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College of Liberal Arts wordmark

Combining Medical Traditions

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

Please give me your full introduction

अपना पूर्ण परिचय दें

Your name, where you are from and what kind of medicine you practice

नाम, कहां से हैं अौर किस प्रकार से प्रैक्टिस आप करते हैं

Ayurvedic

आयुर्वेदिक

Allopathic

ऐलोपैथिक

Unani

यूनानी

Mind

जहन

Possible

संभव

Blend, mixture

सम्मिश्रण

Motive

मकसद

Emergency

एमरजैंसी

Recognition

मान्यता

Diseases

बीमारियां

Pain of the joints

जोडों के दर्द

Asthma

अस्थमा

Sugar

शूगर

Cure, remedy, treatment

इलाज

Ayurveda

आयुर्वेद

Arthritis

आरथराईटिस

Again

दुबारा से

Start

शुरू

Juice

रस

Air

वात

Bile

पित

Phlegm

कफ

Ailment

दोष

Mango juice

आम रस

Raw juice

कच्चा रस

In the joints

जोडों में

Avoid

परहेज

Pain reliever

दर्द निवारक

Problem, trouble

तकलीफ

Complement

पूरक

Apply wet strips

गीले पानी से पट्टियां रखते हैं

Absolutely fine

पूर्ण रूप से ठीक

 

वदंती

Mixture

मिश्रण

 

अमृतारिष्ठ

Iron

लोहे

Malaria

मलेरिया

Use

इस्तेमाल

transcription (hindi): 

अपना पूर्ण परिचय दें? नाम, कहां से हैं और किस प्रकार से प्रैक्टिस आप करते हैं?

सर, मैं मूर्थल से ही हूं, यहीं पैदा हुआ हूं... और मेरा नाम डॉक्टर मनोज रॉय है... और प्रैक्टिस मैं करता हूं आयुर्वेदिक, ऐलापैथिक और यूनानी...

तो पहली बार, बड़ा एक, मेरे जहन में ऐसा रहा है कि तीनों चीजें आप, एक थ्री इन वन की तरह प्रैक्टिस करते हैं...

हां जी...

ये कैसे संभव हुआ? ये कोई कोर्स, स्पेशल कोर्स इसमें होता है? और इसके बारे में थोड़ा विस्तार से बतायें?

सर ये ना, एक जी..एम.एस., ग्रैजुएट, पहले होता था, अब नहीं है... इसमें इंटीग्रेटिड कोर्स है... इसमें हमें ऐलोपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी, इन तीनों चीजों का सम्मिश्रण करके पढ़ाया जाता है... पहले इंडियन मैडिसन नाम से कोर्स हुआ करता था, जिसमें हमें इंडियन पैथी में यानि जिसमें हमारा मकसद है एक पेशैंट को क्योर करना, वो चाहें किसी पैथी में हो... जैसे कोई एमरजैंसी आती है तो हम एलोपैथी यूज़ करते हैं और कोई क्रौनिक पेशैंट है तो उसमें आयुर्वेदिक और यूनानी यूज़ करते हैं...

तो क्या ये मान्यता ऐसी है कि अगर क्रौनिक पेशैंट हैं तो वो एलोपैथी से ठीक नहीं होगा... इसी वजह से आप करते हैं तो? 

ऐसी मान्यता नहीं है... कई बीमारियां ऐसी हैं, जैसे जोड़ों के दर्द हैं, अस्थमा है और इस तरह की बहुत सारी, जैसे शूगर है, इनका हम कम्पलीट रूप से इलाज नहीं कर पाते थे... मैं ये नहीं कहता, आयुर्वेद में भी पूरी तरह से है, लेकिन आयुर्वेद में भी संभव है इलाज... जैसे जोड़ों का दर्द है, आर्थराईटिस है, उसका हम एलोपैथी में पेनकिलर खा लेंगे, ऐनारजैसिक खा लेंगे, एंटीप्रामैटिक ले लेंगे, तो उससे क्या होगा, थोड़े दिन के लिये आराम होगा और दो-चार, दस दिन के बाद फिर दुबारा से शुरू हो जायेगा... जैसे ही हम दवाई बंद करेंगे, हमें फिर वही प्रॉब्लम शुरू हो जायेगी, लेकिन आयुर्वेदिक में हम उसका इलाज करते हैं परमानैंटली... उसके लिये हम रस और उनके, जो हमारे वात, पित, कफ दोष होते हैं, उनको दूर करते हैं... जैसे हमारे अंदर आम रस बनता है, यानि कि कच्चा रस बनता है, जिससे हमारे जो जोड़ों में है, स्वैलिंग हो जाती है, खाने-पीने का परहेज बताना, ये सब आयुर्वेद में बताया गया है ना कि एलोपैथी में... एलोपैथी में तो सब बोला जाता है, जो मर्जी खाईये, जैसा मर्जी कीजिये... और अभी दर्द निवारक दवाईयां दी, उसको थोड़ी देर के लिये आराम हुआ, उसके बाद फिर दुबारा वही तकलीफ हो गई... तो परमानैंट हम क्योर नहीं कर पाते... और एमरजैंसी में हम ये नहीं कह सकते कि हमें एलोपैथी की जरूरत ही नहीं है... ये दोनों पैथियां एक-दूसरे की पूरक हैं... सपोज  कोई पेशैंट हाई ग्रेड फीवर में आता है तो हमें उसको पैरासीटामोल देना है... और उधर से हमें नैचुरॉलोपैथी से स्पंजिंग भी करानी है... हाईड्रोथैरेपी, यानि कि गीले पानी से पटि्टयां रखते हैं... तो इस तरह से फिर जब पेशैंट एक बार कंट्रोल में जाता है तो हम पूर्ण रूप से ठीक करने के लिये आयुर्वेद का इस्तेमाल करते हैं... जैसे वदंती मिश्रण है या इस तरह की बहुत सारी दवाईयां हैं जो हम, हमें परमानैंट आराम दे सकती हैं, अमृतारिष्ठ है, जो लोहे से होती है... जैसे हम मलेरिया में देखते हैं, सब दवाईयां कई बार फेल हो जाती हैं... तो हम आयुर्वेदिक दवाईयों से उसको परमानैंट क्योर करने के लिये हम आयुर्वेदिक इस्तेमाल करते हैं...

ये तो आपने पैथी वाली दवाईयों की बात की...

हां जी...

या आयुर्वेद का वो ईलाज ............ 

हां जी...

यूनानी कहां आप इस्तेमाल करते हैं?

यूनानी और आयुर्वेदिक में कोई ज्यादा फर्क नहीं है, उसमें भी हर्बल ड्रग्स हैं इसमें भी हर्बल हैं... उसमें सिर्फ नाम का डिफरैंस है... वो किसी और नाम से पुकारते हैं, हम किसी और नाम से पुकारते हैं...

उदाहरण...

उदाहरण, अब जैसे तबाशीर एक, एक, एक दवाई है तबाशीर... वैसे वो कैल्शियम होता है और हम उसको आयुर्वेद में वंशलोशन बोलते हैं...

कुछ और उदाहरण अगर आप दे पायें तो...

अब जैसे अमृता है, अमृता तो आयुर्वेद में बोलते हैं, अब उसको, अब दूसरी भाषा में कुछ और, यूनानी में बोलना पड़ता है, वो मैं अभी नहीं बता पाऊंगा आपको, क्योंकि मुझे इतना ज्यादा ज्ञान नहीं है... यूनानी का थोड़ा सा हमें, मैं टच में नहीं हूं, पिछले बीस साल से यूनानी मैं प्रैक्टिस नहीं करता...

अच्छा...

हां... 

exercise (hindi): 

डॉ० मनोज राय किस में प्रैक्टिस करते हैं?

1 आयुर्वेद में

2 एलोपैथी में

3 तीनों मिला कर

4 युनानी में

इण्दियन मैडिसन कोर्स में क्या पढ़ाया जाता है?

1 सिर्फ़ आयुर्वेद के बारे में

2 सिर्फ़ एलोपैथी के बारे में

3 तीनों का सम्मिश्रण कर के

4 युनानी के बारे में

जब कोई पेशेंट हाई ग्रेड फ़ीवर का आता है तो उसका ईलाज कैसे किया जाता है?

1 पैरासीटामोल

2 स्पंजिंग

3 सब

4 वदंती मिश्रण

वैद्य जी युनानी और आयुर्वेद के बारे में क्या सोचते हैं?

1 दोनों अलग दवाएँ हैं

2 युनानी ज़्यादा जल्दी असर करती हैं

3 नाम अलग अलग हैं पर ड्र्ग्स एक ही हैं

4 आयुर्वेद की दवाएँ जल्दी असर करती हैं