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College of Liberal Arts wordmark

Health Education

Foetus Distress

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About This Lesson: 
An explanation for why the baby has been put in a warmer.
vocabulary (hindi): 

फीटस डिस्ट्रेस 

 

Feeder Discharge

पेट 

 

Stomach

लैट्रीन

 

Latrine

ऑपरेशन

 

Operation

हटा देंगे

 

Will remove

transcription (hindi): 

ये बच्चा जो है, इसको फीटस डिस्ट्रेस ते हैं... इसने पेट में लैट्रीन कर दिया था, इसलिये इसका, इसको ऑपरेशन द्वारा निकाला गया... इसको दूध पीने में थोड़ी परेशानी हो रही थी... और थोड़ा इसका temperature maintain नहीं हो पा रहा था, इसलिये इस बच्चे को हम लोगों ने warmer में रखा है ताकि इसका temperature जो है वो maintain कर सकें... धीरे धीरे ये ठीक हो रहा है... जब पूरी तरह दूध पीने लगेगा तो फिर इसको यहां से हटा देंगे...

exercise (hindi): 

1) बच्चे को ऑपरेशन से क्यों निकालना पड़ा?

१) पेट में लैट्रीन कर दी थी

२) सांस धीमी चल रही थी

३) बच्चा हिल नहीं रही थी

४) माँ की तबीयत ठीक नहीं थी

2) बच्चे को वार्मर में क्यों रखा था?

१) बच्चे को ठंड लग रही थी

२) बच्चा बहुत छोटा था

३) बच्चे का टैम्परेचर मैन्टेन नहीं हो पा रहा था

४) बच्चे को जिससे कोई इन्फ़ैक्शन नहीं हो

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Dr. Vineeta Modi - Health Education - On Breast-feeding and Hygiene

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About This Lesson: 
Dr. Vineeta Modi draws the connection between breast-feeding and proper hygiene.
vocabulary (hindi): 

बुखार 

 

Fever

मां का दूध

 

Mother’s milk

दवा

 

Medicine

गाय के दूध

 

Cow’s milk

तापमान

 

Temperature

ईलाज

इलाज

Treatment

पलटने

 

Start turning around

बकिया खींचने लगते हैं

 

Start pulling scrap or anything left around

दांत

 

Tooth

गम्स

 

Gums

खुजली

 

Itching

मसूड़े

 

Gums

काटना

 

Bite

सफाई

 

Cleanliness

उबाल कर

 

After boiling

धूल

 

Dirt

मिट्टी

 

Mud/Dirt

पर्यावरण

 

Environment

मौसम

 

Season

इम्यून सिस्टम

 

Immune system

शरीर

 

Body

टी.बी. के कीटाणु

 

Germs of T.B

साफ सफाई

 

Cleanliness

रोज नहलायें

 

Give a bath everyday

पौष्टिक आहार

 

Food with nutrients/Healthy food

वैक्सीनेशन

 

Vaccination

transcription (hindi): 

हम अंग्रेजी में एक सन्टैन्स कहते हैं “breastfeed on demand”... अगर आपका बच्चा आधे घंटे पे दूध पीना चाहता है तो आप उसे हर आधे घंटे पे पिलायें... अगर वो हर दो घंटे पे पीना चाहता है तो आप उसे हर दो घंटे पे पिलायें... वो जितना चाहता है, जितनी बार चाहता है, आप उसे उतनी बार दें... तो अगर बुखार भी है, कुछ भी है तो लोग कहते हैं नहीं, मां का दूध मत दो... इसे दवा दो, इसे बाहर की चीजें खिलाओ... छोटे बच्चे को लोग गाय के दूध में पानी मिला के देते हैं... वो दो... नहीं... हमें कुछ नहीं करना है... हमें उसके तापमान का ध्यान रखना है... उसे अच्छे से ढकना है, अच्छे से वो करना है और मां का दूध पिलाना है... अगर आपको लगे कि तापमान 103, 104 जा रहा है तो जरूर डॉक्टर को दिखायें और जैसा आपको डॉक्टर बतायें आप उस हिसाब से लाज करें...

अब हम अगर थोड़ा बड़े बच्चों पर आ जायें, कि जब बच्चे चार पांच महीने के हो जाते हैं, पलटने लगते हैं, बकिया खींचने लगते हैं, तो हमें उनका क्या ध्यान रखना है... अब आप देखिये, बच्चे क्या करते हैं? हाथ से जमीन पर सरक रहे हैं... वही हाथ वो मुंह में डाल रहे हैं क्योंकि उनके दांत आने वाले होते हैं तो उनके गम्स में खुजली होती है, मसूड़े में खुजली होती है... उसी के परिणाम वश बच्चे क्या करते हैं, हर चीज मुंह में डालना चाहते हैं, काटना चाहते हैं, करना चाहते हैं... तो आप थोड़ा उनकी सफाई का ध्यान रखें, कि अगर बच्चे को आपने जमीन पर छोड़ा है तो आप उसके नीचे एक चद्दर बिछा दें, साफ, दरी बिछा दें साफ... बच्चा बार बार मुंह में हाथ ना डाले... आपके जो उसके जो खिलौने हैं या आप उसको जो भी दे रहे हैं वो आप थोड़ा साफ करके दें... पर आपको ऐसा भी नहीं करना है कि आप रोज उसे दिन में तीन चार बार उबाल कर दें... क्योंकि ये चीज भारत वर्ष में नहीं हो सकती, जहां पे धूल भी है, मिट्टी भी है, पर्यावरण आपका ऐसा है, आपको हर तरह के मौसम झेलना है, हर तरह की चीजें झेलनी हैं...तो अगर आप उतना ज्यादा करेंगे, तो फिर वही होगा कि आपके बच्चे का इम्यून सिस्टम नहीं डवलप होगा... उसे आप थोड़ी मिट्टी, मिट्टी भी खाने दें, थोड़ी गन्दी चीजें भी खाने दें, ताकि उसका शरीर उसके अगेन्स्ट, उसके अगेन्स्ट इम्यूनिटी डवलप कर सके... कि हां, आखिर, अगर हम देखें तो हमारे सबके शरीर में टी.बी. के कीटाणु हैं... लेकिन ये हमारी इम्यूनिटी है जो उसे एक डिज़ीज़ में परिवर्तित नहीं होने दे रही है... अगर आज हमारी इम्यूनिटी कम होगी तो हो सकता है हम सबको टी.बी. हो जाये क्योंकि ये भारत वर्ष में इतना आम है... इसलिये बच्चे की थोड़ी साफ सफाई, कि उसे हम रोज नहलायें, उसे हम पौष्टिक आहार दें, उसकी हम वैक्सीनेशन प्रॉपर करायें... तो फिर बच्चे को हम इन आम बीमारियों से बचा सकते हैं...

exercise (hindi): 

1) माँ को बच्चे को दूध कब पिलाना चाहिये?

१) हर आधे घंटे में

२) हर दो घंटे में

३) हर एक घंटे में

४) जब भी वह दूध चाहता हो

2) अगर बच्चे को बुखार है तो क्या करना चाहिये?

१) माँ का दूध पिलाना चाहिये

२) अच्छे से बच्चे को ढकना चाहिये

३) जैसा डा० बताएँ वैसा इलाज करना चाहिये

४) सब

3) जब बच्चे चार-पाँच महीने के हो जाएँ तो किस प्रकार ध्यान रखना चाहिये?

१) बच्चे के नीचे साफ़ चद्दर बिछा दें

२) बच्चा बार-बार मुँह में हाथ न डालें

३) बच्चों के खिलौने थोड़े से साफ़ कर के दें

४) सब

4) बच्चों में इम्य़ून सिस्टम डवलप करने के लिये क्या करना चाहिये?

१) हर चीज़ झेलने की आदत होनी चाहिये

२) मिट्टी भी खाने दें

३) थोड़ी गन्दी चीज़ें भी खाने दें

४) सब

Dr. Vineeta Modi - Health Education - On the Necessity of Vaccines for Children

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About This Lesson: 
Dr. Vineeta Modi talks about the crucial importance of vaccines for infants.
vocabulary (hindi): 

नवजात शिशु

 

Newborn baby

वैक्सीन्स

 

Vaccines

पोलियो

 

Polio

ट्यूबोक्लोसिस

 

Tuberculosis

मीज़ल्स

 

Measles

हूपिंग कप

 

Whooping cough

हरपीज़

 

Herpes

चिकनपॉक्स

 

Chicken pox

तापमान

 

Temperature

जब बच्चा मां के पेट में होता है

 

When the baby is in the  mother’s  womb

नॉर्मल टैम्परेचर

 

Normal temperature

वातावरण

 

Environment

बुखार

 

Fever

सर्दी

 

Cold

आम बीमारियां

 

Common diseases

जुखाम

 

Cold

खांसी

 

Cough

एंटीबाईटिक

 

Antibiotic

वायरल इन्फैक्शन

 

Viral infection

बैक्टीरिया

 

Bacteria

बीमार पड़ता है

 

Fall sick

दबाव

 

Pressure

रोटी

 

Chapati/a kind of bread made with wheat flour

transcription (hindi): 

दूसरा हमें नवजात शिशु का जो ध्यान देना चाहिये, जो हमारे यहां नहीं देते हैं हर जगह, वो है वैक्सीन्स... वैक्सीन ना देने की वजह से जो सबसे ज्यादा दिक्कत है, वो है पोलियो... हम पोलियो भी भारत वर्ष, वर्ष से मिटाना चाहते हैं... लेकिन ये हम नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि लोग अपने बच्चों को वैक्सीन्स नहीं दिलाते... तो पोलियो है, ट्यूबोक्लोसिस की वैक्सीन है, मीज़ल्स की वैक्सीन्स है, हूपिंग कप की वैक्सीन है, जो हमारे भारत गर्वनमेंट की तरफ से एक आई है पूरी पद्धति, कि दो साल तक के बच्चे को इस इस समय, ये ये वैक्सीन देनी चाहिये... कम से कम उतनी तो देनी ही चाहिये... उसके अलावा आजकल एडिश्नल वैक्सीन्स हैं, अगर आप वो देना चाहें या नहीं देना चाहें, वो आपके ऊपर है... लेकिन जो कम से कम देना चाहिये उतनी तो देनी ही चाहिये... आप हरपीज़ मत लगवाये, आप चिकनपॉक्स मत लगवाये, आप ये सब मत लगवाये... लेकिन जो बेसिक है उतनी देनी ही चाहिये... अब अगर हम बड़े बच्चों पर आ जाते हैं 28 दिन के बाद से...  उसमें भी आपको बच्चे के तापमान का खयाल रखना है क्योंकि जब बच्चा मां के पेट में होता है तो उसका तापमान उतना ही होता है जितना मां का होता है या जितना हमारा नॉर्मल टैम्परेचर होता है... लेकिन जब बच्चा बाहर आता है, उसे बाहर का वातावरण मिलता है, बाहर के वातावरण का एनवायरमेंट उसको होता है, तो उससे उसको बुखार, सर्दी, ये सब आम बीमारियां हैं जो आये दिन हो जाती हैं और हमें उससे बचाना है...

दूसरी मैं एक चीज मैं ये भी बताना चाहूंगी कि अगर किसी भी तरह का जुखाम हो, खांसी हो, बुखार हो, बच्चे को तुरंत एंटीबाईटिक मत दो... क्योंकि अगर वो वायरल इन्फैक्शन है तो उसमें एंटीबाईटिक आपकी कोई काम नहीं आने वाली क्योंकि एंटीबाईटिक बैक्टीरिया के अगेंस्ट है, वायरल इन्फैक्शन में एंटीबाईटिक का कोई काम नहीं है... आप बच्चे को दूध मत पिलाना बंद करिये... और जैसे कि प्रकृति में हम देखते हैं, अगर आपके घर में कोई पालतू जानवर है, कोई कुत्ता है, कोई भी है, अगर वो बीमार पड़ता है तो वो सबसे पहला काम करता है खाना छोड़ना... उल्टा हम अपने बच्चे को क्या करते हैं, बीमार है, और खिलाओ, और खिलाओ, ताकत आयेगी... ये होगा... उससे हमारा बच्चा और ज्यादा बीमार पड़ता है... तो अगर आपका बच्चा नहीं खाना चाहता है या छोटा बच्चा दूध नहीं पीना चाहता है तो आप उसे अनायास, जबर्दस्ती ना करें... वो जितना खाना चाहे, या छोटा बच्चा जितना दूध पीना चाहे, आप उसे उतना ही पिलायें... उसके ऊपर किसी भी तरह का आपको दबाव नहीं डालना है कि कल तुम दो रोटी खाये थे, आज तुम्हें बुखार है तो तुम्हें तीन खानी चाहिये या कम से कम दो तो खाओ... नहीं, अगर उसे आधी ही खानी है, आप उसे सिर्फ आधी ही खाने को दो... यही चीज बच्चों के लिये भी होती है...

exercise (hindi): 

1) पोलियो भारतवर्ष से क्यों नहीं मिट पाया है?

१) माँ बाप को पोलियो वैक्सीन के बारे में जानकारी नहीं है

२) माँ बाप को लगता है कि वैक्सीन ज़रूरी नहीं है

३) माँ बाप इन्जैकशन लगाने से डरते हैं

४) माँ बाप जानते हुए भी बच्चों को पोलियो की वैक्सीन नहीं देते

2) दो साल तक बच्चों को कौन सी बेसिक वैक्सीन दी जाती है?

१) पोलियो

२) ट्यूबरक्लोसिस

३) मीज़ल्स

४) सब

3) जब बच्चा माँ के पेट में होता है तो उसका तापमान क्या होता है?

१) माँ के जितना होता है

२) माँ से ज़्यादा होता है

३) माँ से कम होता है

४) बाहर के वातावरण जैसे होता है

4) जब बच्चा बाहर आता है और बाहर के वातावरण से संपर्क होता है तो उसे कौन सी बीमारी हो सकती है?

१) सर्दी

२) खांसी

३) बुखार

४) सब

5) अगर बच्चे को वायरल इन्फ़ैक्शन हो तो क्या करना चाहिये?

१) एन्टीबाइटिक देनी चाहिये

२) दूध पिलाना बंद कर देना चाहिये

३) दूध पिलाते रहना चाहिये

४) घरेलू इलाज करना चाहिये

6) जब बच्चा बीमार पड़ता है तो क्या करता है?

१) खूब खाता है

२) खूब पीता है

३) खाना छोड़ देता है

४) रोता है

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Dr. Vineeta Modi - Health Education - On Advantages of Mother's Milk

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About This Lesson: 
Dr. Vineeta Modi talks about the importance of mother's milk for the development of the immune system in the infant.
vocabulary (hindi): 

नवजात शिशु

 

New born baby

मां का दूध

 

Mother’s milk

ग्राईप वाटर

 

Gripe water

गाय का दूध

 

Cow’s milk

कार्बोहाईड्रेट

 

Carbohydrate

वजन

 

Weight

नियंत्रण

 

Control

परिवर्तन

 

Change

डायरिया

 

Diarrhea

आम बीमारी

 

Common disease

इम्यून सिस्टम

 

Immune system

शक्ति

 

Strength/energy

बीमारी

 

Illness/disease

शरीर

 

Body

transcription (hindi): 

हां... हम बच्चों को विभाजित करते हैं ग्रुप्स में... सबसे पहले पैदा होने से 28 दिन की हम ग्रुप के बच्चों को या उतने, 28 दिन तक के बच्चों को हम नवजात शिशु कहते हैं या infants कहते हैं हमारी medical terminology में... और उसके बाद बारह साल तक की उम्र में हम बच्चों को लेते हैं... अब मैं आपको सबसे पहले बताऊंगी पैदा होने से 28 दिन तक के बच्चों की उम्र में... हमारे यहां, पुराने जमाने में ये कहा जाता था कि बच्चों को, मतलब जो, पुराने जमाने में था कि सिर्फ मां का दूध पिलायें... आजकल बहुत सारी थ्योरीज़ आ गई हैं कि ग्राईप वाटर पिलायें... मतलब और सारी चीजें पिलायें... पानी पिलाना चाहिये... गाय का दूध पिलाना चाहिये... हम इन सब चीजों से बच सकते हैं अगर हम बच्चे को सिर्फ और सिर्फ और सिर्फ मां का दूध दें... मां के दूध में 99 प्रतिशत पानी है और बाकी एक प्रतिशत जो है, मां का दूध बदलता रहता है बच्चे की उम्र के हिसाब से... पहले जो दो दिन मां का दूध आता है वो fat cells में ज्यादा होता है, कार्बोहाईड्रेट में ज्यादा होता है... जो बच्चे का वजन बढ़ाने में बच्चे की मदद करता है... और उसके बाद हर उम्र के हिसाब से, बच्चे की उम्र के हिसाब से मां के दूध में कुछ कुछ नियंत्रण होता रहता है... कुछ कुछ परिवर्तन होता रहता है उस बच्चे की उम्र के हिसाब से... गांव में कई जगह ये प्रचलन है, even शहर में कई जगह ये प्रचलन है कि पहले दो दिन का दूध बच्चे को नहीं देना चाहिये... उससे उनसे related उनके कुछ superstitions हैं... लेकिन अगर हम सिर्फ बच्चे को मां का दूध दें तो हम डायरिया जैसी आम बीमारी से बच सकते हैं... दूसरा, मां का दूध बच्चे की इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है... उसको शक्ति देता है कि वो बीमारी से लड़ सके... अगर हम बच्चे को मां का दूध नहीं पिला रहे हैं तो वो शक्ति बच्चे के शरीर में पैदा नहीं हो पाती... ये शक्ति सिर्फ एक दो साल के लिये नहीं होती, ये शक्ति आपको, पूरी उम्र आपके काम आयेगी... तो अगर हम किसी भी तरह से बच्चे को अपनी मां का दूध नहीं दे रहे हैं, तो हम उसे इस चीज से बचा रहे हैं कि उसका इम्यून सिस्टम ना बन पाये और उसे आजीवन फिर दिक्कत होगी... आजीवन वो बहुत जल्दी जल्दी बीमार पड़ेगा... या किसी भी तरह की उसको इम्यून रिलेटेड प्रॉब्लेम हो सकती है...

exercise (hindi): 

1) माँ का दूध बच्चे को कैसे फ़ायदा करता है?

१) डायरिया जैसी आम बीमारी नहीं होती

२) शुरू का दूध बच्चे का वज़न बढ़ाने में मदद करता है

३) बच्चे का इम्यून सिस्टम बढ़ाने में मदद करता है

४) सब

2) गाँव और शहर में माँ के दूध के बारे में क्या प्रचलन है?

१) माँ का दूध नहीं पिलाना चाहिये

२) माँ का दूध पहले दो दिन नहीं पिलाना चाहिये

३) बाज़ार का दूध पिलाना चाहिये

४) माँ का दूध तीन महीने तक नहीं पिलाना चाहिये

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Dr. Vineeta Modi - Health Education - Diorrhea

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About This Lesson: 
Dr. Vineeta Modi talks about the primary issues in child health-care.
vocabulary (hindi): 

पद्धति

 

System/method/procedure

चिल्ड्रन केयर

 

Children care

हैल्थ

 

Health

केसिज़

 

Cases

कॉमन बीमारी

 

Common disease

डायरिया

 

Diarrhea

पैदा होने से लेकर के 28 दिनों तक

 

Since the baby is born till twenty eight days

नवजात शिशु

 

New born baby

transcription (hindi): 

ये बतायें कि जो, आपकी, आप जिस पद्धति में आप काम कर रही हैं, हम बच्चों की देखभाल, चिल्ड्रन केयर की अगर हम बात करते हैं... उनकी हैल्थ की बात करते हैं, तो आपने किस किस प्रकार के, आपने केसिज़ देखे हैं? शहरों में कैसा है? गांव में कैसा है? ये जरा विस्तार से हमें, आप हमें बतायें...

सबसे पहले मैं बताना चाहूंगी कि हमारे भारत वर्ष में जो सबसे ज्यादा बच्चे बीमार पड़ते हैं, हमारे ध्यान नहीं देने से या हमारे घर वाले, जिन, जो ध्यान नहीं देते हैं... उस वजह से जो सबसे ज्यादा कॉमन बीमारी है हमारे भारत वर्ष में, वो है डायरिया... डायरिया, चाहे वो छोटा बच्चा हो, चाहे वो बड़ा बच्चा हो, हम बच्चों को विभाजित करते हैं, पहले, मतलब, पैदा होने से लेकर के 28 दिनों तक, जिन्हें हम नवजात शिशु कहते हैं, या अंग्रेजी में हम उन्हें infants कहते हैं... उसके बाद बारह साल की उम्र में हम लेते हैं बच्चों को... उसमें हम ये देखते हैं कि डायरिया एक ऐसी बीमारी है जो, उसको हम बहुत आसानी से हम नियंत्रण में कर सकते हैं... सबसे मुखय कारण डायरिया का ये है...

exercise (hindi): 

1) बच्चों को ज़्यादातर ध्यान न देने की वजह से कौन सी बीमारी होती है?

१) खाँसी

२) जुकाम

३) जौन्डिस

४) डायरिया

2) पैदा होने से ले कर २८ दिनों तक के बच्चे को क्या कहा जाता है?

१) नवजात शिशु

२) मुन्ना

३) छोटा बच्चा

४) टीनेजर

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Health Education Goals

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About This Lesson: 
Mr. Kapil Bajaj talks about how he got interested in naturopathy, and his goals after he completes his naturopathy education.
vocabulary (hindi): 

प्राकृतिक चिकित्सा 

 

Naturopathy

पद्धति

 

Way

रूझान

 

Incline, Bent towards

बाईं हाथ की उंगलियों में इनफैक्शन हो गया था

बाएं

Infection in the fingers of the left hand

गलने

 

Rot

आयुर्वेदिक

 

Ayurvedic

ऐलोपैथी

 

Allopathy

होम्योपैथी

 

Homeopathy

ईलाज

इलाज

Treatment

प्राकृतिक चिकित्सा

 

Natural treatment

स्वस्थ

 

Healthy

महसूस किया

 

Feel

निश्चय

 

Decide

प्रैक्टिकल नॉलेज

 

Practical knowledge

कटीय स्नान

 

Waist bath

पर्याप्त

 

Enough

सुविधा

 

Comfort

उपलब्ध

 

Available

अर्जित करके

 

After earning it

संस्थान

 

Organization

हॉस्पीटल

अस्पताल

Hospital

रोग मुक्त

 

Free of disease

उद्देशय

उद्देश्य

Goal, aim

transcription (hindi): 

कपिल ये बतायें कि प्राकृतिक चिकित्सा की जो पद्धति है इसकी तरफ आपका रुझान क्यूं हुआ?

तीन वर्ष पूर्व मेरी बायें हाथ की उंगलियों में इंफ़ेक्शन हो गया था, जिसके कारण वो गलने लगी थीं... और मैंने करीबन आयुर्वेदिक और ऐलोपैथी और होम्योपैथी में इलाज करवाया, लेकिन मेरे को कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके कारण मेरी उंगली दिन प्रतिदिन गलती जा रही थी... फिर मेरे को किसी ने प्राकृतिक चिकित्सा का लाज, हमारे ऋषिकेष में, प्राकृतिक चिकित्सा का लाज होता है, वहां पर मैंने ईलाज लिया... तो मात्र मेरा पंद्रह दिनों में, मेरी पूरी उंगली बिल्कुल स्वस्थ हो गई थी... तब से मेरे को इस चीज में believe हुआ, विश्वास हुआ कि मैं इस चीज को, जब मैंने अपने अंदर इसको feel किया, इस चीज को महसूस किया कि मैं इतनी जल्दी इसको, इतना स्वस्थ हो गया तो मैं आगे इसी चीज के, इसी चीज में आगे बढ़कर औरों को भी लाभान्वित करना चाहता हूं...

ऋषिकेष से गोरखपुर, बहुत लम्बा एक, लंबी...

हां जी...

तो अगर वहां पर आपकी प्राकृतिक चिकित्सा हुई है, तो वहां पर संस्थान हुये होंगे...

हां जी...

यहां आने का आपने निश्चय क्यों किया?

सर, वहां पर, वहां पर प्राकृतिक चिकित्सा हैं, लेकिन वहां पर प्रैक्टिकल नॉलेज नहीं मिल पाता... और आरोग्य मंदिर में हमने सबसे अच्छा प्रैक्टिकल नॉलेज, बहुत अधिक मिलता है जिसके कारण हम अपने थ्योरी के साथ साथ प्रैक्टिकल पे भी ज्यादा जोर डाल सकते हैं और हम रोग मुक्त हो सकते हैं...

किस तरह की प्रैकिटकल नॉलेज आपको यहां मिली?

जैसे यहां पर कटि स्नान है, mud, mud therapy, इसके लिये पर्याप्त स्थान है, लेकिन वहां पर पर्याप्त स्थान नहीं है, जिसके कारण हमें वो सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है...

यहां से ज्ञान आप अर्जित करके आगे क्या करना चाहेंगे? कोई संस्थान खोलेंगे या क्या करेंगे?

यहां से करने के बाद सबसे पहले तो मैं किसी हॉस्पिटल में as a worker काम करना चाहता हूं... जिससे मेरे अंदर confidence आये कि मैं कितने लोगों को रोग-मुक्त कर सकता हूं... और मैं इसमें कहां तक सीख सकता हूं... ये मेरा उद्देश्य है सबसे पहले...

धन्यवाद...

exercise (hindi): 

1) कपिल जी की उंगलियों का इलाज नेचुरोपैथी से कितने दिन में ठीक हुआ?

१) एक हफ़्ते में

२) पन्द्रह दिन में

३) एक महीने में

४) दो दिन में

2) कपिल जी आरोग्य मंदिर से प्राकृतिक चिकित्सा क्यों सीखना चाहते हैं?

१) प्रैक्टिल नॉलेज के लिये

२) थ्योरी के साथ प्रैक्टिल नॉलेज भी सिखाई जाती है

३) आरोग्य मंदिर में कटीय स्थान भी है

४) सब

Dr. Smita Modi - Fee Structure

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About This Lesson: 
Dr. Smita Modi talks about her staff and the fee structure.
vocabulary (hindi): 

हॉस्पीटल

 

Hospital

असैसमेंट

 

Assessment

मानवता के नाते

 

For the sake of humanity

सुविधाएं

 

Benefits

नर्सिज़

 

Nurses

कम्पाउंडर

 

Compounder

दवा की दुकान

 

Shop of medicine

पैथोलॉजी

 

Pathology

ऑपरेशन थियेटर

 

Operation theater

माइनर ओ. टी.

 

Minor O.T

लेबर रूम

 

Labor room

बैड्स

 

Beds

ड्रैसिंग रूम

 

Dressing room

नवजात शिशु

 

New born baby

जॉन्डिस

 

Jaundice

टैम्परेचर

 

Temperature

तापमान

 

Temperature

वॉरमर

 

Warmer

transcription (hindi): 

यहां पर आपके इस हॉस्पिटल में फीस का निर्धारण आप किस तरह से करती हैं? एक फीस तो होती होगी न कोई?

हां हां, बिल्कुल, बिल्कुल...

उसका निर्धारण कैसे, किस प्रकार किया जाता है? शहर का अलग होता है, गांव के लोग आते हैं, उनके लिये अलग होता है?

नहीं, ऐसा कुछ नहीं है... हम, हमारा फीस, चाहे वो शहर का हो, चाहे वो गांव का हो, एक ही जैसा है... हां, ये जरूर है भई, वो एक असैसमेंट हो ही जाता है कि भई जो देखने से ही लगता है, तो आप, चाहे, फीस चाहे आपकी जो भी हो, आपको मानवता के नाते, जैसे, फ्री करना हुआ तो फ्री भी कर दिया... जैसा हुआ वैसा कर दिया जाता है...

मेरे अस्पताल में बीस बैड्स हैं, लगभग बीस कर्मचारी हैं, पैथोलॉजी की भी व्यवस्था है... एक ऑपरेशन थियेटर है, एक माईनर ओ. टी. है और एक लेबर रूम है, एक ड्रैसिंग रूम है... और बच्चों के लिये जो, नवजात शिशु होते हैं, अगर जॉन्डिस हो जाये, या उनको टैम्परेचर, माने उनको तापमान कम हो जाये तो उनको वॉरमर, मतलब नवजात बच्चों की पूरी यूनिट है कि अगर जहां जरूरत पड़े, जिस चीज की, वो सुविधा मेरे पास है...

exercise (hindi): 

1) फ़ीस का निर्धारण कैसे होता है?

१) गाँव के लोगों के लिये अलग होती है

२) शहर के लोगों के लिये अलग होती है

३) गाँव और शहर के लोगों के लिये एक जैसी होती है

४) सब के लिये फ़्री होती है

2) अस्पताल में कितने कर्मचारी काम करते हैं?

१) १०० कर्मचारी

२) ८० कर्मचारी

३) २० कर्मचारी

४) ५ कर्मचारी

3) डॉ० मोदी के अस्पताल में क्या सुविधाएँ हैं?

१) ऑपरेशन थियेटर

२) लेबर रूम है

३) माइनर ओ. टी है

४) सब

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Dr. Smita Modi - Women's Health 2

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About This Lesson: 
Dr. Smita Modi relates some specific experiences.
vocabulary (hindi): 

प्राकृतिक चिकित्सा

 

Naturopathy

मासिक

 

Period/menstrual cycle

खून

 

Blood

सर्जरी

 

Surgery

हार्मोनली डिस्टर्बैन्स

 

Harmonically disturbance

ट्यूमर

 

Tumor

खून गिर रहा था

 

Blood was dropping

दवा

 

Medicine

स्वस्थ

 

Healthy

गठिया

 

rheumatism

मरीज

 

Patient

आरोग्य मंदिर

 

A temple where there is no disease

प्रैक्टिस

 

Practice

ऐलोपैथी

 

Allopathy

महिला चिकित्सालय

 

Women’s clinic

सब्ज्यिां

 

Vegetables

बागवानी

 

Gardening

ऐलोपैथी

 

Allopathy

बच्चे नहीं हो रहे

 

Can’t conceive babies

transcription (hindi): 

हम ये बता सकते हैं कि शुरू-शुरू में जब हम, मेरा शादी हुई थी तो मुझे उतना प्राकृतिक चिकित्सा पर विश्वास नहीं था... तो एक औरत आई दिल्ली से... वो अभी भी जीवित हैं, गाजियाबाद से आई थी वो, दिल्ली की नहीं... तो उनको बहुत मासिक में खून आता था... और वो पक्का, उनको, माने, प्राकृतिक चिकित्सा का उनको विश्वास था... तो वो आईं... तो उस समय हमारे ससुर जी भी जीवित थे और हमारे हस्बैंड भी देखते थे... तो दोनों ने मिल के, तो उन्होंने मुझ से का कि देखो स्मिता, ये केस है और मैं इसको ठीक कर दूंगा... उनको वहां पे सर्जरी एडवाईज़ की गई थी, गाजियाबाद में... तो... बस हार्मोनली डिस्टर्बैन्स था, कोई बहुत बड़ा ट्यूमर वगैरह नहीं था... इसी वजह से बहुत खून गिर रहा था... तो मुझे लगता था हो ही नहीं सकता है... पर, वो औरत ठीक हो के गई... और आज वो शायद सत्तर-पिचहत्तर साल की हैं और अभी भी सिर्फ प्राकृतिक चिकित्सा की वजह से, वो कहती हैं कि मैं कोई दवा नहीं लेती हूं...still she is, माने काफी स्वस्थ हैं... हर साल बात वात भी होती है... अच्छे से रहती हैं... और उनकी...

तो क्या...

हां... तो...

नहीं आप...

हां... हां... हां... उसी समय एक गठिया की भी मरीज आई थी... बल्कि इस समय भी हैं, हमारे पास एक लड़की है जो, जो बिल्कुल रोबोट की तरह हो गई थी... उसका हाथ यहां से यहां तक नहीं होता था... वो साल भर रही हमारे पास और आज वो हमारे आरोग्य मंदिर में काम करती है और गोरखपुर के ही एक स्कूल में प्रिंसिपल भी भी काम कर रही है... तो गठिया में तो इस तरह का फायदा मैंने, वाकई एक miracle, जादू ही है... पर उसमें समय बहुत लगता है... जैसे साल भर वो यहां रही...

ये बतायें कि आप अपनी प्रैक्टिस के अलावा, जो आप यहां करती हैं, जो ऐलोपैथी से रिलेटिड है, जिसमें आपने, जिसमें, जो प्राकृतिक चिकित्सा का भी आप सहारा लेती हैं काफी हद तक... इसके अलावा जो आपका इंस्ट्रीट्यूशन है, जो आरोग्य मंदिर है, वहां पर आपकी क्या क्या रिस्पॉन्सीब्लीटीज़ हैं? आप क्या-क्या करती हैं वहां पर?

यहां पे हम महिला चिकित्सालय का देख लेते हैं कि भई सफाई है कि नहीं, भोजनालय में थोड़ा सा देख लेते हैं कि क्या सब्ज्यिां बन रही हैं? उसकी क्वालिटी कैसी है? कभी कभी वहां पे खुद बैठ के खा के भी देख लिया कि जिससे रहे... बागवानी में, क्योंकि, बस, एक थोड़ा सा टहल के देख लिया कि भई सब लोग ठीक से काम कर रहे हैं कि नहीं... मेरा इतना ही योगदान है...

ऐलोपैथी में बस मेरा एक अनुभव है... हालांकि वो बहुत विशेष नहीं है कि आजकल जैसे बहुत लोगों को बच्चे नहीं होते हैं... तो किसी, कोई ऐसी औरत आई उसको सोलह साल के बाद, मैं आई. वी. एफ. प्रॉपर नहीं करती हूं, मेरे पास वो प्रॉपर सब चीजें नहीं हैं... पर कुछ प्राकृतिक चिकित्सा बता के और कुछ दवाएं दे करके, भगवान की दया से वो सोलह साल बाद, उसको तीन बच्चे एक साथ हुये... और... (हंसते हुए) और वो बहुत ही खुश... कि भई, बच्चे नहीं हो रहे थे कहां और कहां तीन बच्चे हो गये... क्योंकि आई. वी. एफ. डैफीनेटली बहुत अच्छी चीज है, पर 30% उसका रिज़ल्ट है... तीस प्रतिशत... और थोड़ा, थोड़ा क्या काफी मंहगी हैं... सबके लिये नहीं है... और जरूरी नहीं है कि आपका एक बार में हो जाये... और, तो वो बेचारी मेरे पास आती थी और एक दो दिन रूक जाती थी क्योंकि मैं भी, मुझे भी सफलता बहुत मुश्किल से मिली... थोड़े दिन वो बैठ जाती थी कि छोड़िये, लगता है किस्मत में ही नहीं है... पर वो लगी रही... बस उसका यही रहा कि जब वो, दो चार साल हो जाये तो फिर घूमते हुये चली आती थी कि डॉक्टर साहब, बच्चे नहीं हो रहे, क्या करें, क्या करें? और फिर सोलह साल बाद में तो उसको तीन बच्चे एक साथ हो गये...

exercise (hindi): 

1) दिल्ली से आई महिला की तबीयत कैसे ठीक हुई?

१) सर्जरी से

२) दवा से

३) प्राकृतिक चिकित्सा से

४) आराम से

2) गठिया के मरीज़ की क्या समस्या थी?

१) चल फिर नहीं सकती थी

२) रोबोट की तरह हो गई थी

३) बात नहीं कर सकती थी

४) सुन नहीं सकती थी

3) आरोग्य मंदिर में डॉ० मोदी क्या करती हैं?

१) भोजनालय देखती हैं

२) बागवानी देखती हैं

३) महिला चिकित्सालय देखती हैं

४) सब देखती हैं

4) मरीज़ को सोलह साल बाद कैसे बच्चा हुआ?

१) आई. वी. एफ़ द्वारा

२) सर्जरी

३) आपरेशन से

४) प्राकृतिक चिकित्सा और दवा से

5) आई.वी.एफ़ से बच्चा होने में कितनी सफ़लता मिलती है?

१) तीस प्रतिशत

२) दस प्रतिशत

३) पचास प्रतिसत

४) सौ प्रतिशत

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Dr. Smita Modi - Women's Health

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Smita Modi talks about the steps her organization takes to spread health awareness.
vocabulary (hindi): 

हैल्थ

 

Health

ओवर ऑल हैल्थ

 

Over all health

साफ सफाई

 

Cleanliness

हैल्दी

 

Healthy

नैचुरली खुशहाली रहती है

 

Naturally happiness is there

रोज नहाइये

 

Take bath everyday

साफ पानी पीजिये

 

Drink clean water

नाखुन को काट के रखिये

नाखून

Keep your nails manicured

बाल को भी धोइये

 

Wash hair also

अंकुरित

 

Sprouted

चोकर वाली रोटी खाइये

 

Chapati with bran of wheat in it

फल सब्जियां ज्यादा खाइये

 

Eat more fruits and vegetables

धनिया की पत्ती

 

Coriander leave

पुदीना की चटनी

 

Mint chutney

आयरन

 

Iron

फालिक एसिड

 

Folic acid

एनीमिया

 

Anemia

सब्जी बोइये

बोइये

Plant vegetables

खाली दिमाग़ शैतान का घर

 

Empty mind is a devil’s mind

स्वास्थ्यवर्धक चीजें

 

Things which are good for health

कैल्शियम

 

Calcium

तिल

 

Sesame

राम दाना

 

 

नाशपाती

 

Pear

शारीरिक श्रम

 

Exhaustion from hard work

बागवानी

 

Gardening

प्राकृतिक चिकित्सा

 

Naturopathy

जागृति

 

Awareness

transcription (hindi): 

स्त्रियों की जो एक हैल्थ की, ओवर ऑल हैल्थ की हम बात करते हैं, चाहे वो इस दौरान में हो जब उनका बच्चा हो रहा है या बच्चा हो चुका है या उसके बाद... तो आपकी तरफ से, आपकी संस्था की तरफ से शहरों में या गांवों में इस बात की जागरूकता को बढ़ाने का कोई, की कोई पहल हुई है आप करते हैं या किस तरह से करते हैं?

हां, बिल्कुल करते हैं...

देखिये, स्त्रियां ही जो हैं वो घर की कर्णधार होती हैं... वो जिस तरह का चाहेंगी, अपने घर को, उस तरह से वो चलायेंगी... तो अगर वो खुद साफ-सफाई रखेंगी तो ज़ाहिर सी बात है उनके बच्चे, उनके पति भी सफाई रखेंगे... वो जैसा भोजन घर में बनायेंगी, जो वो, बचपन से जो बच्चा पैदा हुआ है, उसको तो नहीं पता है कि हमको इतना मसाला खाना चाहिये या इतना कम घी खाना चाहिये, या ये जो आजकल फास्ट फूड चला है, मैदा या चीनी, ये सब, पास्ता और ये सब खाना चाहिये... ये तो मां ही सिखाती है... तो अगर मां को पता हो कि हमको कौन सा भोजन खाना चाहिये जो मेरे लिये और मेरे बच्चों के लिये, मेरे परिवार के लिये ठीक है, तो उससे जो है पूरे परिवार का ही कल्याण होता है... परिवार का कल्याण होगा तो ये अच्छा, माने, देश बनेगा, कि एक हैल्दी... और अगर स्वस्थ लोग रहेंगे तो नैचुरली खुशहाली रहती है... इसके लिये डैफीनेटली हम लोग पहल करते हैं... हम लोग जगह-जगह जा के कैम्प भी लगाये हैं और उसमें बताते हैं कि आप थोड़ा सा साफ-सफाई के बारे में, कि भई देखो, इस तरह से रहना चाहिये... और रोज नहाये, साफ पानी पीजिये, नाखून को काट के रखिये, बाल को भी धोये... और भोजन में अंकुरित हो सके तो उसको करिये... चोकर वाली रोटी खाये... फल सब्जियां ज्यादा खाये... जो भी आप खा पाये... जरूरी नहीं है कि आप बहुत ही मंहगा फल खायें, जो भी आपके मौसम का हो... आपके पास थोड़ी ज़मीन हो तो आप वहां भी उगा सकते हैं... आप धनिया की पत्ती ही खायें... पुदीना की चटनी ही खायें... आपको स्वाद भी मिलेगा... आपको आयरन और फालिक एसिड भी मिलेगा, जो कि आपके एनीमिया के लिये बहुत फायदा करता है...