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Asha Devi on Politics, Development and Health 01

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About This Lesson: 
Aasha Devi talks about her stint as a Mayor. She discusses the intense political rivalry, as well as her contribution to health and social welfare. Her language is very colloquial, culturally compounded by the betel-leaf she has in her mouth which makes her pronunciation a great exercise in testing one's ability for understanding colloquial Hindi speech!
vocabulary (hindi): 

किस अर्से में

 

 

जनता

 

People

ऊब

 

Bored

हिजड़े

 

 

कुर्सी पर समाया

 

 

नियत

 

 

दावा दे दिया...

 

 

मुकद्दमा चलाया

 

 

फतह

 

Win

कुर्सी

 

Chair

संभाली

 

Handled

बदमाश

 

 

सहयोग

 

Cooperation

गंदगी

 

Filth/dirty

रकम

 

 

स्वास्थय

 

Health

सेवाएं

 

 

जाड़ा

 

Cold

अलाव

 

 

लकड़ी

 

Wood

चौड़ाई चौड़ा जला

 

 

कंबल

 

Blanket

अनाथों

 

 

पेंशन

 

 

चालू करवाया

 

 

मेहतर

 

 

गड़वाया...

 

 

टनाटन

 

 

transcription (hindi): 

पहले तो आपका धन्यवाद करना चाहते हैं आशा देवी जी, कि आपने हमें समय दिया...

( हंसी )

ये बतायें कि किस अर्से में आप मेयर रही यहां पर?

यहां गोरखपुर में ...... मंत्री थे... और मंत्री थे तो जनता सब ऊब गये... कोई रास्ता नहीं निकला... तो आखिरी में जो हमको चुना जनता हमारा... इन मंत्रियों से तो अच्छा हमारे हिजड़े हैं... हमको चुना... तो हमने चुनाव में हमको उठाया, जनता हमारा, पूरा शहर का लोग हमारा सहयोग किया... आगे बढ़ाया हमको... चुनाव हुआ, मैं जीत गया... जीतने के बाद कुर्सी पर समाया... पांच साल दो महीना तक हमने कुर्सी चलाया... पांच साल का तो नियत होता है... दो महीना बेसी चला... तो जीतने के बाद तीसरे ही दिन से, हमारे पे दूसरा मेयर ने उठा कर दावा दे दिया...

किस तरह का दावा दे दिया?

ये औरत का कुर्सी है, हिजड़ा कैसे ले लिया?

फिर आपने क्या किया?

तो हमने पूरा आगे बढ़ा दिया केस... और मुकद्दमा चलाया... गोरखपुर से मैं जीता... अब वो इलाहबाद में पहुंची... इलाहबाद में हमने जीता... और वहां से दिल्ली पहुंचा... पीछे मैं दिल्ली भी पहुंच गई... दिल्ली से मैं भी कागज ला के रख दिया गोरखपुर... हमारा फतह होते ही जनता सहयोग से चलाया, आज तक... तो हमने पांच साल दो महीना कुर्सी संभाली और उसके बाद हमने घर बैठ गया... चुनाव हुआ... तो हमारी, ये जो, बदमाश मेयर साहब जो हैं, बैठी हैं... तब इनके बारे में, भैया, इतना ऊब गये हैं जनता हमारा... न कोई काम लोक रहा, न कोई सफाई सहयोग रहा... ना सीवर का कोई रास्ता निकल रहा है... और गंदगी उतने का उतने पड़ा है... सरकार हमारा बिल्कुल बहरी होकर सुन देख रहा है... आंख बंद कर दी... इतना रकम आ रहा है गोरखपुर में हमारे, मगर काम में कहीं नहीं लग रहा है...

तो जब आप मेयर थे, तो एक आम आदमी की ज़िंदगी में दो ही चार चीजें तो होती हैं... साफ सफाई मिल जाये...

बस...

और स्वास्थ्य बढ़िया रहे तो सबके लिये स्वास्थ्य सेवाएं हो जायें... तो आपने इस क्षेत्र में क्या क्या कार्य करे?

हमने क्षेत्र में पूरा जाड़ा भर अलाव दिया, लकड़ी दिया, चौड़ाई चौड़ा जला... कंबल बांटा गरीबों के, अनाथों के लिए... पेंशन हमने बनवाया... जिसके मर्द नहीं था, औरत, उसके लिये पेंशन हमने चालू करवाया, यहां पे... गरीबों के  मेहतर  लोगों को नौकरी हमने दिया, डेली बेस पे, वो भी काम चालू हुआ, अच्छा हुआ... ये सड़क ये बनता था इंजन से, तो हमने मशीन मंगवाया लखनऊ से, मशीन भी लगवाया... मशीन से सड़क, हाईवे बन रहा है ये सब... काम तो हमने खूब किया... सारे शहर में फूल गड़वाया... बत्ती है, पानी है, सफाई है, सीवर है, हर चीज हमारे समय में बिल्कुल टनाटन था...

exercise (hindi): 

1) चुनाव जीतने के बाद कितने दिनों तक आशा देवी कुर्सी पर रहीं?

१) पाँच साल दो महीने

२) एक साल तीन महीने

३) छ: महीने

४) दो साल दो महीने

2) दूसरे मेयर ने कुर्सी के लिये आशा देवी पर दावा किया? क्यों?

१) कुर्सी पर आदमी ही बैठ सकता है

२) कुर्सी पर एक औरत ही बैठ सकती है, हिजड़ा नहीं

३) कुर्सी पर एक हिजड़ा ही बैठ सकता है

४) कुर्सी पर गरीब आदमी ही बैठ सकता है

3) लोगों का स्वास्थय अच्छा रहे, उसके लिये आशा देवी ने क्या किया?

१) गरीबों में कंबल बांटे।

२) सड़क और हाईवे बनवाए।

३) सारे शहर में फूल लगवाए

४) ये सब किया

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.