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Dr. Vimal K. Modi - 04: Naturopathy

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About This Lesson: 
Dr. Vimal Kumar Modi talks about the kind of patients who arrive at his center.
vocabulary (hindi): 

जीवन पर्यन्त 

 

Life long

मधुमेह

 

Diabetes

उच्च रक्तचाप

 

High blood pressure

गठिया

 

Arthritis

दमा

 

Asthma

ऐग्ज़ीमा

 

Eczema

ल्यूकोडर्मा

 

Leukoderma

अम्ल-पित्त

 

Bile and bodily juices

आंव

 

Dysentery

कब्ज

 

Constipation

वायु विकार

 

Disorders generated by air-imbalance

बवासीर

 

Haemorrhoides

खूनी बवासीर

 

Haemorrhoides with blood

माइग्रेन

 

Migraine

एलर्जी

 

Allergy

मरीज

 

Patient

कार्टिसोन

 

Cortizone

उन दवाओं से उसे मुक्ति दिलायें

 

To get well so that he does not have to take those medicines again

दवा का सहारा ना लेना पड़े

 

To get well so that the patient does not have to depend on medicines

transcription (hindi): 

ये बतायें कि आपके पास किस किस प्रकार के मरीज आते हैं यहां पे? ज्यादातर आपको, एक, एक, पता चल जाता है, एक ढर्रा पता चल जाता है कि इस इस प्रकार के मरीज एक समय से आ रहे हैं? तो किस प्रकार के मरीज आपके पास आते हैं और कितने समय तक आपके पास रहते हैं?

देखिये मेरे पास तो वो मरीज आते हैं जो दवा खाते खाते थक चुके होते हैं... जो ऐलोपैथी, होम्योपैथी, आयुर्वेद, यूनानी करके हार चुके होते हैं... वो आते हैं... आखिरी चिकित्सा कराने के लिये... तो इसलिये मेरे पास वही मरीज होते हैं जिनको दवायें जीवन-पर्यंत खानी होती हैं और वो दवायें अब काम करना बंद कर दे रही हैं... अब वो करे तो क्या करे...मधुमेह, उच्च-रक्तचाप, गठिया, दमा, एग्ज़ीमा, ल्यूकोडर्मा, अम्ल-पित्त, आँव, कब्ज, वायु-विकार, बवासीर, खूनी-बवासीर, irritable बावल सिंड्रोम, माइग्रेन, ऐसे रोगी आते हैं... उन्हें पहले तो इस लायक बनाया जाये कि वो दवा बिना रह सकें... उसमें कितना समय लगेगा, ये निश्चित रूप से नहीं बता पाना संभव होता... क्योंकि उन्होंने कैसी-कैसी विचित्र दवाएँ खाई हैं... कितनी-कितनी स्ट्रांग दवाएं का प्रयोग किया है, वो नहीं पता होता...

जैसे आजकल तो जब कोई चीज नहीं समझ में आ जाती तो एलोपैथ उसको एलर्जी कह देते हैं... फंस गया मरीज... अब वो दवाएं खा रहा है... और फिर उसे कॉर्टिसोन भी खाना पड़ता है... कभी-कभी तो वो कॉर्टिसोन काम करना बंद कर देती है... अब वो जो कॉर्टिसोन जो नुकसान कर रही है उसके लिये दवायें शुरू करते हैं कि उसका नुकसान बचा सकें... पहले ही क्यों कार्टिसोन दिया... पहले ही ये क्यों नहीं समझा कि कार्टिसोन से ये रोग नहीं जायेगा... इसलिये हमारे लिये बहुत मुश्किल होता है कि हम उन दवाओं से उसे मुक्ति दिलाएँ... इसलिये महीने, डेढ महीने तो उन दवाओं से मुक्ति दिलाने से लग जाता है... फिर महीने भर उसकी चिकित्सा की जाये और इस लायक बनाया जाये कि उसे दवा का सहारा न लेना पड़े... फिर दस-पंद्रह दिन और चाहिये कि वो उस रास्ते चलकर अपने जीवन को काट सके, रोग से मुक्त हो सके और स्वस्थ रह सके...

exercise (hindi): 

1) किस तरह के मरीज़ आते हैं डॉ० मोदी के पास?

1) जिस मरीज़ को दवा खाना पसंद है।

2) जिस मरीज़ को सिर्फ़ दो दिन की दवा चाहिये।

3) जिस मरीज़ को ऐलोपैथी में पूरी उम्र दवा खानी पड़े और दवा खा के वह तंग आ जाए।

4) जिस मरीज़ को कैन्सर है।

2) डॉ० मोदी ऐलोपैथी की दवाओं से कैसे मुक्ति दिलाते हैं?

1) पहले दवा लेने की आदत छुड़ाते हैं।

2) दवा से स्वस्थ कराते हैं।

3) मरीज़ को इस लायक बनाते हैं कि दवा का सहारा न लेना पड़े।

4) सब

vocabulary (urdu): 

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transcription (urdu): 

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exercise (urdu): 

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