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College of Liberal Arts wordmark

South Asia Specific

Yoga Session

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About This Lesson: 
A practical demonstration of a nice asana (posture) in yoga.
vocabulary (hindi): 

हथेलियां कमर की बगल में 

 

Palms next to your waist

गहरी सांस लेंगे

 

Take a deep breath

सांस छोड़ेंगे

 

Breathe out

सर्वांग आसन

 

Posture of yoga where all parts of the body gets benefit.

आसन

 

Posture

शरीर

 

Body

सभी अंगों को

 

All parts

पैरों को जोड़ लें

 

Join your legs

हथेलियां बगल में

 

Palms on the side

जमीन की तरफ

 

Towards the floor

पैरों को उठाना शुरू करें

 

Start raising your legs

90 डिग्री कोण पे

 

90 degree angle

पैर की उंगलियां

 

Fingers of legs

गहरी सांस लें

 

Take a deep breath

पूरे शरीर को देखने की कोशिश करें

 

Try to see the whole body

आंखें बंद रखेंगे

 

Will keep eyes closed

दाहिने पैर

 

Right leg

बाएं पैर

 

Left leg

दाहिने हाथ

 

Right hand

बाएं हाथ

 

Left hand

पेट

 

Stomach

छाती

 

Chest

खिंचाव

 

Stretch/tension

तनाव

 

Tension

पीड़ा

 

Pain

विशेष ध्यान

 

Special attention

सर्वांग आसन

 

Posture of yoga where all parts of the body gets benefit.

दोनों पैरों को जोड़ लें

 

Join the two legs

हथेलियां

 

Palms

कमर के बगल में

 

Near the waist

पैरों

 

Legs

पैरों को अपने हाथों को कमर पे लायेंगे

 

Bring legs and hands to the waist.

पूरे शरीर को ऊपर उठाने की कोशिश करेंगे

 

Will try to raise the body up

सर्वांग आसन

 

Posture of yoga where all parts of the body gets benefit.

आसन

 

Posture/stance

सभी अंगों को

 

All parts of the body

धीरे धीरे सांस छोड़ते हुये अपने पैरों को नीचे लायेंगे

 

Bring your legs down while releasing the breath slowly.

हथेलियां

 

Palms

गहरी सांसें

 

Deep Breaths

गहरी सांस अंदर, गहरी सांस बाहर

 

Breathe deep in, breathe deep out

चेतना

 

Conscious

हाथ

 

Hand

छाती

 

Chest

पेट

 

Stomach

शरीर

 

Body

खिंचाव

 

Stretch/strain

तनाव

 

Tension

चेतना

 

Conscious

खिंचाव

 

Stretch/strain

transcription (hindi): 

हथेलियां कमर के बगल में... और अब धीरे धीरे अपने पैरों को उठाने की कोशिश करेंगे... पहले 30 डिग्री, फिर 60 डिग्री, फिर 90 डिग्री... अपने हाथों को कमर पे लायेंगे और अपने पूरे शरीर को ऊपर उठाने की कोशिश करेंगे... इसको सर्वांग आसन इसलिये बोला जाता है क्योंकि इस आसन को करने से सभी अंगों को लाभ मिलता है... इसीलिये इसका नाम सर्वांग आसन है... अब धीरे धीरे सांस छोड़ते हुये अपने पैरों को नीचे लायेंगे... हथेलियां हवा की तरफ, आसमान की तरफ... दो गहरी सांसें लें...गहरी सांस अंदर, गहरी सांस बाहर गहरी सांस अंदर, गहरी सांस बाहर... अपनी चेतना को अपने दाहिने पैर में ले जायें, अपने बाएं, बाएं पैर में ले जायें... अपने दाहिने हाथ में ले जायें, अपने बाएं हाथ में ले जायें... अपनी छाती में ले जायें... अपने पेट में ले जायें... आपके शरीर में जहां आपको खिंचाव या तनाव महसूस हो रहा हो, वहां पे अपनी चेतना को ले जायें... आप देखेंगे कि अपनी, आपकी चेतना जब उस अंग पर पहुंचेगी तो आपका खिंचाव धीरे धीरे कम हो जायेगा... अपने पूरे शरीर को देखने की कोशिश करें... अपनी चेतना से अपने पूरे शरीर को देखने की कोशिश करें... गहरी सांस लें और छोड़ें...

exercise (hindi): 

1) सर्वांग आसन में पूरे शरीर को किस तरफ़ उठाना चाहिये?

१) दायीं तरफ़

२) बायीं तरफ़

३) ऊपर उठाना चाहिये

४) नीचे ले जाना चाहिये

2) इस आसन को सर्वांग आसन क्यों कहते हैं?

१) क्योंकि सब अंगों को लाभ मिलता है

२) पैरों को आराम मिलता है

३) कंधे को आराम मिलता है

३) पेट को आराम मिलता है

3) चेतना का विशेष अंग पर पहुँचने से क्या होता है?

१) अंग खुल जाता है

२) दर्द महसूस नहीं होता है

३) खिचांव कम हो जाता है

४) नींद आ जाती है

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Describing an Illness

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About This Lesson: 
Prabhavati's husband describes the onset of his illness.
vocabulary (hindi): 

पैर से पकड़ता है 

 

Disease starts from the feet.

सुन्न

 

Numb/insensitive

दर्द वुर्द

दर्द वर्द

Pain(echo words)

सुन्न

 

Numb/insensitive

दवा ववा

 

Medicine

transcription (hindi): 

शरीर से, ये पैर से पकड़ता है... और यहां तक पकड़ते पकड़ते पूरा सुन्न हो जाता है... कुछ मालूम नहीं है कि ये क्या करूं, क्या ना करूं... कुछ नहीं...

कुछ करने को मन नहीं करता...

नहीं... और जब...

दर्द भी होता है?

दर्द वर्द नहीं होता है...

सुन्न हो जाता है...

हां... तो जब डॉक्टर के पास जाते हैं तो दवा ववा वो देते हैं, तो दवाई जब खाते हैं तो फिर सही हो जाता है...

और फिर आ जाता है?

और फिर वो दवा बंद कर देते हैं, पंद्रह दिन के बाद फिर वैसा ही लगभग पकड़ लेता है...

exercise (hindi): 

1) मरीज़ को क्या तकलीफ़ है?

१) सर में दर्द रहता है

२) पैर सुन्न हो जाता है

३) हल्का बुखार हो जाता है

४) ठंड लगती रहती है

2) मरीज़ को दवा से असर पड़ता है या नहीं?

१) दर्द बिल्कुल ठीक हो जाता है

२) पन्द्रह दिन बाद वापस हो जाता है

३) हर दो दिन बाद दर्द हो जाता है

४) दवा असर नहीं करती है

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Stomach Ailments - Naturopathy

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About This Lesson: 
Dr. Vineet Kumar Sharma describes the process of waist bath.
vocabulary (hindi): 

पेट संबंधी समस्याओं

 

Problems related to stomach

उच्च रक्तचाप

 

High blood pressure

हाई ब्लड प्रैशर

 

High blood pressure

मधुमेय

 

Diabetes

डायबटीज़

 

Diabetes

तमाम

 

All

बीमारियों में

 

In illnesses

लाभदायक

 

Beneficial

सह

 

Tolerate

उदर संबंधी विकारों

 

Ailment related to stomach

उच्च रक्तचाप

 

High blood pressure

मधुमेह

 

Diabetes

लाभप्रद

 

Beneficial

प्रक्रिया

 

Methodology/procedure

उपचार

 

Treatment

संपूर्ण प्रक्रिया

 

Whole procedure or method

transcription (hindi): 

ये गर्म ठण्डा कटीय स्नान है... इसमें ये दो टब हैं... एक ये लाल टब है जिसमें हमने गर्म पानी भरा हुआ है... दूसरा ये नीला टब है जिसमें हमने ठण्डा पानी लिया हुआ है... इस गर्म पानी का तापमान हम इतना रखते हैं कि यह सह सकने के लायक हो... सबसे पहले जब हम इस गर्म टब में बैठाते हैं तो सिर के ऊपर ये ठंडे पानी से भीगा तौलिया भी रख देते हैं... ये उदर संबंधी विकारों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी बीमारियों के लिये बहुत ही लाभप्रद होता है... सबसे पहले हम पेशैंट को इसमें तीन मिनट के लिये बैठाते हैं... उसके बाद हम इन्हें एक मिनट ठंडे पानी के टब में बिठाते हैं... दुबारा फिर तीन मिनट गर्म पानी में, एक मिनट ठंडे पानी में बैठाते हैं... और ये प्रक्रिया हम तीन बार करते हैं... चौथी बार तीन मिनट गर्म में और फिर तीन ही मिनट ठंडे पानी में बैठाने के बाद ये उपचार की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी हो जाती है...

exercise (hindi): 

1) गर्म ठंडा कटीय स्नान में पानी का तापमान किस प्रकार का होना चाहिये?

१) बहुत गर्म हो

२) बहुत ठंडा हो

३) न ज़्यादा गर्म हो, न ज़्यादा ठंडा हो

४) बहुत गर्म हो और बहुत ठंडा भी हो

2) गर्म ठंडा कटीय स्नान किन रोगों के उपचार में काम आता है?

१) हाई ब्लड प्रैशर

२) मधुमेह

३) पेट संबंधी समस्याओं में

४) सब

3) सबसे पहले पेशैंट को उपचार के लिये पानी में कितने मिनट बैठाते हैं?

१) दस मिनट

२) सात मिनट

३) तीन मिनट

४) एक मिनट

4) चौथी बार पेशैंट को गर्म ठण्डा कटीय स्नान करने के लिये कितने मिनट बैठाते हैं?

१) तीन मिनट गर्म पानी में, तीन मिनट ठंडे पानी में

२) एक मिनट गर्म पानी में, पाँच मिनट ठंडे पानी में

३) दो मिनट गर्म पानी में, चार मिनट ठंडे पानी में

४) चार मिनट गर्म पानी में, दो मिनट ठंडे पानी में

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Treating Constipation - Naturopathy

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About This Lesson: 
Dr. Vineet Kumar Sharma describes the process of giving a waist-deep bath to cure gas and constipation problems.
vocabulary (hindi): 

पाचन 

 

Digestion

पीड़ित

पीड़ित

Suffering

भयंकर

 

Terrible/horrifying/dangerous

कब्ज

 

Constipation

वायु विकार

 

Gastric ailments

ठंडा घर्षण कटीय स्नान

 

The waist bath with cold friction

नाभी

नाभि

Navel

जांघों तक

 

Till thighs

कटीय प्रदेश

 

The area between thigh and waist

क्षेत्र

 

Area

डुबोया

 

immersed

स्नान का टब

 

Bath-tub

नाभी

नाभि

Navel

भीगा

 

Soak

आतें

 

Entrails

लीवर

 

Lever

गुरदे

 

Kidney’s

किड़नी

 

Kidney

बड़ी आतों

 

Big entrails

ठंडक

 

Cool

रोगी

 

Patient

स्वास्थ्य

 

Health

अवस्था

 

Condition

शरीर

 

Body

पोंछ

 

Wipe

कमजोर

 

Weak

रक्त की केशिकाओं

 

Blood cells

संकुचन

 

Cramp/contraction

रक्त

 

Blood

आंतरिक अंगों

 

Internal parts

टहलेंगे

 

Taking a stroll

आंतरिक अंगों

 

Internal parts

ऊपर

 

Up

सतह

 

Surface

गुर्दों में

 

In Kidney’s

यकृत

 

Lever

लीवर

 

Lever

रक्त का संचार

 

Flow of blood

पाचन संबंधी समस्याओं से

 

Problems related to digestion

उपचार

 

Treatment

मदद

 

Help/support

transcription (hindi): 

ये ओमप्रकाश रेड्डी हैं... ये पाचन संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं... इनको भयंकर कब्ज है और वायु विकार है... हम इन्हें ठंडा घर्षण कटीय स्नान देने जा रहे हैं... ठंडा घर्षण कटीय स्नान... ये कटि प्रदेश है इनका... नाभि से दो इंच ऊपर से लेकर के और यहां जांघों तक... इस क्षेत्र को कटीय प्रदेश बोलते हैं... ये इतना क्षेत्र इनका ठंडे पानी में डुबोया जाता है... उसके लिये हम, हमने यहां एक कटीय स्नान का टब रखा हुआ है... इसके अंदर साधारण ठंडा पानी भरा हुआ है... अब इसको हम, इनको इस पानी में बैठायेंगे... इनके दोनों पैर इस स्टूल पर रहेंगे और इनका पूरा कटि प्रदेश, यहां नाभि तक, इस पानी में भीगा रहेगा... पानी यदि कम हो तो इसमें और पानी add किया जा सकता है... अभी इसमें पानी थोड़ा कम है तो हमने इसमें थोड़ा और पानी भर दिया है ताकि इनका ये कटीय प्रदेश भीगा रह सके... अब ये इसको हाथ से क्लॉक वाईज़ इसको चलाते रहेंगे और घुमायेंगे... इस कटि प्रदेश में इनकी बड़ी आतें हैं, लीवर है, पीछे गुरदे हैं, किड़नी, और इनके reproductive organs हैं... इसी में इनकी बड़ी आतें भी हैं... इस कटि स्नान से इनकी बड़ी आतों में ठंडक पहुंचेगी... कटि स्नान रोगी के स्वास्थ्य और उसकी अवस्था को देखते हुये तीन से पांच मिनट या दस मिनट तक भी दिया जा सकता है... इनको हमने पांच मिनट इस ठंडे कटि स्नान में टब में बैठाया हुआ है...

पांच मिनट के बाद ये उठ करके शरीर को पोछ लेंगे... पोछने के बाद कपड़े पहन के, पहनकर ये फिर टहलने जायेंगे... टहल कर वापस इस प्रदेश में गर्मी लाने की कोशिश की जाती है... यदि बहुत ही कमजोर मरीज है और वो टहल नहीं सकता, तो फिर हम उसको कंबल ओ के लेटने की सलाह देते हैं... टहलने से इनकी रक्त की कोशिकाओं में फैलाव होता है और ठंडे पानी से रक्त की कोशिकाओं में संकुचन होता है... एक बार संकुचन हुआ तो रक्त इनके आंतरिक अंगों में चला गया... और जब ये टहलेंगे तो वापस रक्त आंतरिक अंगों से ऊपर सतह की तरफ आयेगा... इससे इनकी आंतों में, इनके गुर्दों में, इनके यकृत या लीवर में, बड़ी आंत में रक्त का संचार तेज हो जाता है और पाचन संबंधी समस्याओं से, को हल करने में इस उपचार से बहुत मदद मिलती है...

exercise (hindi): 

1) ठंडा घर्षण कटीय स्नान किस में मदद करता है?

१) आंखों के इलाज में

२) पैरों के इलाज में

३) पीठ के इलाज में

४) पेट के इलाज में

2) कटी प्रदेश शरीर का कौन सा हिस्सा होता है?

१) जाँघों से लेकर घुटनों तक

२) सर से लेकर गर्दन तक

३) गर्दन से लेकर पेट तक

४) नाभि से लेकर जाँघों तक

3) कटीय प्रदेश में शरीर के कौन कौन से हिस्से होते हैं?

१) आंतें

२) लीवर

३) गुरदे

४) सब

4) कटीय स्नान कितने मिनट दिया जाता है?

१) तीन से पाँच मिनट

२) एक से दो मिनट

३) बीस से पच्चीस मिनट

४) पच्चीस से तीस मिनट

5) कटीय स्नान की क्या प्रक्रिया है?

१) कटी को ठंडे पानी में भिगोते हैं

२) पेट को हाथ से क्लॉक वाइज़ घुमाते हैं

३) पाँच मिनट के बाद शरीर को पोंछते हैं

४) कपड़े पहन कर टहलते हैं

५) सब

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Doctor-Patient Interaction - Warm water Foot Bath

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About This Lesson: 
Mr. Vineet kumar Sharma demonstrates the proper way of conducting a foot bath event.
vocabulary (hindi): 

बीमारी

 

Illness

पीडित

पीड़ित

Suffering

ईलाज

इलाज

Treatment

पैर

 

Leg

गर्म नहान

 

Warm bath

गर्म कंबल

 

Warm blanket

बाल्टी

 

Bucket

गर्म पानी

 

Warm water

सूती चादर

 

Cotton sheet

पूरी तरह से इनके शरीर पर ढंक जाये

ढक

Something which covers the whole body

चुभन

 

Prick/lingering

रैप

 

Wrap

लपेटते

 

Wrap

ढक

 

Cover

सर को गीला करने के बाद

 

After taking a head bath

ठंडे पानी से भीगा तौलिया

 

Wet towel soaked with cold water

सर

 

Head

तापमान

 

Temperature

गर्म नहान

 

Warm bath

रक्त की धमनियों

 

Arteries of blood

फैलाव

 

Spread

शरीर के ऊपर के हिस्से

 

Upper parts of the body

रक्त का संचालन

 

Blood flow

रक्त का दबाव

 

Blood pressure

बीमारियां

 

Illnesses

संबंधित

 

Related

सर्दी

 

Winter

जुकाम

 

Cold

दमा

 

Asthama

रक्तचाप

 

Blood pressure

ब्लड प्रैशर

 

Blood pressure

उपचार

 

Treatment

transcription (hindi): 

ये मिराज अहमद जी हैं... ये सांस फूलने की बीमारी से पीडित हैं... और हमारे पास लाज के लिये आये हैं... इनको जो हम लाज देने जा रहे हैं उसे पैर का गर्म नहान कहते हैं... ये पैर का गर्म नहान, हमने एक कुर्सी पर एक गर्म कंबल बिछाया हुआ है... उस पर इनको हम बैठायेंगे... और ये एक बाल्टी है, इस बाल्टी में गर्म पानी है... ये पानी लगभग 112 से 115 डिग्री फैरनहाई के आसपास होता है... कुर्सी पर बैठाने के बाद हम एक, सफेद, ये सूती चादर है, इस चादर को इनके चारों तरफ इस तरह से रैप करते हैं कि ये पूरी तरह से इनके शरीर पर ढँक जाये... और जो कंबल है नीचे उसकी चुभन इनको ना लगे... इसके बाद हम ये कंबल इनके चारों तरफ रैप करने से पहले इनके पैर इस गर्म पानी में रखवा देते हैं... कंबल रैप करते समय कंबल को अच्छी तरह से इस तरह लपेटते हैं कि ये बाल्टी पूरी तरह कंबल से ढँक जाये... इसके बाद एक रैक्सीन का कवर होता है... इस कवर को हम आखिर में इनके ऊपर से लगा देते हैं... अब हमने इनको रैक्सीन से अच्छी तरह से हमने ढँक दिया... इसको बांधने के बाद इस बाल्टी में ठंडा पानी और इस बाल्टी में गर्म पानी... ये जो गर्म पानी है ये लगभग 120 डिग्री फारेनहाई के आसपास होता है...

इस ठंडे पानी से इनके सर को गीला करने के बाद, ये ठंडे पानी से भीगा तौलिया इनके सर के ऊपर रख दिया जाता है... पानी का तापमान एक जैसा बना रहे इसके लिये थोड़ी थोड़ी देर में कंबल को हटाकर गर्म पानी सावधानी पूर्वक मिलाते रहते हैं... इसमें इस चीज का ध्यान रखना पड़ता है कि पानी गिराते समय जो पेशैंट है, उनके पैर न जलने पायें...पैरों के गर्म नहान से पैर की रक्त की धमनियों में फैलाव होता है... और इस फैलाव की वजह से शरीर के ऊपर के हिस्से का रक्त  पैरों की तरफ जाना शुरू हो जाता है... पैरों में रक्त का संचालन बढ़ जाता है और शरीर के ऊपरी हिस्से में रक्त का दबाव कम होने लगता है... तो विशेष रूप से ऐसी बीमारियां, जो शरीर के ऊपरी भाग से संबंधित होती हैं, जैसी सर्दी है, जुकाम है, दमा है और रक्तचाप है, यानि कि ब्लड प्रैशर... उन, ऐसी सब बीमारियों में इस उपचार से बहुत लाभ होता है...

exercise (hindi): 

1) मिराज़ अहमद जी को क्या बीमारी है?

१) दिल के मरीज़ हैं

२) जोड़ों की बीमारी है

३) सांस फूलने की बीमारी है

४) बहुत बात करने की बीमारी है

2) मिराज़ अहमद का क्या इलाज किया जा रहा है?

१) दवा दी जा रही है

२) मालिश की जा रही है

३) पैर का गर्म नहान दिया जा रहा है

४) जड़ी बूटी दी जा रही है

3) पैर के गर्म नहान में क्या करते हैं?

१) कुर्सी पर गर्म कंबल बिछाते हैं

२) बाल्टी में गर्म पानी भरते हैं

३) चादर को लपेटते हैं

४) सब

4) पैरों के गर्म नहान में किस बात का ध्यान रखना पड़ता है?

१) पानी गिरते समय पेशैंट के पैर न जले

२) पानी का तापमान पचास डिग्री फ़ारेनहाईट के आसपास हो

३) पहले सर को ठंडे पानी से गीला करें

४) सर पर गर्म पानी से भीगा तौलिया रखें

5) गर्म पानी के नहान के उपचार से किन रोगों में फ़र्क पड़ता है?

१) जुकाम

२) दमा

३) रक्तचाप

४) सब

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Dr. Vimal K. Modi - 05: Naturopathy

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About This Lesson: 
Dr. Vimal Kumar Modi explains about the kind of patients who arrive at his center, and what it is that fundamentally helps them get better.
vocabulary (hindi): 

उम्र का दायरा 

Age appropriate

रोगमुक्त

Free of disease

जवानी

Youth

ताकत

Strength

मानसिक परेशानियों

Mental worries

ग्रसित

Afflicted, Entrapped

रोग निवारण

Disease prevention

transcription (hindi): 

मुझे बतायें डॉक्टर साहब, कि ये तो, आप बता रहे हैं कि अलग-अलग प्रकार के रोग, रोगी जिस तरह के आते हैं आपके पास, उसमें कुछ उम्र का दायरा भी है कि बच्चे भी आते हैं, बूढ़े भी आते हैं, किस प्रकार के व्यक्ति आपके पास आते हैं? कितने, किस प्रकार के आते हैं?

देखिये मेरे पास तो सभी उम्र के व्यक्ति आते हैं...

बच्चे भी आते हैं?

बच्चे भी आते हैं, बूढ़े भी आते हैं, जवान भी आते हैं... बच्चों को रोगमुक्त करना बहुत आसान होता है क्योंकि उनके पास जीवन-शक्ति बहुत होती है... वो दवायें कम खा के आते हैं... जवान कुछ ज्यादा दवायें खाकर आता है... उसके पास भी जीवन शक्ति होती है क्योंकि उसकी जवानी की ताकत होती है, जो उसे रोग-मुक्त करती है... उसके जीवन में उत्साह होता है... वो उत्साह भी उसके रोग मुक्त में लाभ करता है...बुढ़ापा, उत्साह खत्म हो चुका होता है... बहुत सी मानसिक परेशानियों से वो ग्रसित होता है... जीवन शक्ति उसकी बहुत क्षीण हो चुकी होती है... दवाओं पे वो आश्रित हो चुका होता है... इसलिये उस समय रोग-निवारण मुश्किल तो होता है, असंभव नहीं है...

exercise (hindi): 

1) किस उम्र के लोगों को ठीक करना आसान होता है?

१) बूढ़े लोगों को

२) जवान लोगों को

३) औरतों को

४) बच्चों को

2) बुढापे में रोग निवारण क्यों मुश्किल होता है?

१) बुढापे में बहुत सारी परेशानियाँ होती हैं।

२) जीने का उत्साह खत्म हो जाता है।

३) दवा पर आश्रित होते हैं।

४) सब

vocabulary (urdu): 

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transcription (urdu): 

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exercise (urdu): 

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Dr. Vimal K. Modi - 04: Naturopathy

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About This Lesson: 
Dr. Vimal Kumar Modi talks about the kind of patients who arrive at his center.
vocabulary (hindi): 

जीवन पर्यन्त 

 

Life long

मधुमेह

 

Diabetes

उच्च रक्तचाप

 

High blood pressure

गठिया

 

Arthritis

दमा

 

Asthma

ऐग्ज़ीमा

 

Eczema

ल्यूकोडर्मा

 

Leukoderma

अम्ल-पित्त

 

Bile and bodily juices

आंव

 

Dysentery

कब्ज

 

Constipation

वायु विकार

 

Disorders generated by air-imbalance

बवासीर

 

Haemorrhoides

खूनी बवासीर

 

Haemorrhoides with blood

माइग्रेन

 

Migraine

एलर्जी

 

Allergy

मरीज

 

Patient

कार्टिसोन

 

Cortizone

उन दवाओं से उसे मुक्ति दिलायें

 

To get well so that he does not have to take those medicines again

दवा का सहारा ना लेना पड़े

 

To get well so that the patient does not have to depend on medicines

transcription (hindi): 

ये बतायें कि आपके पास किस किस प्रकार के मरीज आते हैं यहां पे? ज्यादातर आपको, एक, एक, पता चल जाता है, एक ढर्रा पता चल जाता है कि इस इस प्रकार के मरीज एक समय से आ रहे हैं? तो किस प्रकार के मरीज आपके पास आते हैं और कितने समय तक आपके पास रहते हैं?

देखिये मेरे पास तो वो मरीज आते हैं जो दवा खाते खाते थक चुके होते हैं... जो ऐलोपैथी, होम्योपैथी, आयुर्वेद, यूनानी करके हार चुके होते हैं... वो आते हैं... आखिरी चिकित्सा कराने के लिये... तो इसलिये मेरे पास वही मरीज होते हैं जिनको दवायें जीवन-पर्यंत खानी होती हैं और वो दवायें अब काम करना बंद कर दे रही हैं... अब वो करे तो क्या करे...मधुमेह, उच्च-रक्तचाप, गठिया, दमा, एग्ज़ीमा, ल्यूकोडर्मा, अम्ल-पित्त, आँव, कब्ज, वायु-विकार, बवासीर, खूनी-बवासीर, irritable बावल सिंड्रोम, माइग्रेन, ऐसे रोगी आते हैं... उन्हें पहले तो इस लायक बनाया जाये कि वो दवा बिना रह सकें... उसमें कितना समय लगेगा, ये निश्चित रूप से नहीं बता पाना संभव होता... क्योंकि उन्होंने कैसी-कैसी विचित्र दवाएँ खाई हैं... कितनी-कितनी स्ट्रांग दवाएं का प्रयोग किया है, वो नहीं पता होता...

जैसे आजकल तो जब कोई चीज नहीं समझ में आ जाती तो एलोपैथ उसको एलर्जी कह देते हैं... फंस गया मरीज... अब वो दवाएं खा रहा है... और फिर उसे कॉर्टिसोन भी खाना पड़ता है... कभी-कभी तो वो कॉर्टिसोन काम करना बंद कर देती है... अब वो जो कॉर्टिसोन जो नुकसान कर रही है उसके लिये दवायें शुरू करते हैं कि उसका नुकसान बचा सकें... पहले ही क्यों कार्टिसोन दिया... पहले ही ये क्यों नहीं समझा कि कार्टिसोन से ये रोग नहीं जायेगा... इसलिये हमारे लिये बहुत मुश्किल होता है कि हम उन दवाओं से उसे मुक्ति दिलाएँ... इसलिये महीने, डेढ महीने तो उन दवाओं से मुक्ति दिलाने से लग जाता है... फिर महीने भर उसकी चिकित्सा की जाये और इस लायक बनाया जाये कि उसे दवा का सहारा न लेना पड़े... फिर दस-पंद्रह दिन और चाहिये कि वो उस रास्ते चलकर अपने जीवन को काट सके, रोग से मुक्त हो सके और स्वस्थ रह सके...

exercise (hindi): 

1) किस तरह के मरीज़ आते हैं डॉ० मोदी के पास?

1) जिस मरीज़ को दवा खाना पसंद है।

2) जिस मरीज़ को सिर्फ़ दो दिन की दवा चाहिये।

3) जिस मरीज़ को ऐलोपैथी में पूरी उम्र दवा खानी पड़े और दवा खा के वह तंग आ जाए।

4) जिस मरीज़ को कैन्सर है।

2) डॉ० मोदी ऐलोपैथी की दवाओं से कैसे मुक्ति दिलाते हैं?

1) पहले दवा लेने की आदत छुड़ाते हैं।

2) दवा से स्वस्थ कराते हैं।

3) मरीज़ को इस लायक बनाते हैं कि दवा का सहारा न लेना पड़े।

4) सब

vocabulary (urdu): 

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transcription (urdu): 

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exercise (urdu): 

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Dr. Vimal K. Modi - 03: Naturopathy

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About This Lesson: 
Dr. Vimal Kumar Modi speaks further on the advantages and disadvantages of naturopathy vis a vis allopathy.
vocabulary (hindi): 

हृदय रोगी मरणासन्न  स्थिति  

 

Heart patient is near death

सर्जरी 

 

Surgery

परीक्षण की भी विधि प्राकृतिक चिकित्सा में बहुत नहीं है

 

There are no elaborate diagnosis methods in naturopathy

परिणाम

 

Result

जीवन शक्ति

 

Strength of the life-force

रोग निवारण

 

Curing the disease, disease prevention

एड्स

 

Aids

कैंसर

 

Cancer

जीवन शक्ति को क्षीण करते हैं

 

Weakens the life’s strength

प्राकृतिक जीवन

 

Natural life

transcription (hindi): 

... इससे बहुत फायदा है... जो सबसे बड़ा फायदा ये है कि ऐलोपैथी की शिक्षा लेने के बाद जो मुझे ज्ञान प्राप्त हुआ, ये मैं ठीक समझ पाता हूं कि कुछ ऐसे रोगी हैं जिनको प्राकृतिक चिकित्सा से लाभ नहीं पहुंचाया जा सकता... हृदय-रोगी मरणासन्न-स्तिथि में हैं, उन्हें हम नहीं संभाल सकते... सर्जरी के केसिज़ हम नहीं संभाल सकते... ऐक्सिडेंटल केसेज़ हम नहीं बचा सकते... और परीक्षण की भी विधि प्राकृतिक-चिकित्सा में बहुत नहीं है... हर मरीज चाहता है, परिणाम चाहता है... साइंटिफ़िकली चाहता है... वैज्ञानिक-रूप से वो देखना चाहता है कि उसे लाभ हुआ है कि नहीं हुआ है... वो हम उसे एलोपैथी से दिखा पाते हैं... उसका परीक्षण ऐलोपैथी ढंग से करवा पाते हैं, उसकी प्राकृतिक-चिकित्सा करते हैं और फिर उसे एलोपैथी परीक्षण से दिखा देते हैं कि देखो, तुम्हारे वैल्यूज़ सब नार्मल हो रहे हैं... तो वो एक लाभ है... और सबसे बड़ा ये भी लाभ है कि हम कोई भी ऐसे मरीज नहीं लेते जिन्हें हम नुकसान पहुंचा दें... क्योंकि प्राकृतिक-चिकित्सा से जीवन शक्ति को बढ़ाया जाता है... कुछ ऐसे रोग हैं जिनकी जीवन-शक्ति होती ही नहीं है कि बढ़ाई जा सके... हम, रोग अपनी जीवन शक्ति से ठीक होता है... हम उससे ज्यादा अगर जीवन शक्ति बढ़ा पायेंगे तभी रोग-निवारण कर पायेंगे...

सही है...

कुछ ऐसे रोग हैं, जैसे एड्स, कैंसर... ये जीवन-शक्ति को क्षीण करते हैं... हम जीवन-शक्ति को बढ़ाते हैं लेकिन हम उतना नहीं बढ़ा पाते... तो हम ये समझ पाते हैं कि इन रोगियों की जीवन शक्ति नहीं बढ़ाई जा सकती, उनको हम फिर समझा के, बुझा के, बता देते हैं कि तुम प्राकृतिक-जीवन से चलोगे तो तुम्हारा अंत आराम से पहुंच जायेगा...

exercise (hindi): 

1) डॉ० मोदी को ऐलोपैथिक सीखने से क्या फ़ायदा हुआ?

१) उन्होंने ये जाना कि कुछ रोग ऐसे होते हैं जो प्राकृतिक चिकित्सा से ठीक नहीं हो सकते हैं।

२) ऐलोपैथिक में परीक्षण की विधि प्राकृतिक चिकित्सा के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं।

३) कोई ऐसे मरीज़ नहीं लेते जिनकी जीवन शक्ति नहीं बढ़ा सके।

४) सब

vocabulary (urdu): 

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transcription (urdu): 

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exercise (urdu): 

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Dr. Vimal K. Modi - 02: Naturopathy

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Vimal Kumar Modi speaks about the differences in allopathy and naturopoathy, and his motivation for pursuing naturopathy.
vocabulary (hindi): 

रोग 

Disease

जीवन पर्यन्त दवा खानी

Life-long intake of medication

मुक्ति

Free, liberation

नुकसान

Harmful

शरीर में कचरा

Garbage in the body

विधि

Way

रोग निवारण

Curing the disease

समाज सेवा

Social service

रोगियों की सेवा

Service to the patients

फेरबदल

Change/ modification

transcription (hindi): 

डॉक्टर साहब आपका ज्ञान दो तरफा है... आपने ऐलोपैथी का ज्ञान भी लिया है और प्राकृतिक चिकित्सा की जहां बात आती है, उसका भी... दोनों में फर्क कुछ नज़र आता है क्या?

सौभाग्य से मेरा प्रवेश गोरखपुर के मैडिकल कॉलेज में हो गया... मैं घर पर रहकर ही ऐलोपैथी की शिक्षा लेता रहा... और एलोपैथी में मैंने ये पाया कि कुछ रोग ऐसे हैं जिनको जीवन-पर्यंत दवा खानी होती है... प्राकृतिक चिकित्सा में मैं ये देखता था कि अगर प्राकृतिक जीवन अपनाया जाये तो उन रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है... एलोपैथिक दवा में सबसे बड़ी नुकसान ये है कि हर एलोपैथी दवा 45 प्रतिशत नुकसान करती है और 55 प्रतिशत लाभ करती है... और जो नुकसान करती है वो शरीर में कचरा इकट्ठा होता है और नये रोग को जनम देता है... प्राकृतिक चिकित्सा में ऐसी कोई बात नहीं है... कोई ऐसी विधि नहीं है कि नुकसान हो सके... तो जो भी प्राकृतिक चिकित्सा करता है, प्राकृतिक जीवन अपनाता है, उसे लाभ ही लाभ होता है... इसलिये मैंने ये पाया कि मुझे प्राकृतिक चिकित्सा करनी चाहिये, प्राकृतिक चिकित्सक बनना चाहिये... दूसरा उद्देश्य ये भी था कि ऐलोपैथ तो बहुत हैं, प्राकृतिक चिकित्सक बहुत कम हैं... हमारा उद्देश्य रोग-निवारण का है... जो एलोपैथी नहीं कर पा रही है वो हमें करने का सौभाग्य मिल रहा है... मैं ऐसे घर में पैदा हुआ इसलिये मैंने ये सोचा कि मुझे प्राकृतिक चिकित्सक ही बनकर समाजसेवा, रोगियों की सेवा करनी चाहिये...

exercise (hindi): 

1) डॉ० मोदी के अनुसार एलोपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा से किस प्रकार अलग है?

१) कुछ रोगों में ऐलोपैथिक दवा सारी उम्र खानी पड़ती है।

२) ऐलोपैथिक दवा नए रोग को जन्म नहीं देती है।

३) ऐलोपैथिक से बीमारी बहुत जल्दी खत्म हो जाती है।

४) ऐलोपैथिक ९९% फ़ायदा करती है।

2) डॉ० मोदी प्राकृतिक चिकित्सा क्यों करना चाहते थे?

१) शरीर से रोगों का निवारण हो जाए।

२) मरीज़ प्रकृति का आनंद ले सके।

३) मरीज़ दवाएँ न खाए।

४) जिससे की मरीज़ जल्दी ठीक हो जाए।

vocabulary (urdu): 

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transcription (urdu): 

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exercise (urdu): 

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Dr. Vimal K. Modi - 01: Naturopathy

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Vimal Kumar Modi talks about his education and training in the field of naturopathy.
vocabulary (hindi): 

रेडियोलॉजी

Radiology

प्राकृतिक चिकित्सा 

Naturopathy

चिकित्सालय

Clinic/Dispensary/Hospital

प्राकृतिक चिकित्सक

Doctor of naturopathy

गोरखपुर स्कूल ऑफ़ नैचुरोलोपैथीज़

Gorakhpur school of naturopathy

स्वस्थ

Healthy

प्राकृतिक चिकित्सालय

Naturopathy clinic

शिक्षणालय

School

एलोपैथी

Allopathy

स्वर्गवास

Die

व्यक्तिगत

Personal

उन्हीं के बताए मार्ग पर चल रहा

Following in the footsteps of

transcription (hindi): 

डॉक्टर साहब, सर्वप्रथम अपना परिचय हमें आप दें?

मैं डॉक्टर विमल कुमार मोदी... मैंने एम.बी.बी.एस. रेडियोलॉजी में डिप्लोमा और फिर रेडियोलॉजी में ही एम.डी. किया है... और उसके बाद मैं प्राकृतिक-चिकित्सा का कार्य देख रहा हूं...

तो जब प्राकृतिक-चिकित्सा की जब हम बात करते हैं, तो ये संस्था इस कार्य को कब से कर रही है? इसकी स्थापना कब हुई? इसके बारे में हमें कुछ बताये...

चिकित्सालय तो मेरे पिताजी ने 1940 में स्थापित किया था... पहले ये किराये के मकान में 1960 तक चला... आप जिस परिसर में बैठे हुये हैं, वो परिसर 1960 में बताया गया... प्राकृतिक-चिकित्सा लोगों को दी जाती थी... हिन्दुस्तान में बहुत कम प्राकृतिक-चिकित्सक थे... इसलिये पिताजी ने 1962 में प्राकृतिक-चिकित्सक बनाने का भी कार्य शुरू किया... गोरखपुर स्कूल ऑफ़ नैचुरोपैथी के अंतर्गत... अब तक 7000 डॉक्टर बनाये जा चुके हैं... हर वर्ष लगभग सौ विद्यार्थी मेरे यहां पढ़ने आते हैं...

तो आपको खुद, जैसे आपने, आपने पहले तो पिताजी का हाथ भी बंटाया होगा, उसके बाद आप एम.बी.बी.एस. के लिये गये थे या एम.बी.बी.एस. करने के बाद आप पिताजी का हाथ बंटाते थे?