UT wordmark
College of Liberal Arts wordmark

Contrasting Ayurveda and Conventional Medicine (5)

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

 

विश्वास

Foolproof medication

रामबाण अौषधियाँ

Usually

अमूमन

Abdominal

पेट की

Pulse

नब्ज़

Which pulse moves in which way

कौन सी नब्ज़ किस हिसाब से चलती है

Will support

सहारा लगेगा

Three veins

तीन नाड़ियां हैं

Air

वात

Bile

पित

Phlegm

कफ

The right diagnosis

दोष की पहचान

Disease is caused by bile

रोग पित का है

(Disease is) caused by air

बाय से है

(Disease is) caused by kapha (phlegm)

कफ से है

Pulses indicate

नाड़ियां बता देती हैं

Move

चाल

Which pulse is acting weak

कौन सी नाड़ी दब के चल रही है

Which pulse is jumping up

कौन सी उछल के चल रही है

Is hitting in three spots

तीनों में धक्का मार रही है

Has a particular movement

एक विशष चल रही है

 

दोष

Devotion

भक्ति

Knowledge

ज्ञान

Knowledge of the scriptures

शास्त्रों का भी ज्ञान

Body

शरीर

The five elements

पंचतत्वों

Abstract

तत्व

Deteriorating

बिगड़ता

To ameliorate

समन

Procedures

प्रक्रियाएं

Remember

याद

According to

हिसाब से

I'll find out

पता लगा लेता हूं

Diagnosis

निदान

A cure as in Ayurveda

आयुर्वेद जैसा निदान

Process

प्रक्रिया

Nowhere

कहीं भी नहीं

Tests, etc.

टैस्ट-वैस्ट

Ultrasound

अल्ट्रासाउंड

Symptoms

लक्षणों से

Let's calculate

हिसाब लगाते हैं

Starting with the pulse

नब्ज़ से लगाते हैं

Let's act after checking

पूछ के लगाते हैं

Upon seeing

देख के

 

पलिया

Digestion

पेट की क्रिया

Physician

वैद्य

Urine

पेशाब

Government

सरकारी

Procrastination

टालमटोल

Let's consider

मान लीजिये

By God's grace

ईश्वर की दया से

Objection

आपत्ति

Ayurveda has several distinctions

आयुर्वेद में कई भेद हैं

 

कास्टाद

Chemotherapy

रसायन चिकित्सा

Badikaran treatment

बादीकरन चिकित्सा

Visible treatment

दृष्ट चिकित्सा

Purnabaman powder

पुर्नबामन चूर्ण

Mandoor ash

मंडूर भस्म

Powder

चूरन

Chemicals

रसायन

Chemotherapy

रसायन चिकित्सा

Consume

भस्म

Juice

रस

Mercury, quicksilver

पारा

Common ailment

साधारण मर्ज

 

नजला

Kastadik herb

कास्टाधिक अौषधी

Lakshmivilas extract

लक्ष्मीविलास रस

 

नारदी

Mahalakshmi medicine

महालक्ष्मी विलास

Shitopaladi powder

शीतोपलादी चूर्ण

 

प्रकृपाल तृष्टि

Mind

मन

Consume

भस्म

 

दाली सादी

Substance, compound

द्रव्य

Which medicines and in what doses

कौन-कौन सी दवाई कितनी-कितनी मात्रा में

The problem may be resolved

समस्या हल हो जाये

transcription (hindi): 

नहीं, वो तो विश्वास है ना इतना... एक चीज मैं आपसे पूछना चाह रहा हूं, आखिरी सवाल, कोई ऐसी रामबाण औषधियाँ हैं या दवाईयां हैं, जो अमूमन आप लोगों को देते हैं, जिससे कई, क्योंकि कॉमन चीजें हैं, इससे आती होंगी, पेट की या और भी बाकी जो भी... पहली बात तो आप क्या देखते हैं? किस तरह से आप?

जैसे नब्ज़ में थोड़ा सा, ये, कौन सी नब्ज़ किस हिसाब से चलती है, तो वो तो आपको कुछ, उससे सहारा लगेगा नहीं... लेकिन जैसे हम नब्ज़  देखते हैं... ये तो यहां तीन नाड़ियां हैं और आयुर्वेद में उनका ज़िक्र भी है, वात, पित और कफ... इस प्रकार से तीन नाड़ियां होती हैं यहां... तो उनमें दोष की पहचान तो आसानी से हो जाती है, ये रोग पित का है, के बाय से है, कफ से है... इस हिसाब का तो ये नाड़ियां बता देती हैं... लेकिन इनकी कुछ चाल भी है विशेष, कि कौन सी नाड़ी दब के चल रही है, कौन सी उछल के चल रही है, या तीनों में धक्का मार रही है, या एक विशेष चल रही है... तो इनसे डॉक्टर थोड़ा सा हिसाब लगा लेता है के रोग किस दोष से संबंध रख रहा है... तो कुछ मैं भक्ति वाला व्यक्ति भी हूं, तो मुझे लगभग वेद का भी ज्ञान है, थोड़ा शास्त्रों का भी ज्ञान है, और शरीर में जैसे पंचतत्वों का और कौन सा तत्व कब बिगड़ता है, कब समन होता है, ऐसी कुछ प्रक्रियाएं भी मुझे थोड़ी सी याद हैं... तो उनके हिसाब से पता लगा लेता हूं... और निदान आयुर्वेद जैसा निदान, कहीं और किसी में है ही नहीं...निदान, जो रोग का देखने की प्रक्रिया कहीं भी नहीं है, किसी, ये जो टैस्ट-वैस्ट वाला, अल्ट्रासाउंड-फल्ट्रासाउंउ... अब अल्ट्रासाउंड में क्या है, कि मशीन चित्र तो देती है, अब, लेकिन उसे देखने वाला जज्मेंट कर रहा है कि नहीं... कौन सी चीज बढ़ रही है या घट रही है और उसने कुछ तै कुछ लिख मारा, तो डायग्नोज़ फेल हो जायेगा... तो आयुर्वेद में ज्यादातर लक्षणों से उसका हिसाब लगाते हैं, कुछ नब्ज़ से लगाते हैं, कुछ पूछ के लगाते हैं, कुछ देख के, पीलिया-शीलिया, अटरम, शटरम से लग जाता है, कुछ पानी-पानी भरते हैं, तो उनसे पेट की क्रिया, उनका लग जाता है...

इस प्रकार से वैद्य, मेरे हिसाब से डॉक्टर के बसकी नहीं है ये... डॉक्टर तो केवल उनपे रहता है कि एक्सरा ले , पेशाब टैस्ट का ले , अल्ट्रासाउंड ले , फलाना ले , डेका ले ... फिर भी उसे सही जज्मेंट नहीं हो पाता है... तो, सरकारी में वैसे भी टालमटोल सी होती है... प्राईवेट में थोड़ा रिस्क भी लेता है... जैसे मान लीजिये हमें यहां पचपन साल हो गये, तो रिस्क ही है कि हमने मरीज सही करे, नहीं होते तो हम दुकान भी ले के क्या करते? अब तक कहीं ना कहीं औरां करते... तो ईश्वर की दया से प्रैक्टिस चल रही है तो कोई आपत्ति नहीं है... अब रही बात इस बात की कि भई कौन सी दवाई, अब दवाईयों का तो ऐसा है के, आयुर्वेद में कई भेद हैं... जैसे कास्टाद एक अलग है, रसायन चिकित्सा अलग है, बादीकरन चिकित्सा अलग है... दृष्ट चिकित्सा अलग है... ऐसी कई तरीका की, आठ-सात तरीका की चिकित्सा है आयुर्वेद के अंदर... तो उनमें से, यदि सही जजमेंट कर लेता है डॉक्टर, तो पहचान की एक प्रक्रिया बन जाती है... अब उनमें रही बात इस बात की के, मान लीजिये इसे पेट के ही रोग मान लीजिये, पेट में सूजन है, तो मैं तो ज्यादातर, जैसे, पुर्नबामन चूर्ण है, मंडूर भस्म है या कई तरीका की, ये जो सूजन से संबंध वाली, लेकिन भूख-भाख में थोड़ा चूरन-चटनी का सहारा लेना पड़ता है और इनसे, अब रसायन से, रसायन चिकित्सा में ज्यादातर भस्म और रस, जिसने रस, ज्यादातर रस, उसको कहते हैं के जो, जिसमें पारा काम आता हो... तो जब साधारण मर्ज नहीं है, मान लो जैसे नजला ही है, तो नजला मान लो बिगड़ गया है, तो इसमें कास्टाधिक औषधी जहां प्रायः समस्या को हल नहीं कर पाती तो उसमें जैसे लक्ष्मीविलास रस नारदी, ये वैसा ये महालक्ष्मी विलास भी है और शीतो, शीतोपलादी चूर्ण हैं, प्रकृपाल तृष्टि वगैरह, मन भस्म, दाली सादी... ऐसे कई द्रव्य हैं जो डॉक्टर अपने आप, केवल एक दवाई का वो नहीं होता, वो कॉम्बीनेशन करना पड़ता है, कौन-कौन सी दवाई कितनी-कितनी मात्रा में डाली जाये तो इसकी समस्या हल हो जाये... जिस प्रकार से कर लेते हैं... 

exercise (hindi): 

नाड़ी देखने से किस दोष का पता लगता है?

1 कफ़

2 पित

3 सब

4 बाय

मरीज़ को क्या दोष है, नाड़ी की कौन सी चाल से पता लगता है?

1 जब नाड़ी उछल कर चलती है

2 जब नाड़ी दब के चलती है

3 सब

4 जब नाड़ी धक्का मार कर चल रही हो

एलोपैथी में मरीज़ का रोग पता करने के लिये डॉक्टर कैसे जाँच करते हैं?

1 मरीज़ की नब्ज़ देख कर

2 मरीज़ की शक्ल देख कर

3 अल्ट्रासाउंड

4 मरीज़ का हाथ देख कर

जब नजला बिगड़ जाता है तब वैद्य जी कौन सी औषधि देते हैं?

1 रोबिटसम

2 चूरन

3 कास्टाधिक औषधि

4 चटनी