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Dr. Vimal K. Modi - 16: Naturopathy, Daily Routine

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About This Lesson: 
Dr. Modi describes the general routing that his patients follow.
vocabulary (hindi): 

दिनचर्या

Daily routine

इलाज  

Treatment

निवारण

Prevention

आरोग्य मंदिर

Temple which gives health (Here, proper noun)

ठंडी चिकित्सा

Cold treatment

कटि स्नान  

Waist-bath

लैग गैट

 

पेडू

Lower belly

मिट्टी की पट्टी

Bandage of mud

आंख कमजोर

Eyes have become weak

आंख पे गीला कपड़ा रखना

To put wet cloth on eye

ऋतु के फल

Seasonal fruit

विश्राम

Rest

transcription (hindi): 

मरीजों की दिनचर्या आप किस तरह से बांटते हैं? क्या, क्या कुछ एक निर्धारित है आपका कि आपकी दिनचर्या कितने बजे सुबह शुरू होगी और कैसे कैसे आपको क्या क्या करना है?

दिनचर्या तो रहती है... उस दिनचर्या का एक ही उद्देश्य होता है कि मरीज की जीवन शक्ति बढ़े... हर हर रोगियों का प्राकृतिक चिकित्सा में कोई इलाज नहीं है... कोई भी रोग हो, कोई भी नाम हो, हम शरीर की जीवन-शक्ति को बढ़ाते हैं और वो जीवन शक्ति उस रोग का निवारण करती है... इसलिये जो नियम यहां बनाये गये हैं वो जीवन शक्ति को ठीक रखने के लिये, बढ़ाने के लिये ही बनाये गये हैं... मरीज से ये कहा जाता है कि सुबह उठे...

कितने बजे?

पांच बजे से छः बजे तक क्योंकि सबको जबर्दस्ती, मेरे यहां जबर्दस्ती नहीं होती है... क्योंकि जब, और नियम की पाबंदता भी नहीं है... यों मत कहें की जेल की तरह, जेलर नहीं हैं... हम मरीज को समझाते हैं... बार बार समझाते हैं... और ये मैं आपको बता दूं कि वो जाने से पहले मेरे सारे नियम को स्वतः कर के जाता है... मैंने उससे कहा कि चाय नहीं पीना चाहिये लेकिन आरोग्य मंदिर के बाहर निकले तो सौ दो सौ मीटर में उसको चाय मिल जाती है... लेकिन मैं उससे आपसा, आपसी समन्वय इतना बढ़िया रखता हूं कि वो मुझसे कहता है कि डॉक्टर साहब, मैं चाय पीकर आ गया... मैं उसे समझाता हूं... फिर वो मानता है... फिर समझाता हूं... पांच सात दिन में समझ में आ जाता है कि चाय पीना स्वास्थ्य के लिये अहितकर है... ये ऐसा नहीं होता कि दस बीस मरीजों में ही होता है... सब लोग तो स्वतः मान जाते हैं... सुबह पांच से छः बजे तक उठना होता है... फिर एक ठंढी चिकित्सा लेनी होती है... कटि स्नान जिसको कहते हैं... कटि स्नान के टब में बैठना होता है... वो निर्भर करता है कि उम्र क्या है, वजन कितना है... उस पे दो मिनट का लेना है कि पांच मिनट का लेना है कि दस मिनट का लेना है... जाड़ों में कटि-स्नान लेना संभव नहीं होता... तो लैग-गैट देते हैं दोनों घुटनों पे... नीचे पानी डालते हैं दो मिनट के लिये... या पेट को गीले कपड़े से दो मिनट के लिये गीले कपड़े से पोंछते हैं... उसके बाद उसको एक घंटा टहलने के लिये कहते हैं... टहलने के बाद, उसके बाद हम उसको एक घंटा आसन कराते हैं... फिर आठ से नौ में हम उसको नाश्ते के लिये समय देते हैं... नाश्ते में फल है, अंकुरित अनाज है और सूखे मेवे हैं... दूध दही बहुत रोग निवारण में मदद नहीं करता लेकिन कुछ रोगों में जरूर मदद करता है... जैसे अमल पित्त में दूध, पुराने आंव में irritable bowel syndrome में दही, मधुमेह में दही...

तो उस समय हम दूध और दही का भी, जो उसकी आवश्यकता होती है, वो उसको दिलाते हैं... नौ बजे से ग्यारह बजे के बीच में जो हमारी चिकित्सा है गर्म ठंडा कटि स्नान, भाप नहान, पैर का गर्म नहान, गर्म ठंडा कटि स्नान, मालिश, ये, मिट्टी की पट्टी, पैर की गरम ठंडे से, पूरे बदन पे मिट्टी, जैसी जिसकी आवश्यकता होती है, मैं हर कमरे में जा के मरीज की चिकित्सा पुस्तिका में लिख देता हूं... वो आ के नौ से ग्यारह के बीच में करवाते हैं... बारह बजे भोजनालय में भोजन मिलता है... दो तरह की उबली हुई सब्जियां, सलाद और चोकर समेत आटे की रोटी, और उसी गेहूं का दलिया... सब्ज्यिों में मिर्च मसाला नहीं होता... और फिर दो बजे से तीन बजे के बीच में उनको एक छोटी सी चिकित्सा... जैसे घुटने में दर्द है तो घुटने में गीली कपड़ा बांधना, ऊनी कपड़ा बांधना... वायु विकार है तो पेट को गर्म ठंडे से सेकना... बहुत गर्मी है पेड़ू में तो मिट्टी की पट्टी देना, आँख कमजोर है तो आँख पे गीला कपड़ा रखना , आदि आदि जो चिकित्सा होती है, वो देते हैं... फिर तीन से चार उसको रस, ऋतु के फलों का रस , जैसे इस समय गाजर बहुत मिल रहा है तो हम गाजर का रस देंगे, मौसमी मिल रही है मौसमी का रस देंगे, संतरा मिल रहा है संतरे का रस देंगे... जो ऋतु के फल हैं उस फल का रस होता है... फिर वो शाम को पांच से छः योग करता है... फिर छः से सात एक घंटा टहलता है... फिर रात का भोजन सात से साढ़े आठ के बीच में मिल जाता है... क्योंकि हम ये मानते हैं कि रात का भोजन सोने के दो घंटे पहले करना चाहिये... तो अगर वो सात बजे भोजन कर लेता है तो नौ बजे सो सकता है... तो भोजन सात से आठ में खत्म हो जाता है, वो फिर नौ दस बजे रात्रि विश्राम करता है और फिर सुबह की तैयारी शुरू हो जाती है...

exercise (hindi): 

1) मरीज़ दिनचर्या कैसे निभा पाते हैं?

१) डॉ० साहब उनको डाँटते हैं।

२) डॉ० साहब उनको बार-बार समझाते हैं।

३) डॉ० साहब धमकी देते हैं।

४) डॉ० साहब प्यार से समझाते हैं।

2) मरीज़ कटि स्नान के बाद क्या करते हैं?

१) टहलते हैं।

२) आसन करते हैं।

३) नाश्ता करते हैं।

४) सब

3) दूध, दही किस इलाज में इस्तेमाल करते हैं?

१) अम्ल पित्त में

२) पुराने आंव में

३) मधुमेह में

४) सब में

4) भोजनालय में क्या भोजन मिलता है?

१) उबली हुई सब्ज़ियाँ

२) सलाद

३) चोकर समेत आटे की रोटी

४) सब

5) डॉ० साहब फल का रस मरीज़ों को कब देते हैं?

१) जब फल पक जाएं

२) जब भी फल मिल जाएं

३) जब भी फलों का मौसम हो

४) जब पल सस्ते हों

6) डॉ साहब के हिसाब से रात का भोजन कब करना चाहिये?

१) सोने से आधे घंटे पहले

२) सोते समय

३) सोने के दो घंटे पहले

४) सोने से चार घंटे पहले

vocabulary (urdu): 

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transcription (urdu): 

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exercise (urdu): 

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