UT wordmark
College of Liberal Arts wordmark

Comparing Ayurveda and Conventional Medicine

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

Which types of patients

किस-किस तबके के मरीज

Condition of the patient

मरीज की स्थिति

Every patient

हर मरीज को

Give just one medicine

एक ही दवाई देनी है

Cannot take any medicine

कोई दवाई नहीं ले सकते

Takes several pills

कई गोली खाते हैं

Take liquid medication

कोई पीने के खाते हैं

Ayurveda

आयुर्वेद

Unani

यूनानी

Homeopathy

होम्योपैथी

Which disease is in the body

शरीर में कौन सी बीमारी में

What's the pathology inside

क्या अंदर पैथोलॉजी है

What kind of medicine

कैसी दवाई

How much of a dose

कितनी डोज़

How is it given

कैसे दी जाती है

How long it stays in the body

कितनी देर शरीर में रहती है

Where is it excreted from

कहां-कहां से excrete होती है

Ayurvedic medicine

आयुर्वेदिक मैडिसन

Treated in my way

अपना ढंग से इलाज

Give medicine by guessing

अंदाजे से दवाई देते हैं

This work can be done

ये काम कर सकती है

The medicine just doesn't work

दवाई काम ही नहीं करती है

Prevalent

प्रचलन

Dabur chyavanprash

डाबर का च्यवनप्राश

Advantage, benefit, gain, profit, use

फायदा

Shortcomings

खामियां

Disease, illness

बीमारी

Itch

खुजली

Allergy

एलर्जी

Complex

जटिल

Cancer

कैंसर

transcription (hindi): 

तो ये बतायें कि किस-किस तबके के मरीज आपके पास यहां पर आते हैं और ये कुछ कॉमन बीमारियां लेकर आते हैं या...

मोस्टली, ज्यादा बीमारी तो फीवर, कोल्ड, कफ, ये ज्यादा हैं... मोस्टली वायरल इनफैक्शन ज्यादा है...

इस इलाके में?

हां...

तो उसका कोई कॉमन इलाज है आपके पास, या मरीज की स्थिति देखकर... कैसे? आप मुझे जरा विस्तार से बतायें...

नहीं, वो तो मरीज तो, जैसे पेशैंट आयेगा, उसी हिसाब से उसको, ये जरूरी नहीं है कि हरेक को, हर मरीज को एक ही दवाई देनी है... थोड़ा-थोड़ा वैरिएशन होती है पेशैंट में... पेशैंट का ऐज क्या है? वेट क्या है? और उसी हिसाब से कई पेशैंट कोई दवाई नहीं ले सकते... कई गोली खाते हैं, कोई पीने के खाते हैं... पेशैंट पे भी वैरी करता है...

ये आप मुझे बतायें कि कुछ लोग alternate therapies की तरफ़ जाते हैं...

हूं...

आयुर्वेद हो गया यूनानी हो गया, होम्योपैथी हो गया...

हूं...

तो क्या कोई ऐसा किस्सा हुआ है कि वो इस्तेमाल करने के बाद, वो ठीक नहीं हुये, फिर आपके पास आये...

नहीं, बहुत सारा ऐसा होता है, देखिये, एम.बी.बी.एस., we are taught medicine, this is evidence based medicine क्योंकि इसमें जो है, जो scientifically proved चीज है वही सिखाई जाती है... कोई भी मैडिसन मार्केट में आती है, उससे पहले दस-पंद्रह-बीस साल रिसर्च होती है तभी वो मार्केट में आती है... कौन सी दवाई कहां पहुंचती है, क्या करती है, शरीर में कौन सी बीमारी में क्या अंदर पैथोलॉजी है, तो ये सब हमें सिखाया जाता है... तो उसी के accordingly दवाई काम करती है... अब वो होता क्या है कि मैडिसन का इतना मिसयूज है, anybody can go to the counter of many chemist and he can ask for any medicine.

जी...

If medicines is not used judiciously तो it may be harmful, and then we blame allopathy... तो, मतलब मैडिसन में we are taught के भई कैसी दवाई, कितनी डोज़, कैसे दी जाती है, कितनी देर शरीर में रहती है, कहां-कहां से excrete होती है... Whether it is excrete in urine, stool और आपके sweat... तो जब तक judicious use नहीं होगा... In other countries, those which are developed countries...

जी...

उनमें क्या है कि there is judicious use of medicine. You can’t take any medicine from any chemist, without the prescription of doctor and here you can take any medicine.

नहीं ये तो ऐलोपैथी का आपने कहा...

अच्छा...

मैं चाह रहा था कि एक कम्पैरिज न...

कम्पैरिज न तो...

अगर आप आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी एक तरफ और ऐलोपैथी अगर एक तरफ आप लेते हैं...

नहीं, आयुर्वेदिक में क्या है...

एक बार फिर से कर सकते हैं? भईया, ओ, ओ, रोलिंग... ओए...

डॉक्टर साहब ये बतायें कि ये जो बाकी पैथीज़ हैं, या बाकी जो इलाज के तरीके हैं, आयुर्वेद हमारे देश में बहुत समय से रहा है...

देखिये, आयुर्वेदिक मैडिसन हम मानते हैं अपने टाईम में आयुर्वेदिक था... जब कोई और alternative नहीं था, आजकल हर चीज़ में बैटरमैंट होती जा रही है... You can say के भई, जैसे पहले, आयुर्वेद के टाईम में, मान लो जब मार्डन मैडिसन आई है, उससे पहले कई चीज ऐसी थी कि जो आयुर्वेदिक में, जो, में कुछ लिखा हुआ है और जैसे जब हमने साईंटिफिकली प्रूव किया तो it was proved to be wrong... तो ये नहीं के, मतलब, that is way of ancient medicine... और हर कंट्री में, जैसे रोमन है, कोई रोमन मैडिसन रही है, कोई चाइनीज़ मैडिसन रही है, तो पहले भी लोग अपना ढंग से ईलाज करते थे...that is a stage of development of medicine... you can’t say के भई अभी भी हम, we can compare, अब आगे-आगे अब मोबाइल भी आ गया है, कम्प्यूटर भी आ गया है, इंटरनैट आ गया है, तो there is always growth... तो वो एक बार कोई रूल ने सैट कर दिया, ये नहीं कि वो हमेशा ही, टाईम के हर समय में आप उनको कहोगे, भई, हां ये ठीक रहेगा... अब मॉर्डन साईंस में भी कई चीज ऐसी हैं... पहले हम कोई चीज सोचते थे, उसके बाद उस पे इम्प्रूवमैंट हुई तो भई, हां ये गलत था, this is better, this is better, ऐसे ही treatment modulaties में, के पहले हम कोई ट्रीटमैंट करते थे जब कोई और बैटर आ जाती है... तो मतलब ये नहीं कि भई इसमें आयुर्वेदिक में तो इतना रिसर्च नहीं हुआ है... आयुर्वेद में जो पहले लिख दिया, अब वो कई बार क्या होता है, इसमें हम, मोस्टली जो है हम थोड़ा सा सोच के, ऐसे दवाई देते हैं ना, कोई evidence based medicine तो है नहीं वो, के भई अंदाज़े से दवाई देते हैं, के हां, ये काम कर सकती है... और फिर बीमारी भी क्या है, काफी बीमारी ऐसी हैं कि within a period of time वो ठीक भी हो जाती है... फिर हम ये कह देते हैं कि आयुर्वेदिक से ठीक हुआ है या होम्योपौथी से ठीक हुआ है... अब वो रिसर्च, यू...एस...ए... में भी recently देखा गया है कि होम्योपैथी एज़ सच कोई मैडिसन होती ही नहीं है, ये कोई दवाई काम ही नहीं करती है.........

लेकिन फिर भी इसका प्रचलन है आज?

अब फिर भी प्रचलन है, वो लोग कहते हैं कि हां जी, डाबर का च्यवनप्राश खाओ, किसी को फायदा हुआ किसी को नहीं हुआ... ये भी प्रचलन है... किसी को लीवर की बीमारी, LIVE 52 लोग खाते हैं... कई काम करती है, नहीं करती हैं... किसी को पता ही नहीं है... अब आजकल कुछ (हंसते हुये) ऐसे भी है...

नहीं, एक-एक, ये कहा जाता है...

मतलब ये है ना evidence based मैडिसन तो है नहीं वो... आप अगर मॉर्डन मैडिसन का judiciously use करें, और वो ठीक है, भई खामियां तो हर चीज़ में होती हैं... अभी modern medicine में बहुत सारी चीज ऐसी हैं, जिनका अभी तक भी पता नहीं...

वो क्या हैं?

जैसे बीमारी के बारे में भी... बहुत सारी चीजें, जैसे हम कह देते हैं, अब आपको बैठे-बैठे थोड़ी खुजली हो गई है, एलर्जी हो गई है, तो कई बार हम सोचते हैं इससे हो गया, उससे हो गया, तो sometime we may not be able to come to any conclusion... कि किस वजह से हुआ है यह... तो बहुत सारी चीजें, बॉडी का स्ट्रक्चर इतना जटिल है कि अभी भी बहुत सारी चीजें हैं वो आदमी की समझ से बाहर हैं... and जैसे कैंसर है, क्यों हो जाता है? कैसे हो जाता है? अभी भी lot of research is going on, going on...

exercise (hindi): 

क्या डॉक्टर को लगता है कि मैडिसन का judicious use हो रहा है भारत में?

1 हाँ

2 कभी कभी

3 नहीं

4 शायद

डॉक्टर की सोच क्या है आयुर्वेद के बारे में?

1 यह एक आधुनिक तरीके की मैडिसन है

2 यह एक दकयानूसी तरीके की मैडिसन है

3 यह एक पुराने तरीके की मैडिसन है

4 अलग तरीके की मैडिसन है

vocabulary (urdu): 

Which types of patients

کس کس طبقے کے مریض

Condition of the patient

مریض کی ستھت

Every patient

ہر مریض کو

Give just one medicine

ایک ہی دوائی دینی ہے

Cannot take any medicine

کوئی دوائی نہں لے سکتے

Takes several pills

کوئی گولی کھاتے ہیں

Take liquid medication

کوئی پینے کے کھاتے ہیں

Ayurveda

آیورویدا

Unani

یونانی

Homeopathy

ہومیوپیتھی

Which disease is in the body

شریر میں کونسی بیماری ہے

What's the pathology inside

کیا اندر پیتھالجی ہے

What kind of medicine

کیسی دوائی

How much of a dose

کتنی ڈوز

How is it given

کیسے دی جاتی ہے

How long it stays in the body

کتنی دیر شریر میں رہتی ہے

Where is it excreted from

کہاں کہاں سے ایکسکریٹ

ہوتی ہے

Ayurvedic medicine

آیرویدک میڈسن

Treated in my way

اپنا ڈھنگ سے علاج

Give medicine by guessing

اندازے سے دوائی دیتے ہیں

This work can be done

یہ کام کر سکتی ہے

The medicine just doesn't work

دوائی کام ہی نہیں کرتی ہے

Prevalent

پرچلن

Dabur chyavanprash

ڈابر کا چیونپراش

Advantage, benefit, gain, profit, use

فائدہ

Shortcomings

خامیاں

Disease, illness

بیماری

Itch

کھجلی

Allergy

ایلرجی

Complex

جٹل

Cancer

کینسر

transcription (urdu): 

تو یہ بتائیں کہ کس کس طبقے کے مریض آپ کے پاس یہاں پر آتے ہیں اور یہ کچھ کامن بیماریاں لے کر آتے ہیں یا۔۔۔

موسٹلی، زیادہ بیماری تو فییور، کولڈ، کاف، یہ زیادہ ہیں۔۔۔ موستٹلی وائرل انفیکشن زیادہ ہے۔۔۔

اس علاقے میں؟

ہاں۔۔۔

تو اس کا کوئی کامن علاج ہے آپ کے پاس، یا مریض کی ستھتھی دیکھ کر۔۔۔ کیسے؟ آپ ذرا مجھے ذرا وستار سے بتائیں۔۔۔

نہیں، وہ تو مریض تو، جیسے پیشنٹ آئے گا، اسی حساب سے اس کو، یہ ضروری نہیں ہے کہ ہر ایک کو، ہر مریض کو ایک ہی دوائی دینی ہے۔۔۔ تھوڑا تھوڑا ویرییشن ہوتا ہے پیشنٹ کی۔۔۔ پیشنٹ کا ایج کیا ہے؟ ویٹ کیا ہے؟ اور اسی حساب سے کئی پیشنٹ کوئی دوائی نہیں لے سکتے۔۔۔ کئی گولی کھاتے ہیں، کوئی پینے کے کھاتے ہیں۔۔۔ پیشنٹ پہ بھی ویری کرتا ہے۔۔۔

یہ آپ مجھے بتائیں کہ کچھ لوگ آلٹرنیٹ تھیرپیز کی طرف جاتے ہیں۔۔۔

ہوں۔۔۔

آیوروید ہو گیا، یونانی ہو گیا، ہومیوپیتھی ہو گیا۔۔۔

ہوں۔۔۔

تو کیا کوئی ایسا قصّہ ہوا ہے کہ وہ استعمال کرنے کے بعد، وہ ٹھیک نہیں ہوئے، پھر آپ کے پاس آئے۔۔۔


نہیں، بہت سارا ایسا ہوتا ہے، دیکھئیے، ایم۔ بی۔ بی۔ ایس۔، وی آر ٹاٹ میڈسن، تھس از ایوڈینس بیسڈ میڈسن کیونکہ اس میں جو ہے، جو سائنٹفلکلی پرووڈ چیز ہے وہی سکھائی جاتی ہے۔۔۔ کوئی بھی میڈسن مارکٹ میں آتی ہے۔۔۔ اس سے پہلے دس، پندرہ، بیس سال ریسرچ ہوتی ہے تب ہی وہ مارکٹ میں آتی ہے، کونسی دوائی کہاں پہنچتی ہے، کیا کرتی ہے، شریر میں کون سی بیماری میں کیا اندر پیتھولوجی ہے، تو یہ سب ہمیں سکھایا جاتا ہے۔۔۔ تو اسی کے اکارڈنگلی دوائی کام کرتی ہے۔۔۔ اب



وہ ہوتا کیا ہے کہ میڈسن کا اتنا مسیوز ہے، اینیباڈی کین گو ٹو دا کاؤنٹر آف مینی کیمسٹ اینڈ ایسک فار اینی میڈسن۔

جی۔۔۔

اف میڈسن از ناٹ یوزڈ جوڈشسلی تو اٹ مے بی ہارمفل، اینڈ دین وی بلیم ایلوپیتھی۔۔۔ تو میڈسن میں وی آر ٹاٹ کہ بھئی کیسی دوائی، کتنی ڈوس، کیسے دی جاتی ہے، کتنی دیر شریر میں رہتی ہے، کہاں کہاں سے ایکسکریٹ ہوتی ہے۔۔۔ ویدر اٹ از ایکسکریٹ ان یوورن، اسٹول، اور آپ کے  سویٹ۔۔۔ تو جب تک جوڈشس یوز نہیں ہوگا۔۔۔ ان ادر کنٹریز، دوز وچ آر ڈویلپڈ کنٹریز۔۔۔

جی۔۔۔

ان میں کیا ہے کہ، دیر از جوڈشس یوز آف میڈسن۔ یو کانٹ ٹیک اینی میڈسن فرم اینی کیمسٹ وداؤٹ دی پرسکرپشن آف اے ڈاکٹر، اینڈ ہیر یو کین ٹیک اینی میڈسن۔

نہیں یہ تو ایلوپیتھی کا آپ نے کہا۔۔۔

اچّھا۔۔۔

میں چاہ رہا تھا کہ ایک کمپیرزن۔۔۔

کمپیرزن تو۔۔۔

اگر آپ آیوروید، ہومیوپیتھی اور یونانی ایک طرف اور ایلوپیتھی اگر ایک طرف آپ لیتے ہیں۔۔۔

نہیں، آیورویدک میں کیا ہے۔۔۔


ایک بار پھر سے کر سکتے ہیں؟ بھئیّا، او، او، رولنگ۔۔۔ اوے۔۔۔


ڈاکٹر صاحب یہ بتائیں کہ یہ جو باقی پیتھیز ہیں، یا باقی جو علاج کے طریقے ہیں، آیوروید ہمارے بھارت میں بہت سمے سے رہا ہے۔۔۔

دیکھئیے، آیورویدک میڈسن ہم مانتے ہیں اپنے ٹائم میں آیورویدک تھا۔۔۔ جب کوئی اور آلٹرنیٹو نہیں تھا، آج کل ہر چیز میں بیٹرمنٹ ہوتی جا رہی ہے۔۔۔ یو کین سے کہ بھئی، جیسے پہلے، آیورویدک کے ٹائم میں، مان لو جب  ماڈرن میڈسن آئی ہے، اس سے پہلے کئی چیز ایسی بھی کی جو آیورویدک میں، جو، میں کچھ لکھا ہوا ہے اور ویسے جب ہم نے سائنٹفکلی پروو کیا تو  اٹ وز پرووڈ ٹو بی رانگ۔۔۔ تو یہ نہیں کہ، مطلب،  دیٹ از اینشنٹ فار آف میڈسن۔۔۔ اور ہر کنٹری میں، جیسے رومن ہے، کوئی رومن میڈسن رہی ہے، کوئی چائنیز میڈسن رہی ہے، تو پہلے بھی لوگ اپنا ڈھنگ سے علاج کرتے تھے۔۔۔ دیٹ از اے اسٹیج آف  ڈویلپمینٹ آف میڈسن کہ بھئی ابھی بھی ہم، وی کین کمپیر، اب آگے آگے اب موبائل بھی آ گیا ہے، کمیوٹر آگیا ہے، انٹرنیٹ آگیا ہے، تو دیر از آلویز گروتھ۔۔۔ تو وہ ایک بار کوئی روول میں سیٹ کر دیا، یہ نہیں کہ وہ ہمیشہ ہی، ٹائم کے ہر سمے میں آپ ان کو کہو گے، بھئی ہاں یہ ٹھیک رہیگا۔۔۔ اب ماڈرن سائنس میں بھی کئی چیز ایسی ہے۔۔۔ پہلے ہم کوئی چیز سوچتے تھے، اس کے بعد اس پہ امپروومینٹ ہوئی تو بھئی، ہاں یہ غلط تھا، دس از بیٹر، دس از بیٹر ایسے ہی ٹریٹمینٹ موریلٹیز میں۔۔۔ میں، کہ پہلے ہم کوئی ٹریٹمینٹ کرتے تھے جب کوئی اور بیٹر آ جاتی ہے۔۔۔ تو مطلب یہ نہیں کہ بھئی اس میں آیورویدک میں اتنا ریسرچ نہیں ہوا ہے۔۔۔ آیوروید میں جو پہلے لکھ دیا، اب وہ کئی بار کیا ہوتا ہے، اس میں ہم، موسٹلی جو ہے ہم تھوڑا سا سوچ کے، ایسے دوائی دیتے ہیں نہ، کوئی ایوڈینس۔بیسڈ میڈسن تو ہے نہیں وہ، یہ بھئی اندازے سے دوائی دیتے ہیں، کہ ہاں، یہ کام کر سکتی ہے۔۔۔ اور پھر بیماری بھی کیا ہے، کافی بیماری ایسی ہے کہ ودن اے پیریڈ آف ٹائم وہ ٹھیک بھی ہو جاتی ہے۔۔۔ پھر ہم یہ کہ دیتے ہیں کہ آیورویدک سے ٹھیک ہوا ہے یا ہومیوپیتھی سے ٹھیک ہوا ہے۔۔۔ اب وہ ریسرچ یو۔ایس۔اے میں بھی ریسنٹلی دیکھا گیا ہے کہ ہومیوپیتھی ایز سچ کوئی میڈسن ہوتی ہی نہیں ہے، یہ کوئی دوائی کام ہی نیہں کرتی ہے۔۔۔

لیکن پھر بھی اس کا پر چلن ہے آج؟

اب پھر بھی پر چلن ہے، وہ لوگ کہتے ہیں کہ ہاں جی، ڈابن کا چونپراش کھاؤ کسی کو فائدہ ہوا کسی کو نہیں ہوا۔۔۔ یہ بھی پر چلن ہے۔۔۔ کسی کو نہیں ہوا۔۔۔ یہ بھی پرچلن ہے۔۔۔ کسی کو لیور کی بیماری، لیو ففٹی ٹو لوگ کھاتے ہیں۔۔۔ کوئی کام کرتی ہے، نہیں کرتی ہیں۔۔۔ کسی کو پتہ ہی نہیں ہے۔۔۔ اب آج کل کچھ (ہنستے ہوئے) ایسے بھی ہے۔۔۔

نہیں، ایک ایک، یہ کہا جاتا ہے۔۔۔

مطلب یہ ہے نہ ایوڈینس۔بیسڈ میڈسن تو ہے نہیں وہ۔۔۔ 

exercise (urdu): 

کیا ڈاکٹر کو لگتا ہے کے میڈسن کا جوڈشس یوز ہو رہا ہے بھارت میں؟

1 ہاں

2 کبھی کبھی

3 نہیں

4 شاید

آیورویدا کے بارے میں ڈاکٹر صاحب کی سوچ کیا ہے؟

1 یہ ایک آدکھنک طریقے کی میڈسن ہے

2 یہ ایک دکیانوسی طریقے کی میڈسن ہے

3 یہ ایک پرانے طریقے کی میڈسن ہے

4 یہ ایک الگ طریقے کی میڈسن ہے