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Ethics and Culture

Health Education - Mukesh Sharma

mediaURI: 
About This Lesson: 
Views on advancing Yoga and Naturopathy for public health.
vocabulary (hindi): 

योगाभ्यास

 

Practice yoga

प्रशिक्षण

 

Training

के दौरान

 

During that period

लचीलापन

 

Flexibility

शंख प्रक्शालन

 

Pose of yoga

आंतों की सफाई

 

Cleaning of Intestine

कम्पलीट साईंस

 

Complete Science

प्राकृतिक चिकित्सा

 

Naturopathy

अर्से

 

Period

प्रैक्टिकल नॉलेज

 

Practical Knowledge

रिहाईश

 

Upbringing, residence

शिक्षा ग्रहण

 

Gain Knowledge

योगा नैचुरोपैथी का सैंटर

 

The Center of Yoga Naturopathy

के हिसाब से

 

According to

निधी

 

Personal wealth

दवाईयों से

 

From medicine

न्यूट्रिशियन

 

Nutritian

लाईफ स्टाईल

 

Life style

transcription (hindi): 

मुकेश जी, ये बतायें कि प्राकृतिक चिकित्सा में आपकी ये रुचि जो है क्यूं हुई?

मैं पिछले कई सालों से योगाभ्यास का प्रशिक्षण देता हूं... योगाभ्यास के प्रशिक्षण के दौरान मैंने कुछ ऐसा पाया है कि हर किसी को हम योगाभ्यास नहीं करा सकते... जो कि शरीर से  disable हैं या जो बहुत ज्यादा stiff हो चुके हैं... जिनकी बॉडी का लचीलापन खत्म हो चुका है... ये योग में ऐसी बहुत सी टैक्नीक्स हैं, जैसे शंख प्रक्षालन है, पूरी जो हैं, पूरी आँतों की सफ़ाई, वो सब... योगा अपने आप में एक कम्प्लीट साइंस है लेकिन बहुत से लोगों को हम करा नहीं सकते... उस सबको कराने के लिये, उन सबकी हैल्प करने के लिये कुछ ऐसी चीज चाहियें जो कम्पलीट हों... इसलिये हमारी प्राकृतिक चिकित्सा में रुचि हुई...

तो ये कार्य आप कितने समय से कर रहे हैं, जो, जो आप, जो आप सीख रहे हैं, उसको सीखते हुये आपको कितना समय हुआ है?

किस चीज के बारे में जानना चाह रहे हैं?

जो प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में आपसे...

हां हां...

जो आप इस संस्थान में आये हैं...

हूं हूं...

वो सीखने के लिये...

हां...

आप पहले भी आ चुके हैं... पहली बार आये हैं और कब, कितने अरसे से आप ये कर रहे हैं?

मैं पहली बारी आया हूं यहां पर... लेकिन पहले, पिछले मैं, एन.डी.डी.आई., तीन साल का एक कोर्स होता है, जयपुर से, वो कर चुका हूं... डिप्लोमा इन योगा एण्ड नैचुरलोपैथी... लेकिन मुझे वहां से कोई satisfaction मिला नहीं... मुझे प्रैक्टिकल नॉलेज चाहिये थी, उसके बाद फिर मैंने गोरखपुर, यहां के बारे में काफी सुन रखा था, यहां से चालीस चालीस साल पहले करके बहुत से ऐसे लोग गये हैं जिनकी उम्र 80, 82, 85 है... और उन्होंने बहुत अच्छा बताया यहां के experience कि अगर आपको कुछ करना है प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में, तो आपको गोरखपुर जाना चाहिये और वहां से करना चाहिये... इसलिये मैं यहां पर आया हूं...

तो आपकी रिहाइश कहां पर है?

मैं मूलतः राजस्थान का रहने वाला हूं... जयपुर का...

जयपुर...

जी...

यहां से जब शिक्षा ग्रहण आप करेंगे?

हूं हूं...

उसका उद्देश्य क्या रहेगा? आप क्या करेंगे उसके बाद?

मेरा उद्देश्य है अपना योग-नैचुरोपैथी सेंटर डालना... जिसमें ज्यादा जोर योगा पे, योग पे दिया जायेगा, लेकिन साथ में जो कि प्राकृतिक चिकित्सा, जो कि उसका एक अंग है, जिसके बगैर काम नहीं चल सकता, उसको उसमें डाला जायेगा... तो हेल्थ सेंटर प्लस ट्रीटमेंट सेंटर के हिसाब से मेरे को वहां पर अपना सैंटर डालना है...

और क्या यही, जो आप ग्रहण कर रहे हैं शिक्षा, क्या आप ये आगे शिक्षा किसी को देंगे, इसके बाद में?

जरूर देंगे... क्योंकि हमारा जो राष्ट्र है, उसके लिये सबसे बड़ी निधि तो यही है... जो दवाइयों से जो सफर कर रहे हैं... हमारा जो देश का अधिक से अधिक पैसा तो इन दवाईयों में चला जाता है... लोग भोजन नहीं कर सकते... अच्छा न्यूट्रिशन नहीं ले सकते... तो उसके लिये हमको ये तो बढ़ाना ही है आगे से आगे, जिससे कि अपनी लाइफ़-स्टाइल लोग अच्छी कर सकें और लोगों को इससे फायदा हो सके...

exercise (hindi): 

1) मुकेश जी की प्राकृतिक चिकित्सा में कैसे रुचि हुई?

१) योगाभ्यास हर किसी को नहीं सिखा सकते हैं।

२) योगाभ्यास के साथ नैचुरोपैथी की ज़रूरत पड़ती है।

३) नैचुरपैथी से योग सीखने में आसानी होती है।

४) ऊपर दी गई सब वजहों से

2) मुकेश जी नैचुरपैथी सीखने के बाद किस तरह का योग नैचुरपैथी सैंटर खोलना चाहते हैं?

१) जहाँ ज़्यादा ज़ोर नैचुरपैथी पर हो और योग पर कम

२) जहाँ ज़्यादा ज़ोर योग पर हो और नैचुरपैथी पर कम

३) जहाँ पर होम्योपैथिक का भी इस्तेमाल हो

४) जहाँ सब देसी इलाज हों

vocabulary (urdu): 

content under development

transcription (urdu): 

content under development

exercise (urdu): 

content under development

Ayurveda Ethics (3)

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vocabulary (hindi): 

English medicine, western medicine

अंग्रेजी दवाई

Native

देसी

Removes it from the root

जड़ कटती है

English (medication) does not work

अंग्रेजी देते हैं, वे सही नहीं चलती

transcription (hindi): 

हम जी दवाई के लेने के लिये जाते हैं... जब बीमार हो जाते हैं तो दवाई के लिये जाते हैं इनके पास...

तो इनके पास क्यूं जाते हैं? कोई आप किसी दूसरे डॉक्टर, जो दूसरी तरह का ईलाज...

अजी डॉक्टर का बाऊजी ऐसा है ना, डॉक्टर देसी, अंग्रेजी दवाई देते हैं और ये देसी देते हैं, जड़ कटती है... और वे अंग्रेजी देते हैं, वे सही नहीं चलती...

ऐसा क्यूं मानते हैं आप?

वैसा नूं मानते हैं जो जड तै कटती है वो फायदेवर होती है और जो वैसा, मतलब, अंग्रेजी जो होती है वो ठीक नहीं होती...

आपने कभी अंग्रेजी दवा, जो आप कह रहे हैं...

हां जी...

ऐलौपैथी जो है...

हां जी...

उसका कभी इस्तेमाल किया है?

किया है जी......... सही नहीं लागता.........

translation (hindi): 

 

exercise (hindi): 

मरीज़ डॉ० के पास क्यों आता है?

1 अंग्रेज़ी दवा देते हैं

2 दवा से जल्दी आराम मिलता है

3 देसी दवा देते हैं

4 दवा बिल्कुल नहीं देते

vocabulary (urdu): 

English medicine, western medicine

انگریزی دوائی

Native

دیسی

Removes it from the root

جڑ کٹتی ہے

English (medication) does not work

انگریزی دیتے ہیں، وہ صحیح نہیں چلتی

transcription (urdu): 

 کوئی آپ کسی دوسرے ڈاکٹر، جو دوسری طرح کا علاج۔۔۔

 

اجی ڈاکٹر کا باؤجی ایسا ہے نا، ڈاکٹر دیسی، انگریزی دوائی دیتے ہیں اور یہ دیسی دیتے ہیں، جڑ کٹتی ہے۔۔۔ اور وہ انگریزی دیتے ہیں، وہ صحیح نہیں چلتی۔۔۔

 

ایسا کیوں مانتے ہیں آپ؟

 

ویسا یوں مانتے ہیں جو جڑ تو کٹتی ہے وہ فائدہور ہوتی ہے اور جو ویسا، مطلب، انگریزی جو ہوتی ہے وہ ٹھیک نہیں ہوتی۔۔۔

 

آپ نے کبھی انگریزی دوا، جو آپ کہ رہے ہیں۔۔۔

 

ہاں جی۔۔۔

 

ایلوپیتھی جو ہے۔۔۔

 

ہاں جی۔۔۔

 

اس کا کبھی استعمال کیا ہے؟

 

کیا ہے جی۔۔۔ صحیح نہیں لگتا۔۔۔

exercise (urdu): 

مریض ڈاکٹر کے پاس کیوں آتا ہے؟

1 کیونکہ انگریزی دوا دیتے ہیں

2 دوا سے جلدی آرام مل جاتا ہے

3 دیسی دوا دیتے ہیں

4 ددوا بالکل نہیں دیتے

Ayurveda Ethics and Variable Fees

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vocabulary (hindi): 

Medicines for a week

एक हफ्ते की दवाई

Musk

कस्तूरी

Expensive medication

मंहगी दवाई

Gold dust

सोने की भसम

Powder to make semen dense

धातु पौष्टिक चूर्ण

Powder made from pearl and gold ash

मोती-सोना भसम

Silver dust

चांदी भसम

Idiom -- it will be as sweet as the amount of molasses you pour in it

जिसा गुड गेरैगा उसा मीठा होवैगा

Good medicine, great medicine

बढ़िया दवाई

transcription (hindi): 

हां जी, फीस का देखो, बात ये है, मेरे पिताजी पहले दवाई दिया करते, हम जीब 8 रुपये की दिया करते... 12, 12 रुपये की दिया करते एक हफ्ते की दवाई... फिर जी, जो मंहगाई बढ़ती गई, बढ ती चली गई... ईब 80 रुपये की, 120 रुपये की एक हफ्ते की दवाई, डॉक्टर तो 120 रुपये इंजैक्शन लगाते ही ले ले है... हम तो हफ्ते की दवाई के 140 रुपये, 120 रुपये, 150 रुपये, ये ले ले हैं जी... और जो सैक्स वाले आवैं हैं, उसमें के कस्तूरी पड़ै है, उसमें तै अलग हिसाब-किताब, मंहगी दवाई लिख के दे दे, म्हारे तै कौन पैसा देय है... म्हारे से तै ये कह दे हैं, अ कै थम तो यार जंगल मैं ते तोड लाओ हो... भई हम तै जंगल की तै फ्री दे देंगे, वहां जा गा तब पता चल जा गा, जब सोने की भसम लायेगा... अब ये सोने की भसम है, इसकी कीमत 2300 रुपये है... अपनी मनमर्जी लाया एक मरीज, उसनै हमनै धातु पौष्टिक चूर्ण मिला कै दे दी... हमनै तो नहीं लिये इसके पीसे... वो तो उसको दे कै आया है... ये भसम उसकी ताई, मोती-सोना भसम, चांदी भसम... जिसा गुड गेरैगा उसा मीठा होवैगा... बढ़िया दवाई बनावै तै अपनी भसम लिया भई हम मिला कै दे देंगे इसमैं... हम लेंवगै तै थम कहोगे यार थम तै घास-फूस तेयो हो... इतने पीसे कहां से दें... आप दीयावगा वहां दुकानों पै... बस...

एक चीज बतायें

हूं...

ये जो आपकी अलग से विधा है, ये हकीम जी या वैद्य जी जब बात करते हैं, तो ये होता है कि यार ताकत की दवाई मिल जायेगी और ताकत की दवाई लेने से बहुत ज्यादा लोग आपके पास आते होंगे? क्या ये सत्य है?

exercise (hindi): 

वैद्य के पिताजी एक हफ़्ते के लिये कितनी फ़ीस लेते थे?

1 दो रुपये

2 पाँ रुपये

3 बारह रुपये

4 दस रुपये

मंहगाई के बाद एक हफ़्ते की कितनी फ़ीस हो गई थी?

1 १०० रुपये

2 २०० रुपये

3 १२० रुपये

4 १००० रुपये

महंगाई होने की वजह से वैद्य जी महंगी दवाओं के लिये क्या करते हैं?

1 मरीज़ से ज़्यादा पैसे लेते है।

2 मरीज़ से कम पैसे लेते हैं

3 मरीज़ से खुद दवा लाने के लिये कहते हैं

4 मरीज़ से पैसे नहीं लेते हैं

vocabulary (urdu): 

Medicines for a week

ایک ہفتے کی دوائی

Musk

کستوری

Expensive medication

مہنگی دوائی

Gold dust

سونے کی بھسم

Powder to make semen dense

دھاتو پیشٹک چورن

Powder made from pearl and gold ash

موتی سونا بھسم

Silver dust

چاندی بھسم

Idiom -- it will be as sweet as the amount of molasses you pour in it

جسا گڑ گریگا اسا میٹھا ہوویگا

Good medicine, great medicine

بڑیا دوائی

transcription (urdu): 

ہاں، فیس کا جی دیکھو، بات یہ ہے، میرے پتا جی پہلے دوائی دیا کرتے، ہم جیب 8 روپیے کی دیا کرتے۔۔۔ 12، 12 روپئے کی دیا کرتے ایک ہفتے کی دوائی۔۔۔ پھر جی، جو مہنگائی بڑھتی گئی، بڑھتی چلی گئی۔۔۔ اب 80 روپیے کی، 120 روپیے، کی ایک ہفتے کی دوائی، ڈاکٹر تو 120 روپئے انجیکشن لگاتے ہی لے لے ہے۔۔۔ ہم تو ہفتے کی دوائی کے 140 روپیے، 120 روپیے، 150 روپئے، یہ لے لے ہیں جی۔۔۔ اور جو سیکس والے آویں ہیں، اس میں کے کستوری پڑے ہے، اس میں تے الگ حساب کتاب، مہنگی دوائی لکھ کے دے دے، ہمارے تے کون پیسہ دییہ ہے۔۔۔ ہمارے سے تے یہ کہ دے ہیں، کے تم تو یار جنگل میں تے توڑ لاؤ ہو۔۔۔ بھئی ہم تے جنگل کی تے فری دے دینگے، وہاں جا گا تب پتہ چل جا گا، جب سونے کی بھسم لائیگا۔۔۔ اب یہ سونے کی بھسم ہے، اس کی قیمت 2300 روپیے ہے۔۔۔ اپنی من مرضی لایا ایک مریض، اس نے ہم نے دھاتو پوسٹک چورن ملا کے دے دی۔۔۔ ہم نے تو نہیں لئے اس کے پیسے۔۔۔ وہ تو اس کو دے کے آیا ہے یہ بھسم اس کی تائی، موتی بھسم، سونا بھسم، چاندی بھسم۔۔۔ جسا گڑ گیریگا اسا میٹھا ہوویگا۔۔۔ بڑیا دوائی بناوے تے اپنی بھسم لیا بھئی ہم ملا کے دے دینگے اس میں۔۔۔ ہم لیونگے تے تھم کہوگے یار تھم تے گھاس پھوس تییو ہو۔۔۔ اتنے پیسے کہاں سے دیں۔۔۔ آپ دیاوگا وہاں دکانوں پہ۔۔۔ بس۔۔۔

 

exercise (urdu): 

ویدیہ جی کے پتا ایک ہفتے کے لئے کتنی فیس لیا کرتے تھے؟

1 دو روپیہ

2 پانچھ روپیہ

3 بارہ روپیہ

4 دس روپیہ

مہنگائی کے بعد ایک ہفتے کی کتنی فیس ہو گئی ہے؟

1 سو روپیہ

2 دو سو روپیہ

3 ایک سو بیس روپیہ

4 ایک ہزار روپیہ

مہنگائی بڑھنے کی وجہ سے ویدیہ جی مہنگی دواؤں کے لئے کیا کرتے ہیں؟

1 مریض سے زیادہ پیسے لیتے ہیں

2 مریض سے کم پیسے لیتے ہیں

3 مریض سے خود دوا لانے کے لئے کہتے ہیں

4 مریض سے پیسے نہیں لیتے ہیں

Ayurveda Ethics (2)

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vocabulary (hindi): 

Fees

फीस

For the stomach

पेट के लिये

Religion

धर्म

Service

सेवा

 

वैद्य मरीज की सेवा करने के लिये बनाया है, दुखी करने के लिये नहीं

Allowance

गुंजाइश

transcription (hindi): 

देखो जी, फीस की बात ये है, रोट्टी तो सबको खान नै चाहिये... पेट के लिये करैं हैं... पर बात ये है, मेरे पिताजी ये कहा करते, राजा भी दो रोटी खावै है, हम भी दो रोटी खावैं हैं... साथ मैं कुछ नहीं जाता... धर्मो रक्षति रक्षतः.... धर्म की रक्षा कर, धर्म तेरी रक्षा करेगा... बेकार मैं, जैसे बाल्मिकी ऋषि थे, लूटा-पीटा करते, पर उन्होंने कहा, जब नारद मुनि ने, अक, साथ क्या जागा तेरे? घर वाले तै पूछ कै आ, अक तू, तेरे दुखः-सुख को बंटावैंगे के नहीं... हम क्यूं इसा करम करैं, अक जो लूट-लूट कै दुनिया नै खावैं, दंड तो हम भुगतैंगे... भगवान की दया से अपने खेत हैं, खेत मैं गेहूं पैदा हो जा है, धान हो जा है, खा ले हैं, लोगों की सेवा हो जा है... वैद्य मरीज की सेवा करने के लिये बनाया है, दुखी करने के लिये नहीं... वैद्य को हमेशा, पैसा मिलो या ना मिलो, हैं जी, देखो, पेट तो सबनै भरना है, पैसा मिलो या ना मिलो, मरीज को शांति मिलनी चाहिये... मरीज का रोग दूर होना चाहिये... बेचारा ठीक होगा तो अपने आप ना दे देगा ठीक हो कै... अर जिसके पास जी गुंजाइश है, अपने साथ मैं भी दे दे है... हफ्ते की दवाई दे दे हैं, बाजे को फ्री दे दे हैं, बाजे को पैसे ले ले हैं... फ्री वाले को ऐसा, जंगल में से तोड़ के बता दें, कुछ लिखवा भी दे हैं जो बड़े लोग आवैं हैं... जिसके पास गुंजाइश है, लिखवा दे हैं, वैद्यनाथ की आवैं हैं, डाबर की आवैं हैं, हैं जी... तो इस तरह इलाज करते हैं हम...

translation (hindi): 

 

exercise (hindi): 

वैद्य जी का फ़ीस के बारे में क्या मानना है?

1 वैद्य मरीज़ की सेवा करने के लिये बना है

2 पैसे मिले या नहीं, मरीज़ को शांति मिलनी चाहिये

3 सब

4 जिसकी जितनी गुंजाइश हो उतना दे दे हैं

vocabulary (urdu): 

Fees

فیس

For the stomach

پیٹ کے لئے

Religion

دھرم

Service

سیوا

 

ویدیہ مریض کی سیوا کرنے کے لئے بنایا ہے، دکھی کرنے کے لئے نہیں

Allowance

گنجائش

transcription (urdu): 

دیکھو جی، فیس کی بات یہ ہے، روٹی تو سب کو کھانے چاہئیے۔۔۔ پیٹ کے لئیے کریں ہیں۔۔۔ پر بات یہ ہے، میرے پتا جی کہا کرتے، راجا بھی دو روٹی کھاوے ہے، ہم بھی دو روٹی کھاویں ہیں۔۔۔ ساتھ میں کچھ نہیں جاتا۔۔۔ دھرمو رکشت رکشت:۔۔۔ دھرم کی رکشا کر، دھرم تیری رکشا کریگا۔۔۔ بیکار میں، جیسے بالمک کرشی تھے، لوٹا پیٹا کرتے، پر انھوں نے کہاِ جب نارد مونی نے، اک، ساتھ کیا جاگا تیرے؟ گھر والے تے پوچھ کے آ، اک تو، تیرے دکھ سکھ کو بٹاوینگے کہ نہیں۔۔۔ ہم کیوں اسا کرم کریں، اک جو لوٹ لوٹ کے دنیا نے کھاویں، ڈنڈ تو ہم بھگتینگے۔۔۔ بھگوان کی دیا سے اپنے کھیت ہیں، کھیت میں گیہوں پیدا ہو جا ہے، دھیان ہو جا ہے، کھالے ہیں، لوگاں کی سیوا ہو جا ہے۔۔۔ ویدیہ مریض کی سیوا کرنے کے لئے بنایا ہے، دکھی کرنے کے لئے نہیں۔۔۔ ویدیہ کو ہمیشہ، پیسہ ملو یا نہ ملو،  ہیں جی، دیکھو، پیٹ تو سب نے بھرنا ہے، پیسہ ملو یا نہ ملو، مریض کو شانتی ملنی چاہئیے۔۔۔ مریض کا روگ دور ہونا چاہئیے۔۔۔ بیچارہ ٹھیک ہوگا تو اپنے آپ نہ دے دیگا ٹھیک ہو کے۔۔۔ ار جس کے پاس جی گنجائش ہے، اپنے ساتھ میں بھی دے دے ہے۔۔۔ ہفتے کی دوائی دے دے ہیں، بعضے کو فری دے دے ہیں، بعضے کو پیسے لے لے ہیں۔۔۔ فری والے کو ایسا، جنگل میں سے توڑ کے بتا دیں، کچھ لکھوا بھی دے ہیں جو بڑے لوگ آویں ہیں۔۔۔ جس کے پاس گنجائش ہے، لکھوا دے ہیں، ویدیہ ناتھ کی آویں ہیں، ڈابر کی آویں ہیں، ہیں جی۔۔۔ تو اس طرح علاج کرتے ہیں ہم۔۔۔

exercise (urdu): 

وییہ جی کی فیس کے بارے میں کیا رائے ہے؟

1 ویدیہ مریض کی سیوا کرنے کے لئے بنا ہے

2 پیسے ملے یا نہیں، مریض کو شانتی ملنی چاہئیے

3 سب

4 جس کی جتنی گنجائش ہو، اتنا دے دیں

Faith

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vocabulary (hindi): 

Operation

अॉपरेशन

Cure, remedy, treatment

इलाज

transcription (hindi): 

अपना नाम बतायेंगी और बतायें आप कहां से आई हैं?

ओमवती मेरा नाम है जी, कमासपुर से आए हैं जी...

 

आप अपना नाम बतायें और बतायें कि आप कहां से आई हैं?

हम, ओमवती मेरा नाम है जी, कमासपुर से आई हूं...

यहां आने का कारण क्या है?

यहां आने का कारण ये है जी, तीन-चार तो मेरे ऑपरेशन हो लिये हैं... ऑपरेशन बहुत बढ़िया हुये मेरे... कोई दिक्कत नहीं है... और जी एक मेरा लड़का था, पच्चीस-छब्बीस साल पहले पंत का जवाब दे दिया था, अ खतम होने वाला है थाड़ी देर में... मेरा लड़का इन्हैंने ठीक किया है जी... अर मेरा लड़का ब्याआ भी गया अर मेरा लड़का का बहुत बढ़िया किया इन्नैं... पंत मैं जवाब दे दिया था, चौबीस, बाईस दिन मैं लेकर आये थे हम पंत मैं तै... न्यू कह दी थी शाम के चार बजे तक खतम हो जायेगा ये... हम वहां तै लेकर आये थे, डॉक्टर साहब के पास इलाज चला तीन साल... अर कती मेरा लड़का ठीक है... ब्याह भी गया है... मनोहर तो हमारी तीन ऑपरेशन हो लिये, बहुत बढ़िया ऑपरेशन हो लिये सारे... कोई दिक्कत वाडी बात नहीं है... तीस साल हो गये हमनै डॉक्टर साहब धौरे दवाई लेते, बढ़िया डॉक्टर है म्हारा... हम अपने रिश्तेदार को भी यहां लाते हैं, म्हारा विश्वास है डॉक्टर पर म्हारा... अक मेरा लड़का खत्म था, उसनै बचा लिया... इसतै बढ़िया भगवान कोई नहीं राखता... हमनै डॉक्टर मनोज, डॉक्टर साहब, मेरे लड़के का नाम मनोज रखा, डॉक्टर साहब नै... मनोज नाम है लड़के का... डॉक्टर साहब नै अपना नाम धरा था... अक इसका नाम मैं रक्खूंगा... हमनै तै इससे बढ़िया कोई डॉक्टर साहब नहीं लागते, हमनै सबतै बढ़िया भगवान यही लाग्गै है... अक मेरा बच्चा जो बचा दिया थमनैं, यो ही लाग्गै है सबतै... मेरा लड़का ब्याहा भी गया, साढ़े तीन साल तै कोई जवाब, सबनै नहूं कह दी थी, दिल्ली मैं बहुत बड़े-बड़े उन्नैं दिखाया हमनैं, सबनै जवाब दे दिया था... टिटनैस की बीमारी थी उसकै... उक ये तो लड़का बच नहीं सकता... अर जी मेरा बच्चा इन्नै बचा दिया... ठीक-ठाक है... वो खड़ा मेरा लड़का, देख ले, ब्याह दिया था, ये रहा... गाड्डी ले कै आया है मैन्नै ले कै... उक हम तै डॉक्टर साहब का बहुत विश्वास है जी... हम अपने रिश्तेदार को भी यहीं लाते हैं... ऑपरेशन करवा लिये, काफी करवा लिये मैन्नैं ला कै, पहले रिश्तेदार भी जितने, कोई शिकायत वाली बात नहीं है... एक कै भी... अच्छा जी...

translation (hindi): 

 

exercise (hindi): 

ओमवती डॉक्टर साहब के पास ही क्यों आती हैं?

1 डॉक्टर पर विश्वास है

2 ऑपरेशन बढ़िया करते हैं

3 सब

4 उनके लड़के को मरते मरते बचा लिया

vocabulary (urdu): 

Operation

آپریشن

Cure, remedy, treatment

علاج

transcription (urdu): 

اپنا نام بتائینگی اور بتائیں آپ کہاں سے آئی ہیں؟

 

اوموتی میرا نام ہے جی، کماسپور سے آئی ہوں۔۔۔

 

یہاں آنے کا کارن کیا ہے؟

 

یہاں آنے کا کارن یہ ہے جی، تین چار تو میرے آپریشن ہو لئے ہیں۔۔۔ آپریشن بہت بڑیا ہوئے میرے۔۔۔ کوئی دقّت نہیں ہے۔۔۔ اور جی ایک میرا لڑکا تھا، پچّیس چھبّیس سال کا پنت کا جواب دے دیا تھا، ختم ہونے والا ہے تھاڑی دیر میں۔۔۔ میرا لڑکا انہوں نے ٹھیک کرایا ہے جی۔۔۔ اور میرا لڑکا بیا بھی گیا ار  میرا لڑکا کا بہت بڑیا کیا ان نیں۔۔۔ پنت میں جواب دے دیا تھا، چوبیس، بائیس دن میں لے کر آئے تھے ہم پنت میں تے۔۔۔ نیو کہ دی تھی شام کے چار بجے تک ختم ہو جائیگا یہ۔۔۔ ہم وہاں تو لے کر آئے تھے، ڈاکٹر صاحب کے پاس علاج چلا تین سال۔۔۔ ار کتی میرا لڑکا ٹھیک ہے۔۔۔ بیاه بھی گیا ہے۔۔۔ منوہر تو  ہماری تین آپریشن ہو لئے، بہت بڑیا آپریشن ہو لئے سارے۔۔۔ کوئی دقّت والی بات نہیں ہے۔۔۔ تیس سال ہو گئے ہمنے ڈاکٹر صاحب دھورے دوائی لیتے، بڑیا ڈاکٹر ہے ہمارا۔۔۔ ہم اپنے رشتیدار کو بھی یہاں لاتے ہیں، ہمارا وشواس ہے ڈاکٹر پر ہمارا۔۔۔ اک میرا لڑکا ختم تھا، اس نے بچا لیا۔۔۔ استے بڑیہ بھگوان کوئی نہیں راکھتا۔۔۔ ہم نے ڈاکٹر منوج، ڈاکٹر صاحب، میرے لڑکے کا نام منوج رکھا، ڈاکٹر صاحب نے۔۔۔ منوج نام ہے لڑکے کا۔۔۔ ڈاکٹر صاحب نے اپنا نام دھرا تھا۔۔۔ اک اس کا نام میں رکھونگا۔۔۔ ہم نے تو اس سے بڑیا کوئی ڈاکٹر صاحب نہیں لاگتے، ہم نے سبتے بڑیہ بھگوان یہی لاگے ہے۔۔۔ اک میرا بچّہ جو بچا دیا تھمنیں، یہ ہی لاگے ہے سبتے۔۔۔ میرا لڑکا بیاه بھی گیا، ٹٹنس کی بیماری تھی اس کو۔۔۔ ایک یہ تو لڑکا بچ نہیں سکتا۔۔۔ اور جی میرا بچّہ ان نے بچا دیا۔۔۔ ٹھیک، ٹھیک ہے۔۔۔ وه کھڑا میرا لڑکا، دیکھ لے، بیاه دیا تھا، یہ رہا۔۔۔ گاڈّی لے کے آیا ہے میننے لے کے۔۔۔ اک ہم تو ڈاکٹر صاحب کا بہت وشواس ہے جی۔۔۔ ہم اپنے رشتیدار کو بھی یہیں لاتے ہیںَ۔۔ آپریشن کروا لئے، کافی کروا لئے میں نے لا کے، پہلے رشتیدار بھی جانتے، کوئی شکایت

والی بات نہیں ہے۔۔۔ ایک کے بھی۔۔۔ اچّھا جی۔۔۔

exercise (urdu): 

اوموتی ڈاکٹر صاحب کے باس ہی کیوں آتی ہیں؟

1 ڈاکٹر پر وشواس ہے

2 آپرویشن بڑیا کرتے ہیں

3 انہوں نے ان کے لڑکے کو مرتے مرتے بچا لیا

4 ان سب کی وجہ سے

Rural Home Remedies

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vocabulary (hindi): 

What is your name

आपका नाम क्या है

Where do you live

आप कहां के रहने वाले हैं

What is the trouble

क्या तकलीफ है

 

फोड़ा निकल आया

 

फोड़ा

Home treatment

घर का इलाज

 

पत्ते बांधे

 

फूट गया

Trouble decreased

तकलीफ कम हुई

Or then increased

या फिर बढ़ गई

Skin

खाल

Bad

खराब

 

जखम

Bandage

पट्टी

transcription (hindi): 

ये बतायें आपका नाम क्या है और आप कहां के रहने वाले हैं?

भीम सिंह मेरा नाम है, कुमासपुर से आया हूं...

यहां क्यूं आये हो? क्या तकलीफ है...

मेरे फोड़ा निकल आया था...

फोड़ा निकला था... क्या किया?

हमनैं अपना घर का ईलाज किया, पहले तो पत्ते बांधे...

तो फिर क्या हुआ था?

उससे ये फूट गया...

तकलीफ कम हुई या फिर बढ़ गई?

फिर फूटने के बाद मैं तकलीफ बढ़ गई ना, उससे, वो तो मेरे साथ मैं निकल गया... और तो फिर, वो तो खाल तो खराब हो गई ना वहां से... मतलब जखम हो गया वहां से... जखम के कारण फिर पट्टी करवाणी पड़ती है...

ये बतायें कि यहां पर जो आप आये हैं...

हां...

तो आप क्यूं, किस वजह से आये हैं? किस विश्वास से आप आये हैं?

विश्वास सै हम तो आतते रहते हैं इसके पास... काफी दिन से आते हैं... जब से ये हॉस्पीटल चला है, जब से ही आत्ते हैं हम... हमको विश्वास है इसकी दवा, दवाई पर...

और घर के और भी लोग आते हैं या...

हां, बच्चे भी आते हैं... मेरे तो सब कुछ आत्ता है...

और गांव के लोग?

गांव के भी आत्ते हैं काफी...

कितने लोग?

इब मैं लिख तै रहा नहीं, मगर आते हैं काफी...

बहुत-बहुत धन्यवाद...

exercise (hindi): 

मरीज़ को क्या तकलीफ़ है?

1 बुखार है

2 खाँसी है

3 फोड़ा निकल आया है

4 पैर में दर्द है

मरीज़ ने क्या घरेलू इलाज किया?

1 हल्दी लगाई

2 चूना लगाया

3 पत्ते बाँधें

4 मरहम लगाई

vocabulary (urdu): 

What is your name

آپ کا نام کیا ہے؟

Where do you live

آپ کہاں کے رہنے والے ہیں

What is the trouble

کیا تکلیف ہے

 

پھوڑا نکل آیا

 

پھوڑا

Home treatment

گھر کا علاج

 

پتّے باندھے

 

پھوٹ گیا

Trouble decreased

تکلیف کم ہوئی

Or then increased

یا پھر بڑھ گئی

Skin

کھال

Bad

خراب

Cut, sore, scar

زخم

Bandage

پٹّی

transcription (urdu): 

یہ بتائیں آپ کا نام کیا ہے اور آپ کہاں کے رہنے والے ہیں؟

 

بھیم سنگھ میرا نام ہے، کماسپور سے آیا ہوں۔۔۔

 

یہاں کیوں آئے ہو؟ کیا تکلیف ہے۔۔۔

 

میرے پھوڑا نکل آیا تھا۔۔۔

 

پھوڑا نکلا تھا۔۔۔ پھر کیا کیا؟

 

ہم نے اپنا گھر کا علاج کیا، پہلے تو پتّے باندھے۔۔۔

 

تو پھر کیا ہوا؟

 

اس سے یہ پھوٹ گیا۔۔۔

 

تکلیف کم ہوئی یا تکلیف بڑھ گئی؟

 

تکلیف پھر پھوٹنے کے بعد ہمیں تکلیف بڑھ گئی نہ، اس سے، وہ تو میرے ساتھ میں نکل گیا۔۔۔ اور تو پھر، وہ تو کھال تو خراب ہو گئی نا وہاں سے۔۔۔ مطلب زخم ہو گیا وہاں سے۔۔۔ زخم کے کارن پھر پٹّی کروانی پڑتی ہے۔۔۔

 

تو یہ بتائیں کہ یہاں پر جو آپ آئے ہیں۔۔۔

 

ہاں۔۔۔

 

تو آپ کیوں، کس وجہ سے آئے ہیں؟ کس وشواس سے آپ آئے ہیں؟

 

وشواس سے ہم تو آتے رہتے ہیں اس کے پاس۔۔۔ کافی دن سے آتے ہیں۔۔۔ جب سے یہ ہاسپٹل چلا ہے، جب سے ہی آتے ہیں ہم۔۔۔ ہم کو وشواس ہے اس کی دوا، دوائی پر۔۔۔

 

اور گھر کے اور بھی لوگ آتے ہیں یا۔۔۔

 

ہاں، بچّے بھی آتے ہیں۔۔۔ میرے تو سب کچھ آتا ہے۔۔۔

 

اور گاؤں کے لوگ؟

 

گاؤں کے بھی آتے ہیں ادھر کافی۔۔۔

 

کتنے لوگ؟

 

اب میں لکھ تے رہا نہیں، مگر آتے ہیں کافی۔۔۔

 

بہت بہت دھنیواد۔۔۔

exercise (urdu): 

مریض کو کیا تکلیف ہے؟

1 بخار ہے

2 کھانسی ہے

3 پھوڑا نکل آیا ہے

4 پیر میں درد ہے

مریض نے کیا گھریلو علاج کیا؟

1 ہلدی لگائی

2 چونا لگایا

3 پتّے باندھے

4 مرحم لگایا

Ethics (3)

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

 

आयुर्वेद हिन्दूज़ में

 

यूनानी मुस्लिम्स में

In Hindi and Sanskrit

हिन्दी अौर संस्कृत में

Urdu or Arabic

उर्दू या अरेबिक

Muslim children

मुस्लिम बच्चे

 

कुरान शरीफ

Unani O. P. D

यूनानी अो.पी.डी

Hindu

हिन्दू

Ayurvedic O.P.D

आयुर्वेदिक अो.पी.डी

Muslim

मुसलमान

 

तकलीफ से निज़ात

Brain

दिमाग़

Motive

मकसद

Service

सेवा

Service

खिदमत

 

खिदमतगार

Service-related occupation

खिदमत से जुड़ हुआ पेशा

 

खवाहिश

 

खुशनसीबी

Family

परिवार

Patient

मरीज

transcription (hindi): 

इसका आंसर शायद मैं दे पाऊं... ये जो बायफरकेशन आपने बताया कि आयुर्वेद हिन्दूज़ में और यूनानी मुस्लिम्स में, ये बायफरकेशन ये है, बेसिकली लैंग्वेज की वजह से, क्योंकि जो आयुर्वेद है वो हिन्दी और संस्कृत में है, जो ज्यादातर, मतलब जो, जैसे हम लोग पले-बढ़े हैं, मतलब मैं देहली से ही हूं... और हम लोगों ने संस्कृत पढ़ी है, हम लोगों ने हिन्दी पढ़ी है... हम लोगों ने कभी उर्दू या अरेबिक नहीं पढ़ी है... लेकिन जो मुस्लिम बच्चे हैं वो उर्दू भी पढ़ते हैं, एक सब्जैक्ट है उनके पास और अरेबिक भी पढ़ते हैं क्योंकि उनको कुरान शरीफ पढ़ना होता है... तो ये जो एफेनिटी है, ये बेसिकली वहां, उसकी वजह से है... ऐसा नहीं है, मेरे पास... जहां तक मैं ट्रीटमेंट की बात करता हूं, ट्रीटमेंट में आ के आप कभी, हमारे पास तो पेशैंट सलैक्टिड पेशैंट हैं... ऐवरेज पांच पेशैंट पर डे... लेकिन आप तिबिया कॉलेज, करौल बाग जाईये, आपको यूनानी ओ.पी.डी. में मुसलमानों से ज्यादा हिन्दू ईलाज कराते मिलेंगे... और आप आयुर्वेदिक ओ.पी.डी. में जायेंगे तो वहां भी आपको मुसलमानों की अच्छी-खासी तादात मिल जायेगी क्योंकि बाडा टच है... तो ये कुछ नहीं है के भई आयुर्वेद को हिन्दू ही ईलाज लेंगे या यूनानी को मुसलमान ही ईलाज लेंगे, ऐसा कुछ नहीं है... बल्कि, अगर... ऐसा अगर आप कुछ... जहां हिन्दू डोमिनैंसी है, तो वहां पे हिन्दू पेशैंट आपके पास आयेंगे... वो इररिस्पैक्टिव है कि आप यूनानी ट्रीटमेंट दे रहे हैं या आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट... पेशैंट इज पेशैंट... उसको अपनी तकलीफ से निज़ात चाहिये... बेसिक उसके दिमाग़ में ये होता है... उसको नहीं ये होता कि डॉक्टर साहब मुस्लिम हैं... और मैडम हिन्दू हैं... और हमारा मकसद भी, हमारा मकसद भी यही है कि हम ह्यूमैनिटी की सेवा करें ना कि हिन्दू और मुसलमान को बायफरकेट, वो ये खिदमत दें... हमारा मकसद खिदमत देने का है... डॉक्टर एक खिदमतगार होता है, ये खिदमत से जुड़ा हुआ पेशा है... हम लोगों की तो यही, मेरी खवाहिश यही है कि मुझे ज्यादा से ज्यादा हर कम्यूनिटी का मरीज मिले और मैं हर कम्यूनिटी की कुछ ना कुछ खिदमत कर पाऊं... मेरे लिये ये ही खुशनसीबी होगी, मेरी भी और मेरी वाईफ की भी... हमारे परिवार की यही खुशनसीबी होगी... हमें डिफरैंट-डिफरैंट कम्यूनिटी के मरीज मिलें और अल्लाह मियां उन्हें हमारी दवाईयों से ठीक करायें... नहीं मैंने, मैंने आपको ये मज़हबी तौर पर नहीं पूछा था, मैंने ये मज़ाहिया तौर पर पूछा था...

translation (hindi): 

 

exercise (hindi): 

डॉक्टर के अनुसार युनानी और आयुर्वेद में बॉयफ़रकेशन किस वजह से है?

1 पढ़ाई की वजह से

2 दवाइयों की वजह से

3 भाषा की वजह से

4 प्रेक्टिस के तरीके की वजह से

क्या ट्रीटमैंट मे भाषा की वजह से फ़र्क आता है?

1 हाँ

2 कभी कभी

3 नहीं

4 ज़्यादातर

vocabulary (urdu): 

 

آیوروید ہندوز میں

 

یونانی مسلمس میں

In Hindi and Sanskrit

ہندی اور سنسکرت میں

Urdu or Arabic

اردو یا اربک

Muslim children

مسلم بچّے

 

قرآن شریف

Unani O. P. D

یونانی او۔ پی۔ ڈی۔

Hindu

ہندو

Ayurvedic O.P.D

آیورویدک او۔ پی۔ ڈی۔

Muslim

مسلمان

 

تکلیف سے نجات

Brain

دماغ

Motive

مقصد

Service

سیوا

Service

خدمت

 

خدمتگار

Service-related occupation

خدمت سے جڑا ہوا پیشہ

 

خواہش

 

خوش نصیبی

Family

پریوار

Patient

مریض

transcription (urdu): 

اس کا آنسر شاید میں دے پاؤں۔۔۔ یہ جو بائفرکیشن آپ نے بتایا کہ آیوروید ہندوز میں اور یونانی مسلمس میں، یہ بائفرکیشن یہ ہے، بیسکلی لینگؤیج کی وجہ سے، کیونکہ جو آیوروید ہے وہ ہندی اور سنسکرت میں ہے، جو زیادہ تر، مطلیب جو، جیسے ہم لوگ پلے بڑھے ہیں، مطلب میں دہلی سے ہی ہوں۔۔۔ اور ہم لوگوں نے سنسکرت پڑھی ہے، ہم لوگوں نے ہندی پڑھی ہے۔۔۔ ہم لوگوں نے کبھی اردو یا اربک نہیں پڑھی ہے۔۔۔ لیکن جو مسلم بچّے ہیں وہ اردو بھی پڑھتے ہیں، ایک سبجیکٹ ہے ان کے پاس اور اربک بھی پڑھتے ہیں کیونکہ ان کو قرآن شریف پڑھنا ہوتا ہے۔۔۔ تو یہ جو افنٹی ہے، ی ہبیسکلی وہاں، اس کی وجہ سے ہے۔۔۔ ایسا نہیں ہے، میرے پاس ملم پیشنٹس بھی ہیں۔۔۔

 

جہاں تک میں ٹریٹمینٹ کی بات کرتا ہوں، ٹریٹمینٹ میں آ کے آپ کبھی، ہمارے پاس تو پیشنٹ سلیکٹڈ پیشنٹ ہیں۔۔۔ اوریج پناچ پیشنٹ پر ڈے۔۔۔ لیکن آپ طبّیہ کالیج، کرول باغ جائیے، آپ کو یونانی او۔ پی۔ ڈی۔ میں مسلمانوں سے زیادہ ہندو علاج کراتے ملینگے۔۔۔ اور آپ آیورویدک او۔ پی۔ ڈی۔ میں آئینگے تو وہاں بھی آپ کو مسلمانوں کی اچّھی خاصی تعداد مل جائیگی کیونکہ باڑا ٹچ ہے۔۔۔ تو یہ کچھ نیہں ہے کہ بھئی آیوروید کو ہندو ہی علاج لینگے یا یونانی کو مسلمان ہی لینگے، ایسا کچھ نہیں ہے۔۔۔ بلکہ، اگر۔۔۔

 

ایسا اگر آپ اس ایریہ میں رہ رہے ہیں جہاں ہندو ڈومنینسی ہے، تو وہاں پہ ہندہ پیشنٹ آپ کے پاس آئینگے۔۔۔ وہ اررسپیکٹو ہے کہ آپ یونانی ٹریٹمینٹ دے رہیے ہیں یا آیورویدک ٹریٹمینٹ۔۔۔ پیشنٹ از پیشنٹ۔۔۔ اس کو اپنی تکلیف سے نجات چائیے۔۔۔ بیسک اس کے دماغ میں یہ ہوتا ہے۔۔۔ اس کو نہیں یہ ہوتا کہ یہ ڈاکٹر صاحب مسلم ہے۔۔۔ اور میڈم ہندو ہیں۔۔۔

 

اور ہمارا مقصد بھی، ہمارا مقصد بھی یہاں ہے کہ ہم ہیومینٹی کی  سیوا کریں نہ کہ ہندو اور مسلمان کو بائفرکیٹ، وہ خدمت دیں۔۔۔ ہمارا مقصد خدمت دینے کا ہے۔۔۔ ڈاکٹر ایک خدمتگار ہوتا ہے، یہ خدمت سے جڑا ہوا پیشہ ہے۔۔۔ ہم لوگوں کی تو یہی، میری خواہش یہی ہے کہ مجھے زیادہ سے زیادہ ہر کمیونٹی کا مریض ملے اور میں ہر کمیونٹی کی کچھ نا کچھ خدمت کر پاؤں۔۔۔ میرے لئے یہ ہی خوش نصیبی ہوگی، میری بھی اور میری وائف کی بھی، ہمارے پریوار کی یہاں خوش نصیبی ہوگی۔۔۔ ہمیں ڈفرینٹ ڈفرینٹ کمینٹے کے مریض ملیں اور اللّہ میاں انہیں ہماری دوائیوں سے ٹھیک کرائیں۔۔۔

 

نہیں میں نے، میں نے آپ کو یہ مذہبی طور پر نہیں پوچھا تھا، میں نے یہ مزاہیہ طور پر پوچھا تھا۔۔۔

exercise (urdu): 

ڈاکٹر کے مطابق یونانی اور آیوروید میں بائفرکیشن کیوں ہے؟

1 پڑھائی کی وجہ سے

2 دوائیوں کی وجہ سے

3 زبان کی وجہ سے

4 پریکٹس کے طریقے کی وجہ سے

کیا ٹریٹمینٹ میں زبان کی وجہ سے فرق آتا ہے؟

1 ہاں

2 بھی کبھی

3 نہیں

4 زیادہ تر

Ethics (2)

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

Intention

नीयत

 

बढ़ावा

Faithfulness

ईमानदारी

Ayurveda

आयुर्वेद

Unani

यूनानी

Wait

इंतजार

Property

संपदा

Heritage

विरासत

Turmeric

हल्दी

Neem

नीम

 

जड़ों को ही खोद रहा है

White stain, mark

सफेद दाग

 

बर्स

 

माजूनें

Stomach

पेट

 

कई गुणा ज्यादा अच्छा

Less gas will form

गैस कम बनेगी

Managed

कामयाब

Meat

मीट

Meat

मांस

transcription (hindi): 

सॉरी सर, संसाधनों के साथ मैं गौरमैंट की नीयत को जोड़ना चाहूंगी... अगर वो सही नीयत से अपनी ही पैथी को बढ़ावा दे तो हमें शायद जरूरत ही ना पड़े बहुत बड़े-बड़े मार्डन हॉस्पीटल्स की या इन सब चीजों की... जिसपे इतना पैसा खर्च हो रहा है सरकार का... अगर वो बहुत ईमानदारी के साथ अपनी ही पैथी को बढ़ावा दे... आज अमेरिका में, आस्ट्रेलिया में, कैनेडा में, यू.के. में, हर जगह आयुर्वेद-आयुर्वेद चल रहा है, मतलब आयुर्वेद में आयुर्वेद और यूनानी दोनों मिक्स करके मैं बात कर रही हूं... तो क्या हम इस चीज का इंतजार देख रहे हैं कि पहले हमारी पैथी को वहां से रिकग्नीशन मिले, अमेरिका से, या यू.के. से, या कैनेडा से रिकग्नीशन मिले, तो हमारी सरकार जागेगी... मतलब हमारी सरकार को चाहिये कि वो बहुत ईमानदारी के साथ यूनानी और आयुर्वेद को बढ़ावा दे, जिससे कि लोगों को फायदा ज्यादा होगा... मतलब ये खाली एक, हम लोगों ने पढ़ा है, इसको पांच साल, छः साल, हम लोगों ने इसको बहुत लगन के साथ पढ़ा है... आज हम देखते हैं, मतलब, क्या बायफरकेशन है, एम.बी.बी.एस. और बी.एम.एस. में, डॉक्टर साहब ने पहले बताया है आपको जैसे... तो मतलब ये चीज नहीं होनी चाहिये... एट पार जो चीज़ है, ये हमारी अपनी पैथी है, अपनी संपदा, अपनी विरासत है... अगर हमीं नहीं इसको करेंगे तो कल को हम रोते रहेंगे, जैसे अमेरिका, वो कभी हल्दी पेटैंट करा रहा है, कभी नीम पेटैंट करा रहा है, मतलब वो हमारी जड़ों को ही खोद रहा है... तो ये, मतलब, कहीं, कुछ हद तक ना सरकार की भी जिम्मेदारी है कि वो इस चीज को बढ़ावा दें, ना कि इसको सप्रैस करें... इस चीज को बढ़ावा देना चाहिये... अब बर्स का ईलाज ले लीजिये... एक मिनट डॉक्टर साहब, मैं टू शॉट आपकी तरफ जाता हूं... जी डॉक्टर साहब... सफेद दाग, बर्स जिसे यूनानी में बोलते हैं, इसपे रिसर्च की है, गौरमैंट ने पैसा दिया, बड़ा अच्छा रिजल्ट इसका निकल के आया और आज अच्छा ट्रीटमेंट है... जी.आई.टी., आप मार्डन सिस्टम से एंटीबाईटिक ले के किसी भी डिसीज़ को थोड़ा, पांच, सात, दस दिन के लिये रोक सकते हैं, लेकिन अगर आप यूनानी में, हम लोगों की अगर माजूनें खायेंगे, थोड़ा सा वेट आपका जरूर बढ़ सकता है, क्योंकि उसमें शूगर है, आजकल हैल्थ कॉन्शियस ज्यादा हैं लोग... लेकिन बिना शूगर के उसके इन्ग्रीडैंट मिल जाते हैं, अगर आप चाहें तो... रॉ फॉरमेशन में ले के उसे ले लें, अगर उन दवाईयों को आप इस्तेमाल करेंगे तो आपका पेट मार्डन सिस्टम की दवाईयों से कई गुणा ज्यादा अच्छा रहेगा... गैस कम बनेगी, सफेद दाग का ईलाज तो ऑबवियसली मैं बता ही रहा हूं, अभी रिसर्च हुई है इस पे, और बड़ा अच्छा, सी.सी.आर.यू.एम.ए., जो एक यूनानी की रिसर्च यूनिट है, सैंट्रल गॉरमैंट की, उसने, सी.सी.आर.यू.एम.ए. ने बड़ा अच्छा, अपने रिसर्च किये हैं, आजकल कम्पलीट किये हैं... आजकल जी.आई.टी. पर उनकी चल रही है, गैस्ट्रो इन्टर्नल डिसीज़ पे उनका रिसर्च चल रही है और हम लोग ज्यादा कामयाब हैं... मेरी अपनी जो है फैटी लीवर पे, मैं अपना ईलाज जो, किताबों में भी है, थोड़ा सा किताबों से हटके भी मैंने एक-दो चीजें अपनी बनाई हैं, उनको ईलाज में इस्तेमाल करता हूं... टोटली देसी, हर्बल प्लांट्स की ले के उन्हें, क्योंकि मेरी पैथी का टोटल बेस भी हर्बल है... यूनानी में खाली हर्ब नहीं हैं, इसमें नॉन वैजीटेरियन भी कुछ चीजें इस्तेमाल होती हैं, जैसे एग्ग है, ए, कई जगह मीट का भी इस्तेमाल बताया गया है, लेकिन हम क्योंकि इंडिया में प्रैक्टिस करते हैं, तो हम उन चीजों को यूज नहीं करते, उन पेशैंट में, जो लोग मीट नहीं खाते... (खांसी) (सॉरी) हमारे पास बहुत सारी दवाईयां ऐसी हैं जो उनके बदल के तौर पे इस्तेमाल की जा सकती हैं... लेकिन जो लोग नॉन वैज ले लेते हैं, जिन्हें कोई ऐतराज नहीं होता, उनके लिये हम लोग नॉन वैज भी मैडिसन तैयार करते हैं... आयुर्वेद में भी यही कन्सैप्ट है... एग्ग शैल्स से हम लोग बनाते हैं... मैडिसन्स बनाते हैं... और कुछ मैडिसन्स में, मतलब एडवाईज़ किया जाता है साथ में, मतलब साथ में आप इस, फलाने जानवर का आप मांस खाईये... मतलब कुछ मैडिसन्स में हम लोग यूज करते हैं, आयुर्वेद में भी सेम, वही है, कोई अलग से नहीं है...

translation (hindi): 

 

exercise (hindi): 

डॉ० को युननी और ऐलोपैथी को क्यों बढ़ावा देना चाहिये?

1 क्योंकि अमरीका सरकार इसे बढ़ावा दे रही है

2 दूसरे देश हमारी जड़े खोद रहे हैं

3 सभी

4 यहाँ की पुरानी पद्धतियों को फ़ायदा होगा

इण्डिया में प्रैक्टिस करने से दवाओं के बनाने में क्या फ़र्क आ जात है?

1 दवाई में ऐग शैल मिलाते हैं

2 दवाई में जानवर का माँस खाने को बोलते हैं

3 सब

4 दवाई का हर्बल बेस होता है

vocabulary (urdu): 

Intention

نیّت

 

بڑھاوا

Faithfulness

ایمانداری

Ayurveda

آیوروید

Unani

یونانی

Wait

انتظار

Property

سمپندا

Heritage

وراثت

Turmeric

ہلدی

Neem

نیم

 

جڑوں کو ہی کھود رہا ہے

White stain, mark

سفید داغ

 

برس

 

معجونیں

Stomach

پیٹ

 

کئی گناہ زیادہ اچّھا

Less gas will form

گیس کم بنیگی

Managed

کامیاب

Meat

میٹ

Meat

مانس

transcription (urdu): 

سوری سر، سنسادھنوں کے ساتھ میں گورمینٹ کی نیت کو جوڑھنا چاہونگی۔۔۔ اگر وہ صحیح نیت سے اپنی ہی پیتھی کو بڑھاوا دے تو ہمیں شاید ضرورت ہی نا پڑے بہت بڑے بڑے ماڈرن ہاسپٹلس کی یا ان سب جیزوں کی۔۔۔ جس پہ اتنا پیسہ خرچ ہو رہا ہے سرکار کا۔۔۔ اگر وہ بہت ایمانداری کے ساتھ اپنی ہی پیتھی کو بڑھاوا دے۔۔۔ آج امیریکا میں، آسٹریلیا میں، کینیڈا میں، یو۔ کے۔ میں، ہر جگہ آیوروید آیوروید چل رہا ہے، مطلب آیوروید میں یونانی اور آیوروید دونوں مکس کر کے میں بات کر رہی ہوں۔۔۔ تو کیا ہم اس چیز کا انتظار دیکھ رہے ہیں کہ پہلے ہماری پیتھی کو وہاں سے ریکگنشن ملے، امیریکا سے، یا یو۔ کے۔ سے، یا کینیڈا سے ریکگنشن ملے، تو ہماری سرکار جاگیگی۔۔۔ مطلب ہماری سرکار کو چاہئیے کہ وہ بہت ایماندارے کے ساتھ یونانی اور آیوروید کو بڑھاوا دے، جس سے کہ لوگوں کو فائدہ زیادہ ہوگا۔۔۔ مطلب یہ خالی ایک، ہم لوگوں نے پڑھا ہے، اس کو پانچ سال، چھ سال، ہم لوگوں نے اس کو بہت لگن کے ساتھ پڑھا ہے۔۔۔ آج ہم دیکھتے ہیں، مطلب، کیا بائفرکیشن ہے، ایم۔ بی۔ بی۔ ایس۔ اور بی۔ یو ایم۔ ایس۔ میں، ڈاکٹر صاحب نے پہلے بتایا ہے آپ کو جیسے۔۔۔ تو مطلب یہ چیز نہیں ہونی چاہئیے۔۔۔ آیٹ پار جو چیز ہے، یہ ہماری اپنی پیتھی ہے، اپنی سمپدا، اپنی وراثت ہے۔۔۔ اگر ہمیں نہیں اس کو کرینگے تو کل کو ہم روتے رہینگے، جیسے امیریکا، وہ کبھی ہلدی پیٹینٹ کرا ہرا ہے، کبھی نیم پیٹینٹ کرا رہا ہے، مطلب وہ ہماری جڑوں کو ہی کھود رہا ہے۔۔۔ تو یہ، مطلب، کہیں، کچھ حد تک نا سرکار کی بھی ذمّہ داری ہے کہ وہ اس چیز کو بڑھاوا دیں، نا کہ اس کو سپریس کریں۔۔۔ اس چیز کو بڑھاوا دینا چاہئیے۔۔۔

 

اب برس کا علاج لے لیجئیے۔۔۔

 

ایک منٹ ڈاکٹر صاحب، میں ٹو شاٹ آپ کی طرف جاتا ہوں۔۔۔ جی ڈاکٹر صاحب۔۔۔

 

سفید داغ، برس جسے یونانی میں بولتے ہیں، اس پہ ریسرچ کی ہے، گورمنٹ نے پہسہ دیا، بڑا اچّھا رزلٹ اس کا نکل کے آیا اور آج اچّھا ٹریٹمینٹ ہے۔۔۔ جی۔آئی۔ٹی۔، آپ ماڈرن سسٹم سے اینٹیبائیوٹک لے کے کسی بھی ڈزیز کو تھوڑا، پانچ سات، دس دن کے لئے روک سکتے ہیں، لیکن اگر آپ یونانی میں، ہم لوگوں کی  معجونیں اگر کھائینگے، تھوڑا سا ویٹ ضرور آپ کا بڑھ سکتا ہے، کیونکہ اس میں شوگر ہے، آج کل ہیلتھ کانشس زیادہ ہیں لوگ۔۔۔ لیکن بنا شوگر کے اس کے انگریڈئنٹ مل جاتے ہیں، اگر آپ چاہیں تو۔۔۔ را فارمیشن میں لے کے اسے لے لیں، اگر ان دوائیوں کو آپ اگر استعمال کرینگے تو آپ کا پیٹ ماڈرن سسٹم کی دوائیوں سے کوئی گناہ زیادہ اچّھا رہیگا۔۔۔ گیس کم بنیگی، سفید داغ کا علاج تو آبویسلی میں بتا ہی رہا ہوں، ابھی ریسرچ ہوئی ہے اس پہ، اور پڑا اچّھا، سی۔ سی۔آر۔یو۔ایم نے۔، جو ایک یونانی کی ریسرچ یونٹ ہے، سینٹرل گورنمینٹ کی، اس نے سی۔سی۔آر۔یو۔ایم۔ نے بڑا اچّھا، اپنے ریسرچ کئے ہیں، آج کل کمپلیٹ کئے ہیں۔۔۔ آج کل جی۔ آئی۔ ٹی۔ پر ان کی چل رہی ہے، گیسٹرو انٹرنل ڈزیز پہ ان کا ریسرچ چل رہی ہے اور ہم لوگ زیادہ کامیاب ہیں۔۔۔ میرے اپنی جو ہے فیٹی لیور پہ، میں اپنا علاج جو، کتابوں میں بھی ہے، تھوڑا سا کتابوں سے ہٹ کے بھی میں نے ایک دو چیزیں اپنی بنائی ہیں، ان کو علاج میں استعمال کرتا ہوں۔۔۔ پر ٹوٹلی دیسی، ہربل پلانٹس کی لے کے انہیں، کیونکہ میری پیتھی کا ٹوٹل بیس بھی ہربل ہے۔۔۔ یونانی میں خالی ہرب نہین ہیں، اس میں نان ویجیٹیرئین بھی کچھ چیزیں استعمال ہتہی ہیں، جیسے ایگ ہے، اے، کئی جگہ میٹ کا بھی استعمال بتایا گیا ہے، لیکن ہم کیونکہ انڈیا میں پریکٹس کرتے ہیں، تو ہم ان چیزوں کو یوز نہیں کرتے، ان پیشنٹ پہ، جو لوگ میٹ نہیں کھاتے۔۔۔ (کھانسی) سوری۔۔۔ ہمارے پاس بہت ساری دوائیاں ایسی ہیں جو ان کے بدل کے طور پہ استعمال کی جا سکتی ہیں۔۔۔ لیکن جو لوگ نان ویج لے لیتے ہیں، جنہیں کوئی اعتراض نہیں ہوتا، ان کے لئے ہم لوگ نان ویج بھی میڈسن تّیار کرتے ہیں۔۔۔

 

آیوروید میں بھی یہان کانسیپٹ ہے۔۔۔ ایگ شیلس سے ہم لوگ بنتاے ہیں۔۔۔ میڈسنس بناتے ہیں۔۔۔ اور کچھ میڈسنس میں، مطلب ایڈوائس کیا ہے ساتھ میں، مطلب ساتھ میں آپ اس، فلانے جانور کا آپ مانس کھائیے۔۔۔ مطلب کچھ میڈسنس میں ہم لوگ یوز کرتے ہیں، آیوروید میں بھی سیم ہیں، کوئی الگ سے نہیں ہیں۔۔۔

exercise (urdu): 

سرکار کو یونانی اور آیوروید کو کیوں بڑھاوا دینا چاہئیے؟

1 کیوں کے امریکا کی سرکار اسے بڑھاوا دے رہی ہے

2 دوسرے دیش ہمارے جڑ کھود رہے ہیں

3 سب

4 یہاں کی پرانی پدھتیوں کو فائدہ ہوگا

انڈیا میں پریکٹس کرنے سے دواؤں کے بنانے میں کیا فرق آ جاتا ہے

1 دوائی میں ایگ شیل ملاتے ہیں

2 دوائی میں جانور کا مانس کھانے کے لئے کہتے ہیں

3 سب

4 دوائی کا ہربل بیس ہوتا ہے

Unani Ethics and Fees

mediaURI: 
vocabulary (hindi): 

 

नीम हकीम खतरा-ए-जान

 

नीम हकीम

 

बेजारा

 

अमराद

 

तेज दवायें

Poisonous

जहरीली

 

सिम्मी हरबियात

 

मिरदार

Patient's modd

मरीज के मिजाज़ का

 

इल्म

Life threatening

जान को भी खतरा

 

मरज बिगड़ जाता है

 

मरज को पहचानना

 

खिदतम-ए-खल्क

 

फीस नहीं रखी

Money for medicine

दवा के पैसे

transcription (hindi): 

एक कहा जाता है कि नीम हकीम खतरा-ए-जान... वो भी... हूं... तो आपको लगता है कि ऐसे कुछ नीम हकीम हैं जिनकी वजह से इसका नाम कभी-कभी खराब होता है? जी हां, नीम हकीम की वजह से ऐसा है, इसकी दवायें होती हैं तो बेजारा हैं, इनका साईड इफैक्ट नहीं होता... लेकिन कुछ अमराद ऐसे हैं, उनमें जो तेज दवायें हैं, जैसे खास तौर पर जो नीम-हकीम होते हैं वो सैक्स के ईलाज बहुत करते हैं... और सैक्स में जो हैं वो जहरीली और जो सिम्मी हरबियात होती हैं, तो वो उनको मिरदार का पता नहीं होता, मरीज के मिजाज़ का, तो वो, क्योंकि इल्म होता नहीं है, नीम हकीम हैं, तो वो उसकी डोज़ जो है वो कितनी देनी है, कब देनी है, कैसे... तो वो उसकी वजह से मरीज को, जान को भी खतरा हो सकता है... और मरज बिगड़ जाता है... बहुत जरूरी है कि उसमें मरज को पहचानना और कितनी डोज़, कितनी डोज़ और कैसे देनी है, ये पता हो... यहां आप, फीस कैसे आप, किस, किस, किस हिसाब से फीस लेते हैं? हमारा तो असल में वालिद साहब के जमाने से चल रहा है, उन्होंने कहा था ये खितदम-ए-खल्क है... इसी वजह से हमने यहां पर फीस नहीं रखी है... ये खितदम-ए-खल्क है, यहां फ्री कन्सल्टेशन है, सिर्फ दवा के पैसे लेते हैं... लेकिन हमारा जो दूसरा यूनिट है वहां पर बाई अपाईंटमेंट देखते हैं, दरियागंज पर, गोलचा के पास, तो वहां पर वो फीस लेते हैं... दो सौ रुपये है फीस... देखते हैं...

exercise (hindi): 

" नीम हकीम खतरा ए जान" से क्या मतलब है?

1 हकीम जिनकॊ हकीमी के बारे में सब मालूम है

2 हकीम जिनको कुछ नहीं मालूम है

3 हकीम जिनकॊ मर्ज़ का बिल्कुल पता नहीं होता पर दवा दे देते हैं

4 हकीम जो बस मरीज़ की शक्ल देख कर दवा दे देते हैं

फ़ीस कितनी लेते हैं?

1 फ़ीस नहीं लेते

2 कन्सैलटेशन की फ़ीस नहीं लेते हैं

3 सब

4 बस दवा के पैसे लेते हैं

vocabulary (urdu): 

 

نیم حکیم خطرۂ جان

 

نیم حکیم

 

بیچارہ

 

امراد

Strong medications

تیز دوائیں

Poisonous

زہرلیلی

 

سمّی ہربیات

 

مقدار

Patient's modd

مریض کے مزاج سے

 

علم

Life threatening

جان کو بھی خطرہ

 

مرض بگڑ جاتا ہے

 

مرض کو پہچاننا

A service to mankind

خدمتِ خلق

 

فیس نہیں رکھی

Money for medicine

دوا کے پیسے

transcription (urdu): 

ایک کہا جاتا ہے کہ نیم حکیم خطرۂ جان۔۔۔ وہ بھی۔۔۔

ہوں۔۔۔

تو آپ کو لگتا ہے کہ ایسے کچھ نیم حکیم ہیں جن کی وجہ سے اس کا نام کبھی کبھی خراب ہوتا ہے۔۔۔

جی ہاں، نیم حکیم کی وجہ سے اصل میں، اس کی دوائیں ہوتی ہیں تو بیجارہ ہیں، ان کا سائڈ افیکٹ نہیں ہوتا۔۔۔ لیکن کچھ امداد ایسے ہیں۔۔۔ ان میں جو تیز دوائیں ہیں، جیسے خاص طور پر جو نیم حکیم ہوتے ہیں وہ سیکس کے علاج بہت کرتے ہیں۔۔۔ اور سیکس میں جو ہیں وہ زہریلی اور جو سمی ہربیات ہوتی ہیں، تو وہ ان کو مقدار کا پتہ نہیں ہوتا، مریض کے مزاج کے مقدار کا، تو وہ، کیونکہ علم ہوتا نہیں ہے، نیم حکیم ہیں، تو وہ اس کی ڈوزجو ہے وہ کتنی دینی ہے، کب دینی ہے۔۔۔ تو وہ اس کی وجہ سے مریض کو، جان کو بھی خطرہ ہو سکتا ہے۔۔۔ اور مرض بگڑ جاتا ہے۔۔۔ بہت ضروری ہے کہ اس میں مرض کو پہچاننا اور کتنی ڈوز، کتنی ڈوز اور کتنی، کیسے دینی ہے، یہ پتہ ہو۔۔۔

یہاں آپ، فیس کیسے آپ، کس، کس، کس حساب سے فیس لی جاتی ہے؟

ہمارا تو اصل میں والد صاحب کے زمانے سے چل رہا ہے،انہوں نے کہا تھا یہ خدماتِ خلق ہے۔۔۔ اسی وجہ سے ہم نے یہاں پر فیس نہیں رکھی ہے۔۔۔ یہ خدمتِ خلق ہے، یہاں فری کانسلٹیشن ہے، صرف دوا کے پیسے لیتے ہیں۔۔۔ لیکن ہمارا جو دوسرا یونٹ ہے وہاں پر بائی اپائنڈمنٹ دیکھتے ہیں، دریاگنج پر، گولچا کے پاس، تو وہاں پر وہ فیس لیتے ہیں۔۔۔ دو سو روپیے ہے فیس۔۔۔ دیتے ہیں۔۔۔

exercise (urdu): 

اس کہاوت کا مطلب کیا ہے: نیم حکیم خطرۂ جان

1 حکیم جن کو حکیمی کے بارے میں سب کچھ معلوم ہے

2 وہ حکیم جن کو کچھ نہیں معلوم ہے

3 حکیم جن کو مرض کے بارے میں کچھ نہیں پتہ، پھر بھی دوا دے دیتے ہیں

4 حکیم جو صرف مریض کی شکل دیکھ کر دوا دے دیتے ہیں

حکیم فیش کیوں نہیں لیتے ہیں؟

1 فیس نہیں لیتے

2 کانسلٹیشن کی فیس نہیں لیتے ہیں

3 سب

4 پس دوا کے پیسے لیتے ہیں

Ethics - Why People Are Forced to Use Allopathy

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vocabulary (hindi): 

Please tell (me) your name

नाम बतायें

 

How long are you in this area

कितने समय से आप इस इलाके में हैं

 

Sometimes may be sick

कभी बीमार पड़े हों

 

Family members are sick

परिवार के लोग बीमार पड़े हों

 

What kind of treatment

किस तरह का ईलाज

किस तरह का इलाज

Most

ज्यादातर

 

English/western treatment

अंग्रेजी ईलाज

अंग्रेजी इलाज

From the hospital

दवाखाने से

 

Close by

बराबर में

 

Take medicine

दवाई लेते हैं

 

Traditional doctor

कविराज

 

Mecications, drugs

दवाईयां

 

Medicine

दवाई

 

Advantage, benefit, gain, profit, use

फायदा

 

Most

ज्यादातर

 

For stomach ailments

पेट की बीमारियों के लिये

 

Traditional treatment

देसी ईलाज

देसी इलाज

What an unusual thing

क्या खास बात

 

Loss

नुकसान

 

Trouble, difficulty

मुसीबत

 

We do not have drugs

हमारे पास दवा नहीं है

 

Prescribes medicine from outside

बाहर की दवाई लिखती हैं

 

Isn't suiting

सूट नहीं कर रही

 

Will not work

काम नहीं चलेगा

 

Difference

फरक

 

For this reason

इस वजह से

 

It's the stomach from  where diseases arise

पेट से ही बीमारियां ज्यादा होती हैं

 

Traditional doctor

कविराज

 

Physician

वैद्य

 

Problem

दिक्कत

 

Speak clearly

साफ कहती हैं

 

You have to buy medication from outside

बाहर से ही दवाई लेनी है

 

Folks

लोग-बाग

 

Poorer groups of people

गरीब तबके के लोग हैं

 

transcription (hindi): 

नाम बतायें और बतायें कि कितने समय से आप इस इलाके में हैं?

मेरा नाम राम प्रताप जिंदल है और मैं 62 वर्ष से यहीं रह रहा हूं...

तो ये बतायें कि अपने जीवन में आप कभी बीमार पड़े हों या आपके परिवार के लोग बीमार पड़े हों, तो किस तरह का ईलाज आपने किया है?

वैसे तो ज्यादातर अंगेजी ईलाज किया है, लेकिन इस दवाखाने से, ये जो नगर निगम का है, बराबर में, यहां से दवाई लेते हैं... पहले कविराज थे तो उस टाईम में तो दवाई मिलती थी, अब दो साल हो गये यहां दवाईयां हैं ही नहीं... जब भी आओ, दवाई नहीं है... कोई दवाई नहीं होती... अगर कोई ईलाज कराने जायेंगे भी तो वो बाहर की दवाई लिखती हैं... तो उससे कोई फायदा नहीं है... जब बाहर की ही दवाई लेनी है तो फिर आदमी या तो जोशी रोड़ चला जाता है, वहां पर दिल्ली सरकार का हॉस्पीटल बना हुआ है उसके... ज्यादातर पेट की बीमारियों के लिये जो है वो देसी ईलाज चाहिये... वो अंग्रेजी, अंग्रेजी उससे ठीक नहीं होता...

तो देसी ईलाज में क्या खास बात आपको लगती है, जिसकी वजह से लोग देसी ईलाज कराते हैं?

एक तो उसके अंदर ये है कि वो, कोई भी, वो, कोई भी, वैसी बीमारी, जैसे, कोई, मतलब उसकी दवाई नुकसान नहीं देती हैं, देसी ईलाज की... लेकिन मुसीबत तो ये है कि अब 62 वर्ष के हम हो गये... अब कमाते नहीं, धमाते नहीं, कुछ नहीं करते... तो अब ऐसे आदमी को तो अगर ये कार्पोरेशन की डिस्पैंसरियां बनी हुई हैं, ये दो-दो साल, तीन-तीन साल से इनपे दवाई नहीं आती... मैडम तै जा कै पूछो, डॉक्टर साहब से पूछो, कहते हैं हमारे पास दवा नहीं है... बाहर की दवाई लिखती हैं... अच्छा, बाहर की दवाई ले भी लें, तो मान लो अगर वो दवाई तुम्हारे को सूट नहीं कर रही, तो अगले दिन वो कह देते हैं, दो दिन बाद, के ये दवाई बदल दो... अब वो दवाई लाईन में लग गई... तो उससे तो काम नहीं चलेगा ना... ये फरक है...

तो क्या इस वजह से लोग ज्यादा अंग्रेजी ईलाज, या ऐलोपैथी जिसको बोलते हैं, इसी वजह से लोग ऐलोपैथी की तरफ ज्यादा जाते हैं?

हां, ऐलोपैथी की तो ज्यादातर, मेरे अपने हिसाब से, ज्यादातर, पेट-वेट के चक्कर में ज्यादा जाते हैं... और वैसे पेट से ही बीमारियां ज्यादा होती हैं... लेकिन यहां पर जो पहले कविराज थे, वो तो वैद्य जो थे, अच्छे थे, उनके टाईम में दवाईयां भी आती थीं... और एक आधा दवाई अगर बाहर से लेनी भी पड़े तो कोई दिक्कत नहीं थी... लेकिन अब ये दवाई ये आती नहीं है... डॉक्टर क्या करे बिचारी, वो कहती है, मेरे पास दवाई आती नहीं... कॉरपोरेशन मुझे दवाई नहीं देती, जा के कहीं भी कह दो... वो ये साफ कहती हैं... तो अब बाहर से ही दवाई लेनी है तो लोग-बाग सोचते हैं, इतना पैसा नहीं है, ये सब गरीब तबके के लोग हैं, तो ये जोशी रोड़ चले जाते हैं... वहां से दवाई, वहां से दवाई मिल जाती है आराम से...

अंग्रेजी ईलाज वाली?

हां... वहां से दवाई मिल जाती है...

मेहरबानी...

exercise (hindi): 

राम प्रताप जिंदल जी को एलोपैथी दवा लेनी क्यों ज़रूरी पड़ जाती है?

1 दवाखाना बहुत दूर है

2 दवाखाने में खास दवाएँ ही मिलती हैं

3 दवाखाने में दवा नहीं मिलती है

4 एलोपैथी की दवाएँ आसानी से मिल जाती हैं

vocabulary (urdu): 

Please tell (me) your name

نام بتائیں

 

How long are you in this area

کتنے سمے سے آپ اس علاقے میں ہیں

 

Sometimes may be sick

کبھی بیمار پڑے ہوں

 

Family members are sick

پریوار کے لوگ بیمار پڑے ہوں

 

What kind of treatment

کس طرح کا علاج

 

Most

زیادہ تر

 

English/western treatment

انگریزی علاج

 

From the hospital

دواخانے سے

 

Close by

برابر میں

 

Take medicine

دوائی لیتے ہیں

 

Traditional doctor

کوراج

 

Mecications, drugs

دوائیاں

 

Medicine

دوائی

 

Advantage, benefit, gain, profit, use

فائدہ

 

Most

زیادہ تر

 

For stomach ailments

پیٹ کی بیماریوں کے لئے

 

Traditional treatment

دیسی علاج

 

What an unusual thing

کیا خاص بات

 

Loss

نقصان

 

Trouble, difficulty

مصیبت

 

We do not have drugs

ہمارے پاس دوا نہیں ہے

 

Prescribes medicine from outside

باہر کی دوائی لکھتی ہیں

 

Isn't suiting

سوٹ نہیں کر رہی

 

Will not work

کام نہیں چلیگا

 

Difference

فرق

 

For this reason

اس وجہ سے

 

It's the stomach from  where diseases arise

پیٹ سے ہی بیماریاں زیادہ ہوتی ہیں

 

Traditional doctor

کوراج

 

Physician

ویدیہ

 

Problem

دقّت

 

Speak clearly

صاف کہتی ہیں

 

You have to buy medication from outside

باہر سے ہی دوائی لینی ہے

 

Folks

لوگ

 

Poorer groups of people

غریب طبقے کے لوگ ہیں

 

transcription (urdu): 

نام بتائیں اور بتائیں کہ کتنے سمے سے آپ اس علاقے میں ہیں؟

 

میرا نام رام پرتاپ جندل ہے اور میں 62 برس سے یہیں رہ رہا ہوں۔۔۔

 

تو یہ بتائیں کہ اپنے جیون میں آپ کبھی بیمار پڑے ہوں یا آپ کے پریوار کے لوگ بیمار پڑے ہوں، تو کس طرح کا علاج آپ نے کیا ہے؟

 

ویسے تو زیادہ تر انگریزی علاج کیا ہے، لیکن اس دواخانے سے، یہ جو نگر نگم کا ہے، برابر میں، یہاں سے دوائی لیتے ہیں۔۔۔ پہلے کوراج تھے تو اس ٹائم میں تو دوائی ملتی تھی، اب دو سال ہو گئے یہاں دوائیاں ہیں ہی نہیں۔۔۔ جب بھی آؤ، دوائی نہیں ہے۔۔۔ کوئی دوائی نہیں ہوتی۔۔۔ اگر کوئی علاج کرانے جائینگے بھی تو وہ باہر کی دوائی لکھتے ہیں۔۔۔ تو اس سے کوئی فائدہ نہیں ہے۔۔۔ جب باہر کی ہی دوائی لینی ہے تو پھر آدمی یا تو جوشی روڈ چلا جاتا ہے، وہاں پر دلّی سرکار کا ہاسپٹل بنا ہوا ہے اس کے۔۔۔ زیادہ تر پیٹ کی بیماریوں کے لئے جو ہے وہ دیسی علاج چاہئیے۔۔۔ وہ انگریزی، انگریزی اس سے ٹھیک نہیں ہوتا۔۔۔

 

تو دیسی علاج میں کیا خاص بات آپ کو لگتی ہے، جس کی وجہ سے لوگ دیسی علاج کراتے ہیں؟

 

ایک تو اس کے اندر یہ ہے کہ، کوئی بھی، وہ، کوئی بھی، ویسی بیماری، جیسے، کوئی، مطلب اس کی دوائیاں نقصان نہیں دیتی ہیں، دیسی علاج کی۔۔۔ لیکن مصیبت تو یہ ہے کہ اب 62 برس کے ہم ہو گئے۔۔۔ اب کماتے نہیں، دھماتے نہیں، کچھ نہیں کرتے۔۔۔ تو اب ایسے آدمی کو تو اگر یہ کارپریشن کی ڈسپینسریاں بنی ہوئی ہیں، یہ دو دو سال، تین تین سال ہوتے ہیں کہ ان پہ دوائی نہیں آتی۔۔۔ میڈم تے جا کے پوچھو، ڈاکٹر صاحب سے، کہتے ہیں ہمارے پاس دوا نہیں ہے۔۔۔ باہر کی دوائی لکھتی ہیں۔۔۔ اچّھا، باہر کی دوائی لے بھی لیں، تو مان لو اگر وہ دوائی تمھارے کو سوٹ نہیں کر رہی، تو اگلے دن وہ کہ دیتے ہیں، دو دن بعد، کے یہ دوائی بدل دو۔۔۔ اب وہ دوائی لائن میں لگ گئی۔۔۔ تو اس سے تو کام نہیں چلیگا نہ۔۔۔ یہ فرق ہے۔۔۔

 

تو کیا اس وجہ سے لوگ زیادہ تر انگریزی علاج، یا ایلوپیتھی جس کو بولتے ہیں، اسی عجہ سے لعگ ایلوپیتھی کی طرف زیادہ جاتے ہیں؟

 

ہاں، ایلوپیتھک کی تو زیادہ تر، میرے اپنے حساب سے، زیادہ تر، پیٹ ویٹ کے چکّر میں زیادہ تر جاتے ہیں۔۔۔ اور ویسے پیٹ سے ہی بیماریاں زیادہ ہوتی ہیں۔۔۔ لیکن یہاں پر جو پہلے کوراج تھے، وہ تو ویدیہ جو تھے، اچّھے تھے، ان کے ٹائم میں دوائیاں بھی آتی تھیں۔۔۔ اور ایک آدھا دوائی اگر باہر سے لینی بھی پڑے تو کوئی دقّت نہیں تھی۔۔۔ لیکن اب یہ دوائی یہ آتی نہیں ہے۔۔۔ ڈاکٹر کیا کرے بیچاری، وہ کہتی ہے، میرے پاس دوائی آتی نہیں۔۔۔ کارپریشن مجھے دوائی نہیں دیتی، جا کے کہیں بھی کہہ دو۔۔۔ وہ یہ صاف کہتی ہیں۔۔۔ تو اب باہر سے ہی دوائی لینی ہے تو لوگ بھاگ چھوڑتے ہیں، اتنا پیسہ نہیں ہے، یہ سب غریب طبقے کے لوگ ہیں، تو یہ جوشی روڈ چلے جاتے ہیں۔۔۔ وہاں سے دوائی، وہاں سے دوائی مل جاتی ہے آرام سے۔۔۔

 

انگریزی علاج والی؟

 

ہاں۔۔۔ وہاں سے دوائی مل جاتی ہے۔۔۔

 

مہربانی۔۔۔

exercise (urdu): 

رام پرتاپ جندل جی کو ایلوپیتھی دوا لینی کیوں ضروری پڑ جاتی ہے؟

1 دواخانہ بہت دور ہے

2 دواخانے میں خاص دوائیں ہی ملتی ہیں

3 دواخانے میں دوا نہیں ملتی

4 ایلوپیتھی کی دوائیں آسانی سے مل جاتی ہیں

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