये सारे सिम्टम... सारे, सब चीज जोड़के और नतीजा खस करते हैं और फिर ईलाज शुरू करते हैं... जैसे ऐलौपैथी में और टैस्ट भी कराये जाते हैं, के एक्सरे करवा लो, अल्ट्रासाउंड करा लो, यहां पर नहीं होता इस तरह का सिस्टम... नहीं, बहुत जरूरी अगर होता है तो कराते हैं... मतलब जो अल्ट्रासाउंड वगैरह, उसमे पता चल जाये, पथरी वगैरहा का उसमें आसानी से पता चल जाता है... फ्रैक्चर है, ये है, अगर उसमें शुबा होता है, वाद है, फ्रैक्चर है, तो इसका इस्तेमाल करते हैं, इसमें कोई हर्ज भी नहीं है... कोई परहेज नहीं है ऐलौपैथी से आपको? नहीं, ऐलौपैथी की दवाई इस्तेमाल करें, मतलब तशकीक के अंदर जो है, उसमें देते हैं... दवाईयां तो मैं बता चुका हूं यही हैं, नाम सबके अलग है... उनके जो... जी... तकरीबन सबकी सरहदें जो हैं मिल जाती हैं... ये अच्छी बात आपने कही कि सरहदें मिल जाती हैं... तो, मतलब परहेज नहीं है ऐलौपैथी से... उनकी, उनकी भी... लोगों को... उनकी अच्छाईयां हैं जो आप... हां... आप इस्तेमाल कर सकते हैं... हां, नफा देने वाली चीजें लोगों को हम पहुंचा सकते हैं, पहुंचाते हैं...

exercise (hindi): 

मरीज़ को क्या बीमारी है, हकीम कैसे पता करते हैं?

1 नब्ज़ से

2 याया से

3 सभी से

4 आँखों से

एलोपैथिक का यूनानी में कब इस्तेमाल होता है?

1 जब नजला या जुकाम हो

2 जब बुखार हो

3 जब पथरी के लिये ऐक्स रे करना हो

4 जब आँख सूज जाए

vocabulary (urdu): 

Patient

مریض

 

Sequential treatment

سلسلہوار علاج

 

Pulse

نبض

 

Phlegm

بلغم

 

Moment

دم

 

Pulse rate

نبض کی رفتار

 

More action

زیادہ حرکت

 

 

صریع

 

Fever

بخار

 

Heat

حرارت

 

Medicine

دوائی

 

 

مشاہدہ

 

Signs, symptoms

علامتیں

 

 

یایا

 

Kidney

گردے کا

 

 

ورم

 

Forming of pockets under the eyes

آنکھوں کے نیچے پھول وول جانا

 

Yellow eye

آنکھ زرد

 

Eye irritation

آنکھوں میں جلن

 

Result, outcome

نتیجہ

 

Cure, remedy, treatment

علاج

 

 

پتھری

 

 

شبا

 

Harm

ہرج

 

 

تشخیص

 

Medications, drugs

دوائیاں

 

Boundaries

سرحدیں

 

Things that profit

نفع دینے والی چیزیں

 

transcription (urdu): 

یہ بتائیں کہ یہاں پر جو مریض آتے ہیں ان کا کس طرح سے سلسلہوار علاج، کس طرح سے ہوتا ہے؟ آپ پہلے نبض دیکھتے ہیں، پھر وہ بلغم، دم، بلغم والا جو آپ کا ایک سلسلہ ہے، وہ دیکھتے ہیں۔۔۔

جی۔۔۔

وہ کیسے کرتے ہیں، وہ مجھے کھل کے ذرا بتائیں۔۔۔

ہاں۔۔۔

مریض آپ کے پاس ہے، مریض۔۔۔

مریض ہے تو نبض اس میں دیکھی جاتی ہے۔۔۔ نبض کی رفتار جو 72 ہوتی ہے، اب، وہ، ایک منٹ میں۔۔۔ اگر وہ زیادہ حرکت کرتی ہے، تیز ہے، جسے صریع کہتے ہیں،  تو وہ اس میں، بخار میں ہوتی ہے، اس میں حرارت بھی ہو جاتی ہے، اس طریقے سے، اس۔۔۔۔ تو اس کے لئے جو ہے ہم دوائیں دیتے ہیں بخار، اس میں پھر اس کی جو ہے، ہم اسے فیسز یا اس کی، مشاہدہ کہتے ہیں ہم اس کی۔۔۔  علامات سائن اور سمپٹمس ہیں، اس کو کچھ پوچھتے ہیں۔۔۔ سب چیز جوڑ کے نتیجہ کرتے ہیں، اس کے بعد پھر وہ دیتے ہیں۔۔۔ کچھ چیزیں نبض سے پتہ چلتی ہیں، کچھ چیزیں جو ہے یایا سے، مثلاً گردے کا ہے، ورم ہے، تو یہاں پہ، جو ہے آنکھوں کے نیچے پھول وول جاتا ہے۔۔۔ اسی طریقے سے بہت سی چیزیں، اگر ایر، کان ہے، جانڈس ہے تو زردی ہوتی ہیں آنکھوں میں، آنکھوں میں جلن ہوتا ہے۔۔۔

تو یہ سارے سمپٹم۔۔۔

ساری چیزیں، سب چیز جوڑ کے اور نتیجا اخذ کرتے ہیں اور پھر علاج شروع کرتے ہیں۔۔۔

جیسے ایلوپیتھی میں اور ٹیسٹ بھی کرائے جاتے ہیں، کہ ایکس رے کرا لو، الٹراساؤنڈ کرا لو، یہاں پر اس طرح کا نہیں ہوگا سسٹم۔۔۔

نہیں، بہت ضروری اگر ہوتا ہے تو کراتے ہیں۔۔۔ مطلب جو الٹراساؤنڈ میں، اس میں پتہ چل جائے، پتھری وغیرہ کا اس میں آسانی سے پتا چل جاتا ہے۔۔۔ فریکچر ہے، یہ ہے، اگر اس میں شبہ ہوتا ہے، واد ہے، فریکچر ہے، تو اس کا استعمال کرتے ہیں، اس میں کوئی ہرج بھی نہیں ہے۔۔۔

کوئی پرہیز نہیں ہے ایلوپیتھی سے آپ کو؟

نہیں، ایلوپیتھی کی دوائی استعمال کریں، مطلب تشخیص کے اندر جو ہے، اس میں دیتے ہیں۔۔۔ دوائیاں تو میں بتا چکا ہوں یہی ہیں، نام سب کے الگ ہیں۔۔۔ ان کے جو۔۔۔

جی۔۔۔

تقریباً سب کی سرحدیں جو ہیں مل جاتی ہیں۔۔۔

یہ اچھی بات آپ نے کہی کہ سرحدیں مل جاتی ہیں۔۔۔ تو مطلب پرہیز نہیں ہے ایلوپیتھی سے۔۔۔ ان کی، ان کی بھی۔۔۔

لوگوں کو۔۔۔

ان کی اچّھائیاں ہیں جو کہ آپ۔۔۔

ہاں۔۔۔

آپ استعمال کر سکتے ہیں۔۔۔

ہاں، ہاں نفع دینے والی چیزیں ہم لوگوں کو پہنچا سکتے ہیں، پہنچاتے ہیں۔۔

exercise (urdu): 

مریض کو کیا بیماری ہے، حکیم کیسے پتہ کرتے ہیں؟

1 نبض سے

2 یایا سے

3 آنکھوں سے

4 اوپر دئے گئے سبھی سے