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College of Liberal Arts wordmark

Ayurveda Ethics

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

Patient

मरीज़

Patient came with dificulty

मरीज मुश्किल से आते थे

Used to make only five or seven (a few) rupees

पांच सात ही रुपये कमाता था

There were few patients

मरीजों की कमी थी

It was not a good practice

सही प्रैक्टिस नहीं थी

I can only manage to sit for two or three hours

दो-तीन घंटे ही बैठ पाता हूं

In bathing/washing

नहाने-धोने में

Most patients are tall

ज्यादातर मरीज लंबे होते हैं

Believe

विश्वास

Because of old relationship

पुराने होने के नाते

Influenced

प्रभावित

I definitely come (here)

निश्चित रूप से जरूर आता हूं

Small

छोटे

Big

बड़े

Patient

मरीज

Way

तरीका

If patients are obese, their medications are costly

मरीज मोटे से होते हैं तो उनकी दवाई भी कॉस्टली होती हैं

 

योगेन्द्र रस

 

गिरी से संबंधित दवाई हैं

It's expensive

पैसा भी थोड़ा तेज के है

Usually

अमूमन

I also give (for) free

फ्री भी दे देता हूं

transcription (hindi): 

ऐसा है, मैं जब 64 में मैं जब प्रैक्टिस करता था, तो मरीज़, पांच-सात मरीज मुश्किल से आते थे... और मैं रुपये भी, पांच सात ही रुपये कमाता था... खाली, पहले यहां का क्षेत्र भी ऐसा था कि यहां चारों ओर को खाली-खाली था, तो कभी बालकन में गोली जाके खेली, तो कभी गिल्ली-डंडा जा के खेले, ऐसा है, क्योंकि मरीजों की कमी थी... तो सही प्रैक्टिस नहीं थी... लेकिन धीरे-धीरे, धीरे-धीरे, प्रैक्टिस मुझे, पूरी है मेरी लगभग... अब मैं, जब से थोड़ा, अब ठंड सी पड़ रही है, तो मैं दो-तीन घंटे ही बैठ पाता हूं... बारह, संध्या करना का मुझे पहले से ही शौक है, बालकपन से... तो मुझे नहाने-धोने में ही ग्यारह-बारह, तो उसक बाद दो-ढाई तक आते रहते हैं और मैं तीन तक जरूर अटैंड करता हूं, क्योंकि जब उसमें ज्यादातर लंबे मरीज होते हैं... तो लंबे मरीज मुझ पर ज्यादा विश्वास करते हैं... लड़का भी डॉक्टर है... और वो भी रजिस्ट्रेशन है, सब कुछ है... लेकिन पुराने होने के नाते मुझसे लोग ज्यादा प्रभावित से हैं... तो मैं सुबह को ही उनके लिये निश्चित रूप से जरूर आता हूं... तो अब प्रैक्टिस पहले से तो आठ गुनी कहूं, बारह गुनी कहूं, जब तो मरीज कुल हमपे चार-पांच ही आते थे, अब साठ-सत्तर मरीज का सा ऐवरेज है... लेकिन अब छोटे भी हैं, बड़े भी हैं, मरीज तो दोनों ही तरीका के, कुछ मरीज मोटे से होते हैं तो उनकी दवाई भी कॉस्टली होती हैं... जैसे मान लो, इसी मरीज से बात जो हम कर रहे थे, तो इसमें योगेन्द्र रस जैसी, इसकी जो कॉस्टली-कॉस्टली, जो गिरी से संबंधित दवाई हैं, वो चल रही हैं तो पैसा भी थोड़ा तेज के है, नहीं ज्यादातर हम, अमू दवाई, कोशिश करते हैं कि तीस-चालीस के अंदर ही मरीज का, फोर्थ क्लास का क्षेत्र है ये प्रायः, और मैं भी ये सोचता हूं कि लोगों का, खाने-पीने का ही व्यवस्था रहे, इतनी मंहगाई चल रही है, तो दस रुपये भी मुझे बच जायें उसमें, मरीज पे से, तो में दवाई दे देता हूं... और जिसपे बिल्कुल भी ना हो तो मैं फ्री भी दे देता हूं...

exercise (hindi): 

१९६४ में चार या पाँच मरीज़ आते थे, अब कितने आते हैं?

1 दस-बीस

2 तीस चालीस

3 साठ-सत्तर

4 सौ-दो सौ

वैद्य जी अब कितने समय के लिये दवाखाने में निश्चित तौर पर बैठते हैं?

1 शाम को

2 दोपहर में

3 सुबह

4 रात को

वैद्य जी दवा की फ़ीस किस हिसाब से लेते हैं?

1 मरीज़ की हैसियत देख कर

2 मरीज़ की बीमारी देख कर

3 दवा की कीमत देख कर

4 सबके के लिये बराबर है