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Illness Advocacy

Dr. Richa Modi 08 - Women's Health

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About This Lesson: 
Dr. Richa Modi discusses issues related to women's health.
vocabulary (hindi): 

जागरूकता

 

Awareness

किसान

 

Farmer/peasant

खेत

 

Field/farmland

फीमेल ऐजुकेशन

 

Female Education

फीमेल अवेयरनेस

 

Female awareness

transcription (hindi): 

तो ये, ये जागरूकता सिर्फ औरत की नहीं है, जो औरत के साथ आदमी है ना, उसको भी समझना है?

उसको बिल्कुल समझना चाहिये... लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि अगर उसे खुद पता हो तब तो वो अपने लिये लड़ेगी ना... अगर उसे लगेगा कि ये चीज सही नहीं है, तो तो वो अपने आदमी को बोलेगी ना कि नहीं, ऐसा नहीं ऐसा करते हैं... उसका पता होना सबसे ज्यादा जरूरी है... आदमी का हो तो बहुत अच्छी बात है... हम दोनों का जो केयर करे वो तो बैस्ट है लेकिन उसको पता होना बहुत जरूरी है... क्योंकि अपना ध्यान तो उसे ही रखना है ना... क्योंकि गांव में ऐसा होता है कि भई किसान है, खेत में काम करने गये, शाम रात में घर आये... तो भई अपना, अपना बच्चा, अपना घर, हर चीज का ध्यान तो उसे ही रखना है ना... तो मुझे लगता है फ़ीमेल एजुकेशन और फ़ीमेल अवेयरनेस, आप यही देख लीजिये, जिस स्टेट में जितनी ज्यादा फीमेल एज्युकेशन, जितनी ज्यादा फीमेल अवेयरनेस है, वहां की maternal mortality और ये जो female child हो तो infant foeticide जो हो रहा है, ये सब, जितनी भी खराब चीजें हैं, उतनी कम हैं... It is directly proportionate to education...

exercise (hindi): 

1) औरतों को स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देनी की क्यों ज़रूरत है?

१) लड़कियों की शादी जल्दी हो जाती है और उन्हें अपने शरीर के बारे में ठीक से मालूम नहीं होता है।

२) लड़कियों को पौष्टिक खाने के बारे में कुछ नहीं मालूम होता है।

३) जब बच्चा चार या पाँच महीने का पेट में होता है तब डॉक्टर के पास आती हैं।

४) ऊपर दी गई सब वजहों से

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

Content under development

exercise (urdu): 

Content under development

Dr. Richa Modi 07 - Health Education

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About This Lesson: 
Dr. Richa Modi talks about issues related to women's health in India.
vocabulary (hindi): 

अनुभव

 

Experience

स्पेशलाईज़ेशन

 

Specialization

ओवर ऑल

 

Over all

वूमैन्स हैल्थ

 

Women’s health

चिर्ल्डन हैल्थ

 

Children Health

ढिंढोरे पीटे

 

To say something about all over the place

बदलाव

 

Change

ओ.पी.डी.

 

O.P.D.

ऑयरन

 

Iron

कैल्शियम

 

Calcium

गोली

 

Tablet

गौरमेंट सप्लाई

 

Government supply

इण्डियन वूमैन

 

Indian woman

वर्क अप

 

Work up

हरे पत्ते की सब्जियां

 

Green leafy vegetables

गुड़

 

Jaggery

बेसिक लेवल

 

Basic level

बॉडी

 

Body

डिलीवरी

 

Delivery

स्वास्थय

 

Health

प्रसव

 

Delivery/childbirth

संबंधित

 

Related

मोस्टली

 

Mostly

हैल्थ

 

Health

सीमित

 

Limited/restricted

लायक

 

worth

संभाल

 

Manage/handle

स्वास्थय

 

Health

जागरूकता

 

Awareness

साल भर

 

Year long

मुसीबत

 

Difficulty/ hindrances/problems

जिम्मेदार

 

Responsible

न्यूट्रीशियन

 

Nutrition

transcription (hindi): 

ये बतायें कि आपके इस पूरे अनुभव में, जब आप स्टूडेंट रही, फिर आपने स्पेशेलाइज़ेशन किया, आज आप यहां आ के प्रैक्टिस कर रही हैं... आपको एक जो पूरी, ओवरॉल, वूमेंस हेल्थ और चिल्ड्रेंस हेल्थ की जो इतने बड़े बड़े हम ढिंढोरे पीटे जाते हैं और जो ये बातें होती हैं... इसमें आपको क्या लगता है कि क्या बदलाव आने चाहिये या क्या हो रहा है?

एक चीज तो मुझे जो लगती है कि हम जैसे अपनी ओ.पी.डी. में आयरन कैल्शियम लिखते हैं... लेकिन मुझे लगता है कि वो कोई भी गोली चार रुपये पांच रुपये से कम नहीं होती... ठीक है, गौरमेंट सप्लाई भी होती है, लेकिन मुझे लगता है कि बहुत ज्यादा इस बात की जरूरत है कि इण्डियन वुमैन का जो खाना है, जो उसका मेन मील्स है, उसका जो फूड है... उस पे वर्क-अप होना चाहिये... मतलब कितनी चीजें ऐसी हैं जिसमें आयरन है, जो भी हरे पत्ते की सब्जियाँ होती हैं या गुड़ में आयरन कितना है... कितनी चीजें ऐसी होती हैं जो वो अगर रोज सुबह शाम घर पर खायें, तो उससे भी वो काफी अपना एक बेसिक लेवल का, कम से कम, जो बॉडी में, जितना जरूरी है, उतना उनका आयरन लेवल रहे... लेकिन आलरेडी उनका इतना कम होता है, फिर वो गोलियां नहीं लेतीं, तो, मतलब बच्चे, के डिलिवरी के वक़्त तक बहुत बुरी हालत हो जाती है उनकी... तो मुझे लगता है कि उनका in general जो स्वास्थ्य है, सिर्फ बच्चे या प्रसव से सम्बंधित नहीं, उसका, उनका in general जो स्वास्थय है, उसके बारे में भी प्रोग्राम्स होने चाहिये और वो जरूरी नहीं है कि बच्चा हो, तब से शुरू हो... वो एक early age में, क्योंकि शादियां भी जल्दी हो जाती हैं और मोस्ट्ली...

ना होने तक ही ये सीमित नहीं रहनी चाहिये... एक तो शादियां बहुत कम उम्र में हो जाती हैं... उस वक़्त उनका शरीर इस लायक नहीं होता कि वो एक दूसरी जान का भी, कहते हैं ना, भार सम्भाल सके... तो मुझे लगता है कि वो अच्छे से उनकी पढ़ाई पर ध्यान दिया जाये... उनको खुद पता होना चाहिये कि उन्हें क्या खाना है... अपने लिये क्या करना है... मुझे नहीं लगता कि गांव की किसी भी लड़की को ये पता हो कि उसे खुद क्या खाना चाहिये, उसको अपना स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखना चाहिये... तो इस चीज के लिये अवेयरनैस, जागरूकता, वो बिल्कुल भी नहीं है, कि उसको ये कह सके वो कि हां भई वो थोड़ा पढ़े, उसको अपने बारे में भी कुछ पता हो... वो एक सही समय पे शादी करे, जब शरीर और मन से उस चीज के लिये तैयार हो... फिर शादी के बाद वो एक सोच सके कि साल-भर बाद उसे बच्चा करना है... इन सब चीजों के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है उन्हें... वो खुद सबसे ज्यादा मुसीबत में होती हैं लेकिन वो उस मुसीबत के लिये वो जिम्मेदार नहीं होतीं... उन्हें कुछ पता ही नहीं होता... उन्हें पता ही नहीं होता कब उनकी शादी हो गई... उन्हें पता ही नहीं होता कब बच्चा भी आ गया... पांच छः महीने का बच्चा होता है तब वो आती हैं... उस वक़्त हमारे पास समय कम होता है, उनको और उनके बच्चे को जितना भी जरूरी न्यूट्रिशियन है या जो भी चीजें हम दे सकें...

और यही हाल आगे भी होता है कि जब वो...

आगे भी जब वो ही होता है कि फिर बच्चा हो गया, फिर उन्हें ये नहीं समझ आता कि भई एक बच्चा हुआ है, अभी उनका शरीर उस चीज से recover करे... साल दो साल वो उस बच्चे को समय दे पायें, अपने आप को समय दे पायें, इससे पहले तो दो तीन महीने बीतते नहीं हैं, दूसरा बच्चा आ जाता है पेट में... तो...

exercise (hindi): 

1) वूमन्स हैल्थ और चिलर्डन हैल्थ की जागरूकता के लिये क्या करना चाहिये?

१) स्वास्थ्य के बारे में शुरू से जानकारी देनी चाहिये

२) बच्चे जब पैदा हों तब स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देनी चाहिये

३) बच्चे के होने के बाद जानकारी देनी चाहिये

४) जब स्वास्थ्य खराब हो तब जानकारी देनी चाहिये

2) आयरन और कैलशियम की कमी को महिलाएँ कैसे दूर कर सकती हैं?

१) घर में जो चीज़ें होती हैं, उसी को खा कर

२) हरे पत्तों की सब्ज़ियाँ खा कर

३) गुड़ खा कर

४) सब

3) लड़कियों को अपने स्वास्थय के बारे में क्या समझने की ज़रूरत है?

१) उनको क्या खाना चाहिये

२) उसको अपने स्वास्थय का ध्यान रखना चाहिये

३) एक सही समय पर शादी करनी चाहिये

४) सब

4) लड़की की पढाई क्यों ज़रूरी है?

१) स्वास्थय का कैसे ध्यान रखें

२) अपनी शरीर के बारे में जानें

३) न्यूट्रीशन के बारे में

४) सब

5) डॉ० के अनुसार गाँव की लड़कियों को क्या मालूम होना चाहिये?

१) सही समय पर शादी करें

२) शादी के बाद कब बच्चा करना चाहिये

३) बच्चा होने के बाद दूसरा कब करना चाहिये

४) सब

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

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exercise (urdu): 

Content under development

Dr. Richa Modi 05 - Public Health

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About This Lesson: 
Dr. Richa Modi talks about some interesting patient experiences.
vocabulary (hindi): 

मस्तिष्क

 

Mind

लेबर

 

Labor

रिकार्ड

 

Record

इन्वैस्टीगेशन

 

Investigation

सोनोग्राफी

 

Sonography

डिलीवरी

 

Delivery

बच्चा थोड़ा कॉम्प्रोमाईज हो

 

Fetus is in a little compromised position

जूनियर डॉक्टर

 

Junior doctor

हॉस्पीटल

 

Hospital

ग्लब्स

 

Gloves

सक्शन

 

Suction

सांस

 

Breath

एमरजैन्सी केस

 

Emergency case

दुखद

 

Sad

दोबारा

 

Again

प्रसव

 

Delivery

सम्बन्धित

 

Related

पेशैंट

 

Patient

मतलब

 

To mean something

मृत्यु

 

Death

transcription (hindi): 

हूं... ये बतायें कि आपके इतने सालों की प्रैक्टिस, आपने गुजरात में किया है और अब आप यहां कर रही हैं... कुछ ऐसे अनुभव हैं जो आपके, आपके मन मस्तिष्क में एक जगह बना चुके हैं? दिलचस्प हों, दुखद हों, जैसे भी हों... लेकिन हैं इस तरह के कुछ अनुभव आपके पास?

दिलचस्प तो मैं एक अनुभव बता सकती हूं कि कई बार पेद्गौंट बिल्कुल लेबर, जैसे हम टर्म यूज़ करते हैं, एकदम लेबर में आता है... उसको हमारे पास कोई रिकॉर्ड , इंवेस्टिगेशन, सोनोग्राफ़ी कुछ नहीं होती... और जब कोई डिलिवरी ऐसी होती है जिसमें हमें लगे बच्चा थोड़ा कॉम्प्रोमाइज़ हो, ठीक नहीं हो, तो हम generally pedestrian, जो बच्चे के डॉक्टर, उसका जो भी जूनियर डॉक्टर हॉस्पिटल में है, उसको बुला लेते हैं... एक बार पेशैंट बिल्कुल आई कि बच्चे का सर दिख रहा था... तो उसके बाद तो कुछ करना ही नहीं था... ग्लब्स पहने और शुरू हो गये डिलीवरी के लिये... बच्चे के डॉक्टर को फोन कर दिया... फिर जब बच्चा बाहर आया, बच्चा उसे दे दिया, वो अपना बच्चे का सक्शन करते हैं, उसको थोड़ा ठीक करते हैं कि वो जल्दी रो दे, उसके बाद देखा कि कुछ और आ रहा है... तो निकाला तो दूसरा बच्चा था... तो वो हमने फिर उसे निकाल कर दिया... फिर साँस ली, तो हमें लगा नहीं अभी कुछ और है... तो वो तीसरा बच्चा था... तो बच्चे के डॉक्टर ने कहा कैसे डॉक्टर हैं... आपका पेशैंट है, आपको ये भी नहीं पता कि एक बच्चा है, दो बच्चा है, तीन बच्चा है क्योंकि उसे नहीं पता था कि वो एमर्जेंसी केस है... और हमें भी नहीं पता था कि वो एक, दो, तीन बच्चे उसके पेट में हैं... तो उस वक़्त हम बहुत हंसे कि पहले एक निकला, फिर दूसरा आया, फिर तीसरा आया... ना हमें पता, ना बच्चे के डॉक्टर को पता, एक ट्रे, हाथ में एक ट्रे में एक बच्चा आ गया, तो दूसरा बच्चा कहां जाये, तो किसी ने ऐसे पकड़ा... क्योंकि उस सैटअप में मोस्टली एक बच्चे की तैयारी होती है... तो एक दो करके तीन बच्चे एक साथ निकाल लिये गये...

ये कहां हुआ था?

ये अहमदाबाद में ही हुआ था हमारे साथ... दुखद तो बहुत हैं... कई बार ऐसा होता है कि अगर आप मदर को नहीं बचा पाये तो वो बहुत दुखद होता है हमारे लिये... क्योंकि, ठीक है, बच्चा तो ठीक है, बच्चा तो दोबारा हो जायेगा लेकिन maternal mortality is something कि हम वो बहुत कम करने की हमारी कोशिश है कि प्रसव से सम्बंधित किसी भी वजह से मां की जान ना जाये... तो अगर कभी ऐसा लगता है कि पेशेंट इतनी बुरी हालत में आया और फिर हमारे सामने ही पेशैंट चला गया, मतलब मृत्यु हो गई उसकी, तो हमें अच्छा नहीं लगता...

exercise (hindi): 

1) Maternal mortality क्या है?

१) जब माँ की जान सबसे पहले बचाई जाए

२) जब बच्चे को पहले बचाया जाए

३) जब माँ और बच्चे दोनों को बचाया जाए

४) जिस किसी को भी बचाया जा सके

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

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exercise (urdu): 

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Dr. Richa Modi 04 - Public Health

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About This Lesson: 
Dr. Richa Modi talks about the need for health awareness and government generated services in rural areas.
vocabulary (hindi): 

अमूमन

 

Generally

सफलता

 

Success

किस हद तक

 

To what limits

दुर्घटना

 

Accident

अनअपेक्षित

 

Not required or desired/unwanted

जागरूकता

 

Awareness

ट्रांस्पोर्टेशन

 

Transportation

दिक्कत

 

Difficulty

रात बेरात

 

Without any concept of time

पल पल

 

Every moment

नष्ट

 

Destroyed/perished

एम्बुलैंसिज़

 

Ambulances

पैरीफेरी

 

Periphery

ट्रांस्पोर्टेशन

 

Transportation

गौरमेंट

 

Government

स्कीम्स

 

Schemes

पेशैंट

 

Patient

transcription (hindi): 

ये बतायें कि आपके पास, मैं एक, अमूमन, मैं मोटी मोटी बात अगर करूं, तो एक हफ़्ते में आपके पास किस तरह के कितने केसिज़ आते हैं और उसमें सफलता आपको कितने, किन किन, किस हद तक मिल पाती है?

एक हफ़्ते में, कभी कभी ऐसा होता है कि एक हफ़्ते में चार केस ऐसे आ गये... कई बार ऐसा होता है कि एक ही केस ऐसा आया... लेकिन तीन चार केस हफ़्ते में ऐसे आ जाते हैं जिसमें कि, मतलब, मां के साथ, या बच्चे के साथ कोई, मतलब बड़ी दुर्घटना कह लीजिये या अनपेक्षित चीज कह लीजिये, हो गई हो... और उसमें अगर हमारा कितना सफलता, तो चार में से तीन हम कहेंगे कि 60-70 प्रतिशत तो हमारी है सफलता...

सफलता है 60-70 प्रतिशत...

जो पेशैंट हमारे पास पहुंच जाता है, जिंदा हालत में, तो उसका हम मतलब चार में से तीन को तो बचा ही लेते हैं...

तो ये तो बहुत एक, बहुत बड़ी मात्रा में, सरकार की, मेरे हिसाब से, जैसे, जैसा आप बता रही हैं, पूरे प्रोग्राम में एक बहुत बड़ी चूक है कि आज की तारीख में, जहां पर ये जागरूकता फैलनी चाहिये, वहां हम मां को और बच्चों को खो रहे हैं?

बिल्कुल...

ये... तो यहां...

और मुझे ऐसा लगता है, कि जो सबसे बड़ी चीज मैंने महसूस की, जो कमी है, वो है प्रॉपर ट्रांस्पोर्टेशन नहीं है... मतलब पेशैंट दूर से आता है... आने आने में, पहली बात तो पेशैंट तभी आने की सोचता है कि जब उसे लगे कि बड़ी दिक्कत है... और उसके बाद वो घंटे, दो घंटे, तीन घंटे, रात-बेरात और समय लग जाये, उस वक़्त हमारे लिए पल-पल कीमती होता है... और वो घंटे नष्ट हो जाते हैं पेशैंट के पहुंचने में... तो मुझे लगता है कि गौरमैंट को सबसे ज्यादा इस चीज पर ध्यान देना चाहिये... जैसे गुजरात में मैंने ये चीज देखी कि वहां पर जो एम्बुलेंसेज़ हैं, आप फोन कीजिये पंद्रह मिनट में एम्बुलैंस आपके घर के दरवाज़े पर होगी...

गांव में?

गांव कह सकते हैं, वो पैरीफरी तो कह सकती हूं... Exactly तो यहां पेरिफ़ेरी या गांव में बहुत ज्यादा नहीं बता पाऊंगी कि वहां पर कितने किलो मीटर की रेंज थी और यहां नहीं है... लेकिन मुझे लगता है कि थोड़ा ट्रांस्पोर्टेशन पर ध्यान देना चाहिये गौरमेंट को, कि पेशैंट को तकलीफ हो तो पहुंचने के लिये, जो nearest center है, वहां पर जैसे आशा करके हम, एक लेडी होती है, that is called Accredited Social Health Assistant, जो कि पेशैंट को हमारे पास लेकर आती है... तो ऐसा नहीं है गौरमेंट  कुछ नहीं कर रही है... बहुत सारी स्कीम्स हैं... और आशा स्कीम में ऐसा होता है कि जो आदमी आशा बनकर उस पेशेंट को हमारे पास लेकर आता है, उसको पैसा भी मिलता है... क्यूंकि पैसा सबसे बड़ा incentive है एक आदमी के काम करने का... तो ये समझ लीजिये गौरमेंट कुछ नहीं करती तो जो चार में से तीन बच रहे हैं वो भी नहीं बचते ना... क्योंकि उनको भी कोई ना कोई लेकर ही आ रहा है ना... चार में से कोई एक अपने आप से आ रहा है, दो को कोई ना कोई लेकर ही आ रहा है... तो ऐसा नहीं है काम नहीं हो रहा है... लेकिन इससे अच्छा काम हो सकता था... और ध्यान देने की जरूरत है...

exercise (hindi): 

1) डॉक्टर के पास हफ़्ते में कितने गम्भीर केसिस आते हैं?

१) एक या दो

२) पाँच या छ:

३) दस या ग्यारह

४) तीन या चार

1)2) डॉक्टर मोदी को सीरियस केसिस में कितनी सफ़लता मिलती है?

१) ६० से ७० प्रतिशत

२) १० से २० प्रतिशत

३) ९९ प्रतिशत

४) ५० प्रतिशत

1)3) डॉक्टर मोदी के अनुसार किस वजह से माँ और बच्चे को पूरी सुविधा नहीं मिल पाती है?

१) एम्बुलैंस की सुविधा नहीं मिल पाती है

२) अस्पताल दूर होता है

३) प्रापर ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा नहीं है

४) ऊपर दी गई सब वजह से

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 
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exercise (urdu): 

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Dr. Richa Modi 03 - Public Health

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About This Lesson: 
Dr. Richa Modi talks about the need for Health Education and Advocacy.
vocabulary (hindi): 

प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र 

 

Primary care center

सरकार 

 

Government

कार्यक्रम

 

Program

फैलाने

 

To spread

ग्रहण

 

Taking/ seizing

क्षमता

 

Efficiency/competence

गंवार

 

Uncouth/rustic

माथा पच्ची

 

Mental over-exertion/constant pondering over something

सुनने वाले

 

One who listens

सीमित

 

Restricted/ bounded/ limited

मरीज

 

Patient

ब्लड

 

Blood

ट्राली

 

Trolley

हार्ट बीट

 

Heart beat

सीमित

 

Bounded/limited

जानकारी

 

Knowledge/information

केसिज़

 

Cases

ऑपरेट करना

 

 To operate

निर्धारित

 

To set a deadline/assess

transcription (hindi): 

तो क्या आप मानती हैं कि जो प्राथमिक चिकित्सा केंद्र होते हैं, जो सरकार के अन्य कार्यक्रम होते हैं, जहां ये जागरूकता फैलाने का काम करते हैं... उसकी यहां कमी है या लोगों में उसको ग्रहण करने की कमी है?

दोनों चीजें हैं... कमी भी है... ऐसा नहीं है कि काम बिल्कुल नहीं हो रहा, लेकिन बहुत अच्छा काम नहीं हो रहा... कमी भी है और लोगों में ग्रहण करने की क्षमता भी कम है... और फिर मैं अपनी बेसिक, उस पे आ जाऊंगी, जिसको कहा जाये lack of education... मुझे लगता है कि अगर आप थोड़े पढ़े लिखे होंगे तो आप सामने वाले की बात ज्यादा अच्छी तरह से समझ सकते हैं... यहां के लोग बिल्कुल गँवार, हिन्दी भी ठीक से नहीं समझ सकते, हिन्दी भी ठीक से नहीं बोल सकते, तो उनके साथ कितनी माथा-पच्ची कोई करेगा... तो वो चीजें दोनों तरफ से है... सामने वाले में भी उतना ज्यादा वो होना चाहिये और प्लस सुनने वाले में भी होना चाहिये...

कोई करेगा... तो वो चीजें दोनों तरफ से है... सामने वाले में भी उतना ज्यादा वो होना चाहिये और प्लस सुनने वाले में भी होना चाहिये...

देखिये, हर किसी का, एक कहते हैं ना, सीमित वो होता है, काम करने का... हमारा काम है यहां पे कम से कम जो केस हमारे पास यहां आता है, जो, कहते हैं ना, जिस पल वो मरीज हमारे कमरे में आता है, उस पल हम बिल्कुल attentive हों, कि जो हम अपना बैस्ट हो सकता है, वो करते हैं... उसको ब्लड की जरूरत है, वो अरेंज कराते हैं... हम literally दौड़ते हैं पेशैंट की ट्रॉली को खींच के, कि अगर हमें ऐसा लगे कि भई हां, उसका हार्ट-बीट कम हो रहा है या पेशैंट बिल्कुल collapse हो रहा है... तो हम अपना maximum उस पल करते हैं... और देखिये, चार में से तीन तो हम बचा भी लेते हैं... एक को नहीं बचा पाते... चाहे वो मां की बात हो या बच्चे की... तो, जो हमारा, जितना भी सीमित वो है, उसमें हम अपना काम तो कर ही रहे हैं... और जहां तक गांव जाने की बात है, तो मुझे लगता है गौरमैंट ने हर किसी के लिये काम बना रखा है... तो भई जो गांव जा जा के प्रचार करना है, जो जानकारी देना है, अगर वो हम करेंगे, तो फिर जो, जो केसेज़ आते हैं, जिन्हें हमें ऑपरेट करना होता है, जिनको हम ठीक करते हैं, फिर वो काम कौन करेगा? हर किसी के लिये एक निर्धारित काम होना चाहिये... एक आदमी सब कुछ नहीं कर सकता ना...

exercise (hindi): 

1. डॉ० मोदी के अनुसार लोगों में जागरूकता फैलाने का काम मुश्किल क्यों है?

१) लोग पढ़े लिखे नहीं हैं

२) लोग बिल्कुल गंवार हैं

३) लोगों को हिन्दी समझ में नहीं आती है

४) सब

2. जब मरीज़ डॉ० के पास आता है तो डॉ० क्या करती हैं?

१) मरीज़ को दूसरे अस्पताल भेज देती हैं

२) मरीज़ के लिये जो भी कर सकती हैं, करती हैं

३) मरीज़ का पहले एक्स-रे करती हैं

४) मरीज़ को स्ट्रैचर पर छोड़ देती हैं

3. प्रचार-प्रसार के लिये डॉ० मोदी के क्या विचार हैं?

१) गाँव-गाँव जा कर प्रचार-प्रसार करना चाहिये

२) जो काम जिस के लिये निर्धारित हो वही काम करना चाहिये

३) मरीज़ों की देखभाल को छोड़-छाड़ कर प्रचार-प्रसार करना चाहिये

४) हर किसी को प्रचार-प्रसार करना चाहिये

vocabulary (urdu): 

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transcription (urdu): 

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exercise (urdu): 

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Dr. Vimal K. Modi - 15: Naturopathy, Fee Structure

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About This Lesson: 
Dr. Vimal K. Modi describes the fee structure at his institution.
vocabulary (hindi): 

डॉक्टर 

Doctor

चिकित्सा

Treatment

प्राइवेट कमरा

Private room

चार सीट वाले कमरे में

In a room with four beds

transcription (hindi): 

यहां पर की, आप मरीजों को देखकर उनका फीस का निर्धारण कैसे करते हैं? किस हिसाब से होता है?

नहीं नहीं, देखिये, मेरे यहां चार तरह की व्यवस्था है... और मेरे पिताजी ये कहते थे कि आज हम जो भी हैं वो शिक्षक की वजह से हैं... शिक्षक नहीं होते तो आज हम डॉक्टर नहीं होते... शिक्षक सबल नहीं होगा तो हिन्दुस्तान तरक्की नहीं करेगा... इसलिये ऐसी व्यवस्था करो कि शिक्षक चिकित्सा तुम्हारे यहां कराता रहे... तो इसलिये हमने एक ऐसी डॉरमैट्री यहां बनाई है जिसमें आठ मरीज रखते हैं, उसमें हम उनसे दो सौ रुपये रोज लेते हैं... और दो सौ रुपये में मेरी चिकित्सा, मेरी फीस, जो हम चिकित्सा देते हैं, वो सारी सम्मिलित है...

खान पान भी है?

खान पान नहीं है... खान पान में इस समय लगभग सौ रुपये अलग से खर्च होते हैं... खान पान की व्यवस्था हमने यहीं कर रखी है... मरीजों को फल स्वयं खरीदना होता है, खाना होता है... मैं तो दोपहर शाम को भोजन में भोजनालय, भोजनालय में भोजन देता हूं... दो तरह की उबली हुई सब्जियाँ देता हूं... उन सब्जियों में डेढ़ डेढ़ सौ ग्राम सब्जियां होती हैं, चालीस ग्राम आटे की रोटी देता हूं... और लगभग 16 से 18 रुपये में दोपहर का भोजन और लगभग 16 से 18. 20 रुपये में रात का भोजन हो जाता है... साठ रुपये में वो फल और मेवे खरीदता है... इस तरह सौ रुपये में उसका काम चल जाता है... एक कमरे में अगर चार मरीज रखते हैं तो उस समय हम उनसे दो सौ रुपये की जगह ढाई सौ रुपये रोज लेते हैं... एक कमरे में अगर हम दो मरीज रखते हैं तो हम 375 रुपये एक मरीज से लेते हैं और अगर प्राइवेट कमरा लें तो हम 550 रुपये रोज लेते हैं... उस प्रावेट कमरे में या दो सीट वाले कमरे में, चार सीट वाले कमरे में, आठ सीट वाले कमरे में, सब में स्टोर रूम, लैटरीन बाथरूम अटैच्ड है...

exercise (hindi): 

1) दो सौ की फ़ीस में क्या नहीं सम्मलित है?

१) डॉ० साहब की चिकित्सा

२) डॉ० साहब की फ़ीस

३) खान-पान की व्यवस्था

४) दूसरी चिकित्सा जो मरीज़ को देते हैं

2) प्राईवेट कमरे का कितना चार्ज करते हैं?

१) ३७५ रुपये

२) २५० रुपये

३) ९९९ रुपये

४) ५५० रुपये

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

Content under development

exercise (urdu): 

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Dr. Vimal K. Modi - 11: Advocacy, Health Education

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About This Lesson: 
Dr. Modi talks about his naturopathy awareness magazine called "Arogya."
vocabulary (hindi): 

प्रांगण 

Courtyard, enclosure

मन

Heart, Soul

तन

Body

बुखार

Fever

transcription (hindi): 

तो, ये तो आपके इस प्रांगण के अंदर जो आप कर रहे हैं, वो तो एक जागरूकता पैदा कर रहे हैं... लोग आते हैं, मरीज आते हैं, आप उनको जागरूक करते हैं एक तरह की, के कार्य करने में, ताकि, ताकि उनका शरीर स्वस्थ हो, उनका मन स्वस्थ हो, उनका तन स्वस्थ हो... यहां से आपने फैलाव कभी बाहर की तरफ, इस चीज का किया है, लोगों में जागरूकता पैदा करने की?

बहुत कोशिश की है... 1947 में आरोग्य नाम का मासिक पत्र निकाला... मेरे पिताजी हॉकर की तरह रेलवे स्टेशन में बेचते रहे... पहले वो तीन हजार छपती थी, आज वो दस हजार छप रही है और हिन्दुस्तान में प्राकृतिक चिकित्सा का विशुद्ध मासिक पत्र है... उसमें और किसी भी तरह का विषय नहीं है... क्योंकि अब alternative medicine को भी प्राकृतिक चिकित्सा मानने लगे हैं...accupressure, accupuncture, suzoke, magnet, urine therapy आदि आदि को भी लोग कहते हैं कि ये प्राकृतिक चिकित्सा  है, लेकिन मैं नहीं मानता... इसलिये मेरे मासिक पत्र में इन सबों का कोई स्थान नहीं है... मैं ये भी समझता हूं कि अगर स्वस्थ व्यक्ति होगा तभी योग कर सकता है... अगर loose motion हो रहे हैं, 104 डिग्री बुखार है तो प्राकृतिक चिकित्सा ही ठीक कर सकती है... ठीक होने के बाद वो निश्चित रूप से वो योग करेगा तो रोग नहीं आयेगा... इसलिये मेरे मासिक पत्र में योग का भी बहुत स्थान नहीं है... है जरूर... वो केवल प्राकृतिक चिकित्सा की पत्रिका है... और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रचार और प्रसार के लिये वो मासिक पत्र निकल रहा है... और आपकी जानकारी के लिये बता दूं कि दस हजार कापी हिन्दुस्तान में किसी भी प्राकृतिक चिकित्सा के मासिक पत्र की नहीं हैं...

exercise (hindi): 

1) लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिये डॉ० मोदी ने क्या किया?

१) मासिक पत्र निकाला

२) फ़िल्म बनाई

३) पर्चे बाँटे

४) अख़बार निकाला

2) १९४७ में आरोग्य नाम के मासिक पत्र की कितनी कॉपी छपती थीं?

१) बीस हज़ार

२) पचास हज़ार

३) तीन हज़ार

४) एक हज़ार

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

Content under development

exercise (urdu): 

Content under development

Illness/Advocacy - Technologies of Feticide

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vocabulary (hindi): 

Fetus is female

भ्रूण कन्या है

Not female

कन्या नहीं है

Why should this be

क्यों होता है

Campaign, drive

अभियान

Technique

तकनीक

Before the children were born

बच्चे के पैदा होने से पहले

Pregnancy

गर्भ

Disease, illness

बीमारी

Modern race, modern life

आधुनिकता की दौड़

Society

समाज

Significant

अच्छा-खासा

Job, occupation, work

धन्धा

Female baby

कन्या शिश

Medium of livelihood

रोजगार का साधन

Secret

गोपनीय

Village midwife

गांव की दाई

Untrained, rustic, rural

झोला छाप

Gossip

कानाफूसी

Pregnant

पेट में बच्चा

Baby is normal or not

बच्चा नार्मल है या नहीं

Find out

पता कर लेते हैं

Pretty good business

अच्छा-खासा धन्धा

transcription (hindi): 

मुझे ये बतायें, गांव में, जैसा कि आप बता रहे हैं कि गांव में पता चल जाता है कि भ्रूण कन्या है या कन्या नहीं है...

हूं-हूं...

तो ये डॉक्टर्स कैसे, क्या अल्ट्रासाउंड टैकनीक से ही पता करते होंगे? तो क्या ये, किस तरह से होता है? क्या इसका चैक नहीं है, क्यों होता है, पहली बात? दूसरा सवाल ये है कि आप क्या अपने ही सर्कल में डॉक्टर के सर्कल में क्या अभियान करते हैं कि उन्हें रोकें, ताकि पता ही ना चले कि कन्या है या कन्या नहीं है?

पहला सवाल आपका, कि ये कैसे होता है... अल्ट्रासाउंड की तकनीक जबसे आई है, आई तो इसलिये थी कि बच्चे के पैदा होने से पहले, गर्भ में कोई बीमारी उसको हो तो उसका पता चल जाये और उसका इलाज हो जाये... लेकिन जैसे-जैसे आधुनिकता की दौड़ हिन्दुस्तान में, हमारे समाज में बढ़ी, वैसे-वैसे इस टैकनीक का मिसयूज़ लोगों ने करना शुरू कर दिया और आज की डेट में तो ये एक अच्छा-खासा प्रोफैशन है, अच्छा-खासा धन्धा है, डॉक्टरों का, जो अल्ट्रासाउंड के ज़रिये मां-बाप को ये बताते हैं कि गर्भ में कन्या शिशु है या लड़का है... और ना सिर्फ उन डॉक्टरों का ये धन्धा है, बल्कि जो लोग, लोगों को घर से और उनके क्लीनिक तक, अल्ट्रासाउंड केन्द्र तक ले के जा रहे हैं, अल्ट्रासाउंड कराने के लिये, मेल-फीमेल को देखने के लिये, उनके लिये भी ये रोजगार का साधन हो चुका है, क्योंकि जो अल्ट्रासाउंड किसी बीमारी को चैक करने के लिये पंद्रह मिनट में पांच सौ रुपये देता है, वही ये अल्ट्रासाउंड एक्सपर्ट डॉक्टर तीन मिनट में पैंतीस सौ रुपये लेकर कर देते हैं... उन पैंतीस सौ रुपयों में से पांच सौ रुपये उस मीडियेटर को मिलते हैं जो उस पेशैंट को घर से अल्ट्रासाउंड केन्द्र तक ले के आया और इस पूरी सूचना को जिसने गोपनीय रखा... और ये मीडियेटर हमारी गांव में ए.एन.एम. भी हो सकती है, गांव की दाई भी हो सकती है, गांव में जो हमारे, क्वैक डॉक्टर बैठे हुये हैं, झोला छाप जिनको बोलते हैं, वो भी हैं... तो उनके थ्रू ये कानाफूसी होती है... घर में भी, मतलब पूरे सदस्यों को ये पता नहीं होता कि बहू का अल्ट्रासाउंड हो गया और उसमें मेल-फीमेल का इन्होंने पता करा लिया... घर से ये कह के जायेंगे कि पेट में बच्चा है और उसको डॉक्टर ने बोला है कि अल्ट्रासाउंड कराओ, बच्चा नार्मल है या नहीं, ये दिखा रहे हैं... जब वहां जायेंगे तो वहां बच्चे के नार्मल और अबनार्मल के साथ-साथ इस चीज का भी पता कर लेते हैं कि ये मेल है या फीमेल है... तो इसमें ये एक अच्छा-खासा धन्धा बन चुका है ये... और दूसरा प्रश्न आपने...

translation (hindi): 

 

exercise (hindi): 

अल्ट्रासाउंड की तकनीक जब से आई है वह किस के लिए आई है?

1 गर्भ में बीमारी का पता लगाने के लिए

2 लिंग पता लगाने के लिए

3 बच्चे की तस्वीर खींचने के लिए

4 सब के लिए

लिंग का पता लगाने के तरीके के अलावा, अल्ट्रासाउंड और क्या है डॉक्टरों के लिए?

1 रोजगार का साधन

2 महँगा बोझ

3 सीखने का तरीका

4 सब है

vocabulary (urdu): 

Fetus is female

دھرون کنیا ہے

Not female

کنیا نہیں ہے

Why should this be

کیوں ہوتا ہے

Campaign, drive

ابھیان

Technique

تکنیک

Before the children were born

بچّے کے پیدا ہونے سے پہلے

Pregnancy

گربھ

Disease, illness

بیماری

Modern race, modern life

ادھنکتا کی دوڑ

Society

سماج

Significant

اچّھا خاصہ

Job, occupation, work

دھندھا

Female baby

کنیا شش

Medium of livelihood

روزگار کا سادھن

Secret

گوپنیہ

Village midwife

گاؤں کی دائی

Untrained, rustic, rural

جھولا چھاپ

Gossip

کانافوسی

Pregnant

پیٹ میں بچّہ

Baby is normal or not

بچّہ نارمل ہے یا نہیں

Find out

پتہ کر لیتے ہیں

Pretty good business

اچّھا خاصہ دھندھا

transcription (urdu): 

مجھے یہ بتائیں کہ، گاؤں میں، جیسا کہ آپ بتا رہے ہیں کہ گاؤں میں پتہ چل جاتا ہے کہ دھرون کنیا ہے یا کنیا نہیں ہے۔۔۔

 

ہوں، ہوں۔۔۔

 

تو یہ ڈاکٹرس کیسے، کیا الٹراساؤنڈ تکنیک سے ہی پتہ کرتے ہونگے؟ تو کیا یہ، کس طرح سے ہوتا ہے؟ کیا اس کا چیک نہیں ہے، کیوں ہوتا ہے، پہلی بات؟ دوسرا سوال یہ ہے کہ آپ کیا اپنے ہی سرکل میں ڈاکٹر کے سرکل میں کیا ابھیان کرتے ہیں کہ انھیں روکیں، تاکہ پتہ ہی نہ چلے کہ کنیا ہے یا کنیا نہیں ہے؟

 

پہلا سوال آپ کا، کہ یہ کیسے ہوتا ہے۔۔۔ الٹراساؤنڈ کی ٹیکنیک جب سے آئی ہے، آئی تو اس لئے تھی کہ بچّے کے پیدا ہونے سے پہلے، گربھ میں کوئی بیماری اس کو ہو تو اس کا پتہ چل جائے اور اس کا علاج ہو جائے۔۔۔ لیکن جیسے جیسے آدھنکتہ کی دوڑ ہندوستان میں، ہمارے سماج میں بڑی، ویسے ویسے اس ٹیکنیک کا مسیوز لوگوں نے کرنا شروع کر دیا اور آج کی ڈیٹ میں تو یہ ایک اچّھا خاصہ پروفیشن ہے، اچّھا خاصہ دھندھا ہے، ڈاکٹروں کا، جو الٹراساؤنڈ کے ذریعے ماں باپ کو یہ بتاتے ہیں کہ گربھ میں کنیا ششو ہے یا لڑکا ہے۔۔ اور نہ صرف ان ڈاکٹروں کا یہ دھندھا ہے، بلکہ جو لوگ، لوگوں کو گھر سے اور ان کے کلنک تک، الٹراساؤنڈ کےندر تک لے کے جا رہے ہیں، الٹراساؤنڈ کرانے کے لئے، میل فیمیل کو دیکھنے کے لئے، ان کے لئے بھی یہ روزگار کا سادھن ہو چکا ہے، کیونکہ جو الٹراساؤنڈ کسی بیماری کو چیک کرنے کے لئے پندرہ منٹ میں پانچ سو روپئیے دیتا ہے، وہی یہ الٹراساؤنڈ ایکسپرٹ ڈاکٹر تین منٹ میں پینتیس سو روپئیے لے کر دیتے ہیں۔۔۔ ان پینتیس سو روپئیوں میں سے پانچ سو روپئیے اس میڈئیٹر کو ملتے ہیں جو اس پیشنٹ کو گھر سے الٹراساؤنڈ کیندر تک لے کے آیا اور اس پوری سوچنا کو جس نے گاپنییہ رکھا۔۔۔ اور یہ میڈئیٹر ہماری گاؤں میں اے۔ این۔ این۔ بھی ہو سکتا ہے، گاؤں کی دائی بھی ہو سکتی ہے، گاؤں میں جو ہمارے، کویک ڈاکٹر بیٹھے ہوئے ہیں، جھولا چھاپ جن کو بولتے ہیں، وہ بھی ہیں۔۔۔ تو ان کے تھرو یہ کانافوسی ہوتی ہے۔۔۔ گھر میں بھی، مطلب پورے سدسیوں کو یہ پتہ نہیں ہوتا کہ بہو کا الٹراساؤنڈ ہو گیا اور اس میں میل فیمیل کا انہوں نے پتہ کرا لیا۔۔۔ گھر سے یہ کہ کے جائینگے کہ پیٹ میں بچّہ ہے اور اس کو ڈاٹر نے بولا ہے کہ الٹراساؤنڈ کراؤ، بچّہ نارمل ہے یا نہیںِ یہ دکھا رہے ہیں۔۔۔ جب وہاں جائینگے تو وہاں بچّے کے نارمل اور ایبنارمل کے ساتھ ساتھ اس چیز کا بھی پتہ کر لیتے ہیں کہ یہ میل ہے یا فیمیل ہے۔۔ تو اس میں یہ ایک اچّھا خاصہ دھندھا بن چکا ہے یہ۔۔۔ اور دوسرا پرشن آپ نے۔۔۔

 


 

exercise (urdu): 

الٹراساؤنڈ کی جو تکنیک آئی ہے، وہ کس کے لئے آئی ہے؟

1 گربھ میں بیماری کا پتہ لگانے کے لئے

2 لنگ کا پتہ لگانے کے لئے

3 بچّے کی تصویر کھینچنے کے لئے

4 ان سب کے لئے

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