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Dr. Vineeta Modi - Health Education - The Suburban Stance Towards Healthcare During Pregnancy

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About This Lesson: 
Dr. Vineeta Modi reflects on the psychology towards healthcare during pregnancy period in suburban areas.
vocabulary (hindi): 

प्रैगनैंसी

 

Pregnancy

टिटनेस

 

Tetanus

टीका

 

Vaccine

फॉलिक एसिड

 

Folic Acid

सास प्रताड़ित वर्ग

 

Class of women abused/mistreated by mother-in-law

डॉक्टर साहब

 

Doctor

दवा

 

Medicine

प्रैगनैंसी

 

Pregnancy

अल्ट्रासाउंड

 

Ultrasound

फॉलिक एसिड

 

Folic Acid

उल्टी

 

Vomit/throw up

मरीज

 

Patient

कैल्शियम

 

Calcium

आयरन

 

Iron

प्रोटीन

 

Protein

कैल्शियम

 

Calcium

आयरन

 

Iron

प्रोटीन

 

Protein

टिटनेस

 

Tetanus

दो टिटनेस की सूईयों में कम से कम तीस दिन का अंतर होना ही चाहिये

 

Between two tetanus injections there should be a gap of 30 days

प्राईमरी हैल्थ सैंटर

 

Primary health center

चिकित्सा शिविर

 

Medical camp

बीमारी

 

Illness

चिकित्सालय

 

Clinic/Hospital/health care center

प्राईमरी हैल्थ सैंटर

 

Primary health center

छोटे डिस्ट्रिक्ट वगैरह में होता है उन्हें सैकेन्ड्ररी हैल्थ सैंटर्स कहे जाते हैं

 

Health centers which are in small districts, etc. are called as Secondary health centers.

।प्प्डै

 

 

हायर हैल्थ सैंटर्स

 

Higher health centers

असर पड़ता है

 

Does effect

बच्चेदानी

 

Womb

आर्गन्स

 

Organs

दबाव

 

Pressure

पेट का प्रैशर

 

Pressure of stomach

ब्लड प्रैशर

 

Blood pressure

डायबटीज़

 

Diabetes

स्कैन

 

Scan

प्रैगनैंसी

 

Pregnancy

डिलीवरी का टाईम

 

Time of delivery

मरीज की स्थिति

 

Condition of a patient

नवां

 

Ninth

अल्ट्रासाउंड

 

Ultrasound

transcription (hindi): 

तो ये जो एक सोच है गांव की, जो आप बतलाती हैं... शहरों में तो आप कह रहे हैं कि ज्यादा ओवर कॉशियस होते हैं, ज्यादा करने लगते हैं... और गांव और शहर के बीच का जो हिस्सा है जिसको सबर्बन कहा जाता है, वहां क्या स्थिति आपको नजर आती है? वहां कुछ खिचड़ी अलग पकती है...

कुछ अलग खिचड़ी तो नहीं कहेंगे पर सबर्बन लोगों में 80 प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं कि जो आवश्यक चीजें हैं, उतनी तो वो कर ही लेते हैं... उतना आप उनको समझाये क्योंकि थोड़े शायद पढ़े लिखे भी होते हैं, थोड़ा उनको समझ में भी आता है... वो समझना चाहते भी हैं... वो सीखने, सीखना चाहते वाले वर्ग में से हैं... तो 80 प्रतिशत लोग तो उसमें से, जितना आवश्यक है कि भई प्रैगनैंसी में दो टिटनेस का टीका लगना ही चाहिये, हमें पहले तीन महीने फॉलिक एसिड खाना ही चाहिये... उतना कर लेते हैं... जो 20 प्रतिशत लोग हैं वो सास-प्रताड़ित वर्ग हम जरूर कहेंगे क्योंकि हमें अपनी प्रैक्टिस में 20 से 30 प्रतिशत लोग ऐसे जरूर मिलते हैं जो सास प्रताड़ित हैं... कि डॉक्टर के यहां जाने की जरूरत नहीं है... वो झगड़ा करके घर में आ रहे हैं कि हमें डॉक्टर के यहां जाना ही जाना है... तो वो कह देते हैं कि भई डॉक्टर साहब हम तीन महीना नहीं आ पायेंगे आप हमारी तीन महीने की दवा लिख दीजिये... तो, क्यूंकि प्रैगनैंसी के दौरान हम पहले सात महीने तक हर महीने मरीज को बुलाते हैं, हर महीने देखते हैं कि बच्चे की ग्रोथ ठीक है कि नहीं... उनका अल्ट्रासाउंड करते हैं... पहले तीन महीने में एक, बीच के तीन महीने में एक और आखिरी के तीन महीने में नवां महीना लगने के बाद एक अल्ट्रासाउंड करते हैं... और उसके बाद पहले तीन महीना उनको फॉलिक एसिड खिलाया... और क्यूंकि उल्टी की टैंडैंसी हो जाती है, उल्टी बहुत ज्यादा होती है, तो उसकी एक दवा देते हैं... उसके बाद हम मरीज को कैल्शियम, एक आयरन और एक प्रोटीन का देते हैं नौ महीने तक... अगर सब ठीक चल रहा हो तो... अगर उस प्रैगनैंसी में कोई कॉम्पलीकेशन ना आया हो तो... ये मैं आपको समान प्रैगनैंसी का बता रही हूं...

जी... जी...

कि तीन महीने से, तीसरे महीने से नवे महीने तक हम कैल्शियम देते हैं, आयरन देते हैं और एक प्रोटीन का देते हैं... चौथे महीने में एक टिटनेस लगवाते हैं... फिर एक महीने बाद टिटनेस लगवाते हैं...दो टिटनेस की सूईयों में कम से कम तीस दिन का अंतर होना ही चाहिये, जो कि गांव में नहीं होता है... गांव में एक और दिक्कत ये होती है कि जो हमारे मुफ़्त के ये होते हैं, जिन्हें हम प्राईमरी हैल्थ सैंटर कहते हैं गांव में... वो लोग...

चिकित्सा शिविर जिसे कहते हैं?

चिकित्सा शिविर...

वो अलग है...

चिकित्सा शिविर एक अलग हो गया जो एक बीमारी के बारे में आप लोगों को बताना चाहें या कुछ... पर गांव में जो गवर्नमेंट के द्वारा किये गये चिकित्सालय हैं, उन्हें हम प्रामरी हैल्थ सैंटर कहते हैं... क्योंकि हम भारत में गांव को अपना प्रामरी हैड मानते हैं... तो वो प्राईमरी हैल्थ सैंटर्स कहे जाते हैं... उसके बाद जो छोटे डिस्ट्रिक्ट वगैरह में होता है उन्हें सैकेन्ड्ररी हैल्थ सैंटर्स कहे जाते हैं... और जो बड़े शहरों में, जैसे भारत में एम्स है या कुछ इस तरह के हैं, उन्हें हम हायर हैल्थ सैंटर्स कहते हैं... तो अगर जो चीज प्रामरी हैल्थ सैंटर्स में नहीं हो पाई वो सैकेन्ड्ररी में जरूर हो जायेगी... जो वहां नहीं हो पाई वो हायर सैंटर्स तक जाती है... उस तरह से होता है... और उसके बाद हमें खाने पीने का, मां का बहुत ध्यान रखना है क्योंकि उससे भी बच्चे की ग्रोथ पर असर पड़ता है... तो मैं आपको ये बता रही थी कि पहले सात महीने तक हम हर तीस दिन पर मां का देखते हैं, क्योंकि होता क्या है कि जब बच्चेदानी बढ़ती है तो वो जो हमारे पेट में बाकी आर्गन्स हैं, उनके ऊपर दबाव डालती है... इससे क्या होता है, जो हमारे पेट का प्रैशर है वो बढ़ता है... तो वो, उससे ब्लड प्रैशर बढ़ सकता है मां का, डायबटीज़ होने के चांसिज़ होते हैं मां को... इसलिये हमें उनको हर महीने स्कैन करना है, कहीं मां का बी.पी. तो नहीं बढ़ रहा है... कहीं मां को डायबटीज़ की तो शिकायत नहीं हो रही है... या प्रैगनैंसी के दौरान कम से कम ग्यारह किलो वजन बढ़ना चाहिये... कहीं ऐसा तो नहीं है कि मां का वजन नहीं बढ़ रहा है... अगर मां का वजन नहीं बढ़ रहा है मतलब, बच्चा ग्रो नहीं कर रहा है... तो हमें हर सात महीने पर बुलाना है... सातवें महीने के बाद जब डिलीवरी का टाम आने वाला होता है, तो जिस हिसाब से मरीज की स्थिति होती है, उस हिसाब से हम उन्हें हर दस दिन, हर हफ्ते बुला सकते हैं...

और नवां लगने के बाद हम उन्हें हर दूसरे या तीसरे दिन भी उन्हें बुला सकते हैं... तो ये, शहर वालों को तो इसमें कोई दिक्कत नहीं होती... उन्हें आप जैसे जैसे बुलाइये वो वैसे वैसे आते हैं... आप उन्हें तीन अल्ट्रासाउंड कहिये वो छः कराने को तैयार होते हैं because they are over conscious, over consciousness की वजह से... बाकी इस तरह की और कोई दिक्कत नहीं आती...

exercise (hindi): 

1) सबर्बन में डॉ० की बात सौ में से कितने प्रतिशत लोगों की समझ में आती है?

१) अस्सी प्रतिशत

२) सौ प्रतिशत

३) दस प्रतिशत

४) दो प्रतिशत

2) सबर्ब में डॉ० की बात क्यों समझ में आ जाती हैं?

१) लोग ज़्यादा पढ़े-लिखें हैं

२) लोग अनपढ़ हैं

३) लोगों को डॉ० की बातें सुननी पड़ती है

४) डॉ० नहीं तो ऑपरेशन कर देती हैं

3) बीस प्रतिशत औरतें डॉ० के पास क्यों नहीं जाती हैं?

१) सास मना करती हैं

२) ऑपरेशन से डरती हैं

३) दवा लेने से डरती हैं

४) डॉ० को दिखाने की ज़रूरत नहीं समझती हैं

4) प्रेगनैन्सी के दौरान मरीज़ को डॉ० को कितनी बार दिखाना होता है?

१) नौ महीने में एक बार

२) पाँच महीने के बाद

३) तीन महीने के बाद

४) हर महीने

5) बच्चे की ग्रोथ ठीक है या नहीं, यह पता करने के लिये डॉ० क्या करती हैं?

१) अल्ट्रासांउड

२) एक्स रे

३) एम. आर. आई

४) ब्लड टेस्ट

6) तीसरे से नवें महीने तक डॉ० मरीज़ को क्या देती हैं?

१) कैल्शियम देती हैं

२) आयरन देती हैं

३) प्रोटीन देती हैं

४) सब

7) टेटनस की सुइयों में कितने दिन का अंतर होना चाहिये?

१) दो दिन का

२) तीस दिन का

३) साठ दिन का

४) बीस दिन का

8) गाँव में गवर्नमेंट के द्वारा चलाए गए चिकित्सालय को क्या कहते हैं?

१) सैकन्डरी हैल्थ सैन्टर्स

२) हायर हैल्थ सैंटर्स

३) अस्पताल

४) प्राईमरी हैल्थ सैंटर

9) बड़े शहरों में गवर्नमेंट के द्वारा चलाए गए चिकित्सालय को क्या कहते हैं?

१) सैकन्डरी हैल्थ सैंटर्स

२) हायर हैल्थ सैंटर्स

३) इपड्डे

४) प्राईमरी हैल्थ सैंटर्स

10) जब बच्चेदानी बढ़ती है तो शरीर के किस हिस्से पर दबाव बढ़ता है?

१) पेट के आरगन्स पर

२) छाती पर

३) पैरों पर

४) कमर पर

11) जब पेट का प्रेशर बढ़ता है तो क्या हो सकता है?

१) ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है

२) डायबटीज़ हो सकती है

३) माँ का वज़न नहीं बढ़े

४) सब

12) नवां महीने लगने के बाद मरीज़ को कितने समय बाद डॉ० बुलाती हैं?

१) एक महीने बाद

२) पन्द्रह दिन बाद

३) हर दूसरे या तीसरे दिन बाद

४) हर दिन

13) शहर में मरीज़ को बुलाने में क्यों दिक्कत नहीं आती?

१) क्योंकि उन्हें सब मालूम है

२) क्योंकि वो over conscious होते हैं

३) क्योंकि क्लीनिक पास होता है

४) क्योंकि उनको डॉ० के पास जाना अच्छा लगता है

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.