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College of Liberal Arts wordmark

Unani Herbs: Procurement and Manufacture

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vocabulary (hindi): 

Pharmacy

दवाखाना

Specialty, uniqueness

खासियत

The experience of medicines

दवाअों का जो तजुर्बा है

Transportation of medicines

दवाअों की आमद

 

मेयारी दवाअों का दस्तयाप

 

दरसियाफ्त

Medicines, drugs

दवायें

Rare medicines

नायाब दवायें

Himalayas

हिमालय

 

कस्तूरी हिरन

Oysters

कस्तूरी

 

मुश्ती

Rare

नायाब

 

माहर्षि

Tangy spicy drink for stomach illness

जलजीरे

 

अंबर ग्रीस

Amber

अंबर

 

दस्तआब

Glue, gum, adhesive

गोंद

 

मस्तीकी

Naseem's medication

नसीम की दवायें

 

सालम मिश्री

Expensive

महंगा

Influx

आमद

Usage

खपत

Herbs

जड़ी-बूटियां

Old ways

पुराने तरीके

 

इमामदस्ता

Strainers

छन्नियां

Kilns

भट्टियां

For filtering

छानने के लिये

Color

रंग

Smell

बू

Taste

जायका

 

मेयराकी

Common folk

आवाम

Medicine

दवा

Digestive

हाजमे की

Gas

गैस

 

अफारा

Indigestion

बदहज़मी

 

इक्शिरादिम

Busy life

भागदौड़ की जिंदगी

 

रिजायें

Difference kinds of vitamins

मुखतलिफ विटामिन

Different kinds of diseases

मुखतलिफ बिमारियां

Women's

अौरतों की

Men's

मर्दों की

Effect in the liver

लीवर में असर

Disease, illness

बीमारी

Jaundice

पीलिया

transcription (hindi): 

अ, मैं ये पूछना चाह रहा था कि अब आप, बकई दवाखाना जो है... जी... ये काफी हद तक... जी... और चीजें भी करता है... आप मैन्यूफैक्चर भी करते हैं... जी... इसके बारे में हमें जरा, काफी खुल के, जरा बतायें कि क्या खासियत इस दवाखाने की है और, क्योंकि और भी दवाखाने हैं... जी... और भी करते हैं, यहां की क्या खासियत है? हां जी, जो खासियत है वो ये है कि दवाओं का जो तजुर्बा है, दवाओं की आमद, यानि मेयारी दवाओं का दस्तयाप कराना, क्योंकि जो, जहां से हम दवायें लेते हैं... जी... वो इनकमिंग सोर्स, वो भी हमारी अपनी, हमारे रिलेटिव हैं... और जहां-जहां से भी दरसियाफ्त हो सकती हैं दवायें, इटली से, कुछ दवायें इटली से आ रही हैं, कुछ तुर्की से आ रही हैं, कुछ ईरान से आ रही हैं, अफगानिस्तान और नेपाल से आ रही हैं... जहां-जहां जो दवा जिस जगह से निकलेगी, वो दरसियाफ्त कराते हैं... कट... (फोन की घंटी बजती है) बात कर लेने दो... हां, हैलो... ओ.के. वो थोड़ा सा हमें और बताने की जहमत करें... जी... क्योंकि वो... जी... फोन की घंटी बज गई थी... तो जो दवायें आपकी आती हैं... जी... दवाओं का... कुछ, कुछ नाम, इस तरह के आप हमें बता पायें कि वो कौन सी दवायें हैं, नायाब दवायें हैं... हां... क्योंकि वहां से आती हैं... किस तरह की होती हैं? ज़रा उनके बारे में खुलासा करें... जी... हिमालय के पहाड़ों में जो कस्तूरी हिरन होता है, वहां से कस्तूरी आया करता था, मुश्ती से बोलते हैं, वो अब नायाब हो गया, बंद हो गया... और माहर्षि वगैरह, जलजीरे जो उधर हैं, पानी में, समंदर से, वहां से अंबर ग्रीस आता है, अंबर, वो उस वक्त तो बहुत सस्ता था, अब ये सात लाख रुपये किलो इस वक्त मिल रहा है, ले के दस्तआब है... इसे इस्तेमाल करते हैं और इटली से गम आता है, गोंद, जिसकी मस्तीकी बोलते हैं... वो तकरीबन नौ-साढ़े नौ हजार रुपये किलो है इस वक्त, वो भी ले आते हैं, नसीम की दवायें... ईरान से आता है सालम मिश्री है, ईरान से आती है... वो इस वक्त तकरीबन पांच हजार रुपये किलो है... ऐसी दवायें हैं जिनको कि मिल रही हैं... तो ये जो... हां... जो ये दवायें हैं... जी... इतनी मंहगी दवायें हैं, तो इसका जो ईलाज भी महंगा ही होगा? इनका इलाज भी महंगा ही है, इसका... क्योंकि दवाओं की जो है, वो आमद तो उतनी ही है, लेकिन अब उनकी खपत जो है वो ज्यादा हो गई है... जरूर, उनकी मार्केटिंग, उनकी डिमांड जो है वो ज्यादा है... तो इस वजह से, डिमांड की वजह से बढ़ गई है उनकी, रेट बढ़ गये हैं उनके... जो आपका अपना दवाखाने के अलावा मैन्यूफैक्चरिंग का भी काम है... जी... तो पहले जो हकीमी होती थी... जी... उसमें आप जा के जड़ी-बूटियां इकट्ठा करते थे और... जी... और उनको हाथ के बनाते थे, तब में, अब में क्या फर्क हो गया है? जड़ी-बूटियां तो जब भी लाते थे, हाथ से बनाते थे... उस वक्त ये था के पुराने तरीके इस्तेमाल होते थे, के लोहे का इमामदस्ता है, छन्नियां हैं, आमद चलती थी, और भटि्टयां चलती थी, कोयले की भटि्टयां जलती थी, और दूसरे बर्तन जो भी होते थे इस्तेमाल होते थे... सब साईंटिफिक तरीके से एस.एस. के बर्तन इस्तेमाल होते हैं, ग्राइंडिंग मशीन हैं, और पुरवलाईज़र हैं, प्लैंटिंग मिक्सर आ गये हैं... और फिलिंग के लिये माटरोक मशीनें आ गई हैं... फिल्टर के लिये, छानने के लिये आ गई हैं, पहले सब काम हाथ से हुआ करते थे... अब ये है कि साईड, और दूसरे है कि पानी हम कैसा भी इस्तेमाल करते थे... अब जो है पानी के लिये भी फिल्टरेशन, आर.ओ. पानी इस्तेमाल होता है, उसके लिये... और हर दवा को, आमद से पहले उसकी जांच होती है, यानि हमारी अपनी शिनाखत तो है ही, उसका रंग, बू, जायका, शिनाखत देखते हैं... लेकिन उसको लैबोरेट्ररी टैस्ट भी देखते हैं कि कितनी पुरानी है, कितनी इफैक्टिव है, कितनी नहीं है... तो अब लैबोरेट्ररी टैस्ट भी होती है... रॉ मैटेरीयिल की भी होती है, बनने के बाद भी... उसका जो प्रोसैसिंग है, हर प्रोसैसिंग पे उसकी टैस्टिंग होती है, कंट्रोल होता है... और तैयार होने के बाद फिनिश्ड गुड्स जो है, उसकी भी टैस्टिंग होती है कि उसकी मेयारकी है या नहीं है... तो इसलिये पूरी क्वालिटी कंट्रोल के बाद ही ये आवाम तक दवा पहुंचती है... आप किस-किस किस्म की दवायें अपने, इसमें फैक्ट्ररी में बनाते हैं? हूं... और कहां-कहां पर आप उनको सप्लाई करते हैं? हूं... हमारी जो है इस वक्त पेटैंट दवाओं में खास तौर पर जो है, वो हाजमे की सबसे ज्यादा है... गैस, अफारा, बदहज़मी के लिये, एक शीरफ है इन्डाईजीक्योर, एक इक्शिरादिम है... और दूसरा डाईबटीज के लिये, जो अभी नई रिसर्च हुई है, डायबटीज के लिये टैब्लेट निकली हैं, डाईज है, और हैल्थ के लिये हैल्थटोन है... क्योंकि आजकल भागदौड़ की जिंदगी है, लोगों के पास वक्त है नहीं, रिजायें उतर रही हैं, लोगों को मुखतलिफ विटामिन नहीं मिल पाते रिजाओं से... तो वो अब दवाओं से ही... जी... दवाओं से ही उसको हासिल करते हैं... जी... और जो मुखितलिफ बीमारियां हैं औरतों की, मर्दों की, सैक्स वगैरह, उसकी भी दवायें हम बनाते हैं... और लीवर की, खास तौर पर, जो आजकल, जो डॉक्टर ईलाज इतना हो गया है, ये लीवर पर ही अटैक करता है सबसे ज्यादा... जितनी भी एंटीबाईटिक हैं, दूसरी दवायें हैं, ये लीवर में असर करती हैं, खास तौर पर जब हैपीटाईटिस बी बीमारी चली है... लीवर की, भाई होता है पीलिया वगैरह, जौंडिस, तो इसके लिये लाईवीन है, लीवर के लिये बना है... और, बल्कि इसको डॉक्टर लोग भी इस्तेमाल कर रहे हैं अपनी दवाओं के साथ क्योंकि उनकी दवाओं का जो साईड इफैक्ट है वो जरूरी है कि वो लीवर की कोई ना कोई दवा, एडिश्नल उसके साथ लगायें... वो इस्तेमाल करवा रहे हैं इसको...

translation (hindi): 

 

exercise (hindi): 

दवायें महँगी क्यों हैं?

1 नायाब दवायें हैं

2 दूर के देशों से आती हैं

3 सब वजहों से

4 खपत बढ़ गई है

नई यूनानी दवा बनाने में क्या इस्तेमाल होता है

1 लोहे का इमामदस्ता

2 भट्टियाँ

3 फ़िल्टर

4 छन्नियाँ

दवाखाने में कौन सी दवा नहीं बनती है?

1 शीरफ़

2 इक्शिरादिम

3 रोबिटसम

4 हैल्थटोन

vocabulary (urdu): 

Pharmacy

دواخانہ

Specialty, uniqueness

خاصیت

The experience of medicines

دوائوں کا جو تجربہ ہے

Transportation of medicines

دواؤں کی آمد

 

معیاری دواؤں کا دستیاب

 

 

Medicines, drugs

دوائیں

Rare medicines

نایاب دوائیں

Himalayas

ہمالیہ

 

کستوری ہرن

Oysters

کستوری

 

مشتی

Rare

نایاب

 

 

Tangy spicy drink for stomach illness

چلجیرے

 

عنبر گریس

Amber

عنبر

 

دستاب

Glue, gum, adhesive

گوند

 

مستیکی

Naseem's medication

نسیم کی دوائیں

 

سالن مشری

Expensive

مہنگا

Influx

آمد

Usage

کھپت

Herbs

جڑی بوٹیاں

Old ways

پرانے طریقے

 

اوانستہ

Strainers

چھننیاں

Kilns

بھٹّیاں

For filtering

چھننے کے لئے

Color

رنگ

Smell

بو

Taste

ذائقہ

 

میراکی

Common folk

عوام

Medicine

دوا

Digestive

ہاضمے کی

Gas

گیس

 

افارا

Indigestion

بد ہضمی

 

اکشارادم

Busy life

بھاگ دوڑ کی زندگی

Diets

غذائیں

Difference kinds of vitamins

مختلف وٹمن

Different kinds of diseases

مختلف بیماریاں

Women's

عورتوں کی

Men's

مردوں کی

Effect the liver

لیور کو متاثر

Disease, illness

بیماری

Jaundice

پیلیہ

transcription (urdu): 

حکیم صاحب یہ بتائیں کہ اب آپ کا دواخانہ۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

اس کی تو بنیاد اتنی۔۔۔ پانچ سو سال پرانی ہے۔۔۔

 

ہمارے دواخانے کی بنیاد جو ہے وہ۔۔۔ یہ۔۔۔ اسّی سال پرانی ہے۔۔۔

 

خاندانی؟ خاندانی جو آپ کا جو ایک چلان جو۔۔۔

 

خاندانی۔۔۔

 

چلا آ رہا ہے وہ، اس کی جڑیں۔۔۔

 

پانچ سو سال پرانا ہے۔۔۔ بہت پرانی۔۔۔

 

بہت گہری ہے۔۔۔

 

ہاں، ہاں، بہت گہری ہے

 

میں یہ پوچھنا چاہ رہا تھا کہ اب آپ بقائی دواخانہ جو ہے یہ کافی حد تک۔۔۔،

 

جی۔۔۔

 

اور چیزیں بھی کرتا ہے۔۔۔ آپ مینیوفیکچر بھی کرتے ہیں۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

اس کے بارے میں ہمیں ذرا، کافی کھل کے، ذرا بتائیں کہ کیا خاصیت اس دواخانے کی ہے اور، کیونکہ اور بھی دواخانے ہیں۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

اور بھی کرتے ہیں، یہاں کی کیا خاصیت ہے؟

 

ہاں جی، جو خاصیت ہے وہ یہ ہے کہ دواؤں کا جو تجربہ ہے، دوداؤں کی آمد، یعنی معیاری دواؤں کا دستیاب کرانا، کیونکہ جو، جہاں سے ہم دوائیں لیتے ہیں۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

وہ انکمنگ سورس، وہ بھی ہماری اپنی، ہمارے رلیٹو ہیں۔۔۔ اور جہاں جہاں سے بھی دریافت ہو سکتی ہیں دوائیں، اٹلی سے، کچھ دوائیں اٹلی سے آ رہی ہیں، کچھ ترکی سے آ رہی ہیں، کچھ ایران سے آ رہی ہیں، افغانستان اور نیپال سے آ رہی ہیں۔۔۔ جہاں جہاں جو دوا جس جگہ سے نکلیگی، وہ دستیاب کراتے ہیں۔۔۔

 

کٹ۔۔۔

 

(فون کی گھنٹی بجتی ہے)

 

بات کر لینے دو۔۔۔

 

ہاں، ہیلو۔۔۔

 

او۔ کے۔

 

وہ تھوڑا سا ہمیں اور بتانے کی زحمت کریں۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

کیونکہ وہ۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

فون کی گھنٹی بج گئی تھی۔۔۔ تو جو دوائیں آپ کی آتی ہیں۔۔۔

 

ہاں، وہ دواؤں کا۔۔۔

 

کچھ، کچھ نام، اس طرح کے آپ ہمیں بتا پائییں کہ وہ کونسی دوائیں ہیں، نایاب دوائیں ہیں۔۔۔

 

ہاں۔۔۔

 

کیونکہ وہاں سے آتی ہیں۔۔۔ کس طرح کی ہوتی ہیں؟ ذرا ان کے بارے میں خالاصہ کریں۔۔۔

 

جی۔۔۔ ہمالیہ کے پہاڑوں میں جو کستوری ہرن ہوتا ہے، وہاں سے کستوری آیا کرتا تھا، مشتی سے بولتے ہیں، وہ اب نایاب ہو گیا، بند ہو گیا۔۔۔ اور ماہرشیش وغیرہ، جلجیرے جو ادھر ہیں، پانی میں، سمندر سے، وہاں سے عنبر گریس آتا ہے، عنبر، وہ اس وقت تو بہت سستا تھا، اب یہ سات لاکھ روپئیے کلو اس وقت مل رہا ہے، لے کے دستیاب ہے۔۔۔ اسے استعمال کرتے ہیں اور اٹلی سے گم آتا ہے، گوند، جس کی مستیکی بولتے ہیں۔۔۔ وہ تقریباً نو، ساڑھے نو ہزار روپئیے کلو ہے اس وقت، وہ بھی لے آتے ہیں، نصیب کی دوائیں۔۔۔ ایران سے آتا ہے سالم مصری ہے، ایران سے آتی ہے۔۔۔ وہ اس وقت تقریباً پانچ ہزار روپئیے کلو ہے۔۔۔ ایسی دوائیں ہیں جن کو کہ مل رہی ہیں۔۔۔ تو یہ جو۔۔۔ ہاں۔۔۔

 

جو یہ دوائیں ہیں۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

اتنی مہنگی، اس کا جو علاج بھی مہنگا ہی ہوگا؟ ان کا علاج بھی مہنگا ہی ہے، اس کا۔۔۔ کیونکہ دواؤں کی جو ہے، وہ آمد تو اتنی ہی ہے، لیکن اب ان کی کھپت جو ہے وہ زیادہ ہو گئی ہے۔۔۔ ٖضرور، ان کی مارکٹنگ، ان کی ڈمانٹ جو ہے وہ زیادہ ہے، تو اس وجہ سے، ڈمانڈ کی وجہ سے بڑھ گئی ہے ان کی، ریٹ بڑھ گئے ہیں ان کے۔۔۔

 

جو آپ کا اپنا دواخانے کے علاوہ مینیوفیکچرنگ کا بھی کام ہے۔۔۔ جی۔۔۔

 

تو پہلے جو حکیمی ہوتی تھی۔۔۔ جی۔۔۔ اس میں آپ جا کے جڑی بوٹیاں اکٹّھا کرتے تھے اور۔۔۔ جی۔۔۔ اور ان کے ہاتھ کے بناتے تھے، تب میں، اب میں کیا فرق ہو گیا ہے؟

 

جڑی بوٹیاں تو جب بھی لاتے تھے، ہاتھ سے بناتے تھے۔۔۔ اس وقت یہ تھا کہ پرانے طریقے استعمال ہوتے تھے، کہ لوہے کا امام دستہ ہے، چھنّیاں ہیں، امام جلتی تھی، اور بھٹٹّیاں جلتی تھی، کوئلے کی بھٹّیاں جلتی تھیں، اور دوسرے برتن جو بھی ہوتے تھے استعمال ہوتے تھے۔۔۔ اب سائنٹفک طریقے سے ایس۔ ایس۔ کے برتن استعمال ہوتے ہیں، گرائنڈنگ مشین ہیں، اور پلورائزر ہیں، پلینٹرنگ مکسر آ گئے ہیں۔۔۔ اور فلنگ کے لئے ماٹروک مشینیں آ گئی ہیں۔۔۔ فلٹر کے لئے، چھاننے کے لئے آ گئی ہیں، پہلے سب کام ہاتھ سے ہوا کرتے تھے۔۔۔ اب یہ ہے کہ سائن، اور دوسرے ہے کہ پانی ہم کیسا بھی استعمال کرتے تھے۔۔۔ اب جو ہے پانی کے لئے بھی فلٹریشن، آر۔ او۔ پانی استعمال ہوتا ہے، اس کے لئے۔۔۔ اور ہر دوا کو، آمد سے پہلے اس کی جانچ ہوتی ہے، یعنی ہماری اپنی شناخت تو ہے ہی، اس کا رنگ، بو، ذائقہ، شناخت دیکھتے ہیں۔۔۔ لیکن اس کو لیبرٹوری ٹیسٹ بھی دیکھتے ہیں کہ کتنی پرانی ہے، کتنی افیکٹو ہے، کتنی نہیں ہے۔۔۔ تو اب لیبرٹوری ٹیسٹ بھی ہوتی ہے۔۔۔ را مٹیرئیل کی بھی ہوتی ہے، بننے کے بعد بھی۔۔۔ اس کا جو پروسیسنگ ہے، ہر پروسیسنگ پہ اس کی ٹیسٹنگ ہوتی ہے، کنٹرول ہوتا ہے۔۔۔ اور تیّار ہونے کے بعد فنشڈ گڈس جو ہے، اس کی بھی ٹیسٹنگ ہوتی ہے کہ اس کی میعار کی ہے یا نہیں ہے۔۔۔ تو اس لئے پوری کوالٹی کنٹرول کے بعد ہی یہ عوام تک دوا پہنچتی ہے۔۔۔ آپ کس کس قسم کی دوائیں اپنے، اس میں فیکٹری میں بناتے ہیں؟

 

ہوں۔۔۔

 

اور کہاں کہاں پر آپ ان کو سپلائی کرتے ہیں؟

 

ہوں۔۔۔ ہماری جو ہے اس وقت پیٹنٹ دواؤں میں خاص طور پر جو ہے، وہ ہاضمے کی سب سے زیادہ ہے۔۔۔ گیس، افارا، بدہضمی کے لئے، ایک شیرف ہے انڈائجیکیور، ایک اکشرادم ہے۔۔۔ اور دوسرا ڈائیابیٹیز کے لئے، جو ابھی نئی ریسرچ ہوئی ہے، ڈائیابیٹیز کے لئے ٹیبلیٹ نکلی ہیں، ڈائج ہے، اور ہیلتھ کے لئے ہیلتھٹون ہے۔۔۔ کیونکہ آج کل بھاگ دوڑ کی زندگی ہے، لوگوں کے پاس وقت ہے نہیں، غذائیں اوپر رہی ہیں، لوگوں کو مختلف وٹمن نہیں مل پاتے غذاؤں میں۔۔۔ تو وہ اب دواؤں سے ہی۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

دواؤں سے ہی اس کو حاصل کرتے ہیں۔۔۔

 

جی۔۔۔

 

اور جو مختلف بیماریاں ہیں عورتوں کی، مردوں کی، سیکس وغیرہ، اس کی بھی دوائیں ہم بناتے ہیں۔۔۔ اور لیور کی، خاص طور پر، جو آج کل، جو ڈاکٹری علاج اتنا ہو گیا ہے، یہ لیور پر ہی اٹیک کرتا ہے سب سے زیادہ۔۔۔ جتنی بھی اینٹیبائیوٹک ہیں، دوسری دوائیں ہیں، یہ لیور کو متاثر کرتی ہیں، خاص طور پر جب ہیپٹائٹس بی بیماری چلی ہے۔۔۔ لیور کی، بھائی ہوتی ہے پیلیہ وغیرہ، جونڈس، تو اس کے لئے لائوین ہے، لیور کے لئے بنا ہے۔۔۔ اور بلکہ اس کو ڈاکٹر لوگ بھی استعمال کر رہے ہیں اپنی دواؤں کے ساتھ کیونکہ ان کی دواؤں کا جو سائڈ افیکٹ ہے وہ ضروری ہے کہ وہ لیور کی وہ لیور کی کوئی نا کوئی دوا، اڈشنل اس کے ساتھ لگائیں۔۔۔ وہ استعمال کروا رہے ہیں اس کو۔۔۔

exercise (urdu): 

دوائیں مہنگی کیوں ہیں؟

1 نایاب دوائیں ہیں

2 دور کے دیشوں سے آتے ہیں

3 سب وجہوں سے

4 کبپت بڑھ گئی ہے

نئی یونانی دوا بنانے میں کیا استعمال کیا جاتا ہے؟

1 لوہے کا امام دستہ

2 بھٹّیاں

3 فلٹر

4 چھنّیاں