UT wordmark
College of Liberal Arts wordmark

Public Health

Dr. Richa Modi 08 - Women's Health

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Richa Modi discusses issues related to women's health.
vocabulary (hindi): 

जागरूकता

 

Awareness

किसान

 

Farmer/peasant

खेत

 

Field/farmland

फीमेल ऐजुकेशन

 

Female Education

फीमेल अवेयरनेस

 

Female awareness

transcription (hindi): 

तो ये, ये जागरूकता सिर्फ औरत की नहीं है, जो औरत के साथ आदमी है ना, उसको भी समझना है?

उसको बिल्कुल समझना चाहिये... लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि अगर उसे खुद पता हो तब तो वो अपने लिये लड़ेगी ना... अगर उसे लगेगा कि ये चीज सही नहीं है, तो तो वो अपने आदमी को बोलेगी ना कि नहीं, ऐसा नहीं ऐसा करते हैं... उसका पता होना सबसे ज्यादा जरूरी है... आदमी का हो तो बहुत अच्छी बात है... हम दोनों का जो केयर करे वो तो बैस्ट है लेकिन उसको पता होना बहुत जरूरी है... क्योंकि अपना ध्यान तो उसे ही रखना है ना... क्योंकि गांव में ऐसा होता है कि भई किसान है, खेत में काम करने गये, शाम रात में घर आये... तो भई अपना, अपना बच्चा, अपना घर, हर चीज का ध्यान तो उसे ही रखना है ना... तो मुझे लगता है फ़ीमेल एजुकेशन और फ़ीमेल अवेयरनेस, आप यही देख लीजिये, जिस स्टेट में जितनी ज्यादा फीमेल एज्युकेशन, जितनी ज्यादा फीमेल अवेयरनेस है, वहां की maternal mortality और ये जो female child हो तो infant foeticide जो हो रहा है, ये सब, जितनी भी खराब चीजें हैं, उतनी कम हैं... It is directly proportionate to education...

exercise (hindi): 

1) औरतों को स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देनी की क्यों ज़रूरत है?

१) लड़कियों की शादी जल्दी हो जाती है और उन्हें अपने शरीर के बारे में ठीक से मालूम नहीं होता है।

२) लड़कियों को पौष्टिक खाने के बारे में कुछ नहीं मालूम होता है।

३) जब बच्चा चार या पाँच महीने का पेट में होता है तब डॉक्टर के पास आती हैं।

४) ऊपर दी गई सब वजहों से

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

Content under development

exercise (urdu): 

Content under development

Dr. Richa Modi 06 - Health Education

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Richa Modi talks about the personnel hierarchy at medical institutions.
vocabulary (hindi): 

सीनियर मोस्ट प्रोफेसर

 

Senior most professor

लैक्चरार

 

Lecturer

सीनियर रैज़ीडेंट

 

Senior resident

फर्स्ट ईयर

 

First year

सैकिण्ड ईयर

 

Second year

थर्ड ईयर.

 

Third year

हिस्ट्री

 

History

थर्ड ईयर रैज़ीडेंट

 

Third Year resident

इन्फयूज़न

 

Infusion

नार्मल

 

Normal

ट्रीटमेंट

 

Treatment

एक्सपीरियंस

 

Experience

लेवल

 

Level

दवाई

 

Medicine

दाखिल

 

Admission/admit

भर्ती

 

Admission/admit

इन्फार्म

 

Inform

रेयर केस

 

Rare case

एक्टोपिक प्रैग्नेंसी

 

Atopic pregnancy

खतरा

 

Danger

transcription (hindi): 

आपके वहां पर, आपके स्टाफ में कितने कितने लोग होते हैं? आपका क्या, एक, hierarchy क्या होती है? आप

Hierarchy हमारी होती है, सीनियर-मोस्ट प्रोफ़ेसर होते हैं हमारे... तो वो, मतलब, दो या तीन प्रोफेसर होते हैं... प्रोफेसर, उसके बाद उसके नीचे लेक्चरर होते हैं... उसके नीचे सीनियर रेज़िडेंट होते हैं, जो मैं हूं, उसके बाद जो बच्चे वहां पोस्ट ग्रैज़ुएशन का कोर्स कर रहे हैं... तो वो फ़र्स्ट इयर, सेकेण्ड इयर, थर्ड इयर... जिसको हम कहते हैं JR1, JR2, JR3... तो कोई पेशैन्ट आता है तो JR1, JR2 मिलके उसकी हिस्ट्री लेते हैं... उसकी क्या रिपोर्टस हुई हैं क्या नहीं हुई हैं, उसको देखते हैं... फिर जो थर्ड इयर रेज़िडेण्ट हैं, वो पेशैन्ट देखता है... उसे कोई कंफ़्यूज़न हो, या हम भी पेशैन्ट देखते हैं... या कोई नॉर्मल है तो वो देख के ट्रीटमेंट हमसे पूछकर लिख देता है... उसे कुछ लगता है, नहीं, दिक्कत है... क्योंकि तीन साल पूरा होते होते उसे भी काफी एक्सपीरियंस हो जाता है... उसे लगता है कुछ दिक्कत है तो वो हमें दिखाता है... हमें अपने लेवेल पर लगता है ठीक है, तो हम उसका, जो भी, दवाई, ट्रीटमेंट, जो भी हमें आगे करना है, लिख देते हैं... हमें लगता है नहीं, और बड़ी बात है... इसको अगर, हमें दाखिल, भर्ती करना है मरीज को, आगे कुछ करना है, तो फिर हम अपने लैक्चरार को पूछ लेते हैं या इंफ़ॉर्म करते हैं कि भई ऐसा ऐसा है... और कोई बहुत ही बड़ी बात, कोई रेयर केस आता है तो फिर हम अपने प्रोफेसर को इन्फार्म करते हैं... जैसे नली में बच्चा, जिसको हम एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी कहते हैं... जो भी चीज, कहते हैं ना मां की जान के लिये, जो इस तरह की कोई, संबंधित चीज होती है कि जिसके कोई जान को खतरा है तो हम जरूर अपने सीनियर को, प्रोफेसर को बता देते हैं...

exercise (hindi): 

1) एक्टोपिक प्रेग्नैंसी में किसको बुलाया जाता है?

१) प्रोफ़ेसर को

२) लेक्चरर को

३) रेजीडेंट को

३) JR1 को

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

Content under development

exercise (urdu): 

Content under development

Dr. Richa Modi 05 - Public Health

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Richa Modi talks about some interesting patient experiences.
vocabulary (hindi): 

मस्तिष्क

 

Mind

लेबर

 

Labor

रिकार्ड

 

Record

इन्वैस्टीगेशन

 

Investigation

सोनोग्राफी

 

Sonography

डिलीवरी

 

Delivery

बच्चा थोड़ा कॉम्प्रोमाईज हो

 

Fetus is in a little compromised position

जूनियर डॉक्टर

 

Junior doctor

हॉस्पीटल

 

Hospital

ग्लब्स

 

Gloves

सक्शन

 

Suction

सांस

 

Breath

एमरजैन्सी केस

 

Emergency case

दुखद

 

Sad

दोबारा

 

Again

प्रसव

 

Delivery

सम्बन्धित

 

Related

पेशैंट

 

Patient

मतलब

 

To mean something

मृत्यु

 

Death

transcription (hindi): 

हूं... ये बतायें कि आपके इतने सालों की प्रैक्टिस, आपने गुजरात में किया है और अब आप यहां कर रही हैं... कुछ ऐसे अनुभव हैं जो आपके, आपके मन मस्तिष्क में एक जगह बना चुके हैं? दिलचस्प हों, दुखद हों, जैसे भी हों... लेकिन हैं इस तरह के कुछ अनुभव आपके पास?

दिलचस्प तो मैं एक अनुभव बता सकती हूं कि कई बार पेद्गौंट बिल्कुल लेबर, जैसे हम टर्म यूज़ करते हैं, एकदम लेबर में आता है... उसको हमारे पास कोई रिकॉर्ड , इंवेस्टिगेशन, सोनोग्राफ़ी कुछ नहीं होती... और जब कोई डिलिवरी ऐसी होती है जिसमें हमें लगे बच्चा थोड़ा कॉम्प्रोमाइज़ हो, ठीक नहीं हो, तो हम generally pedestrian, जो बच्चे के डॉक्टर, उसका जो भी जूनियर डॉक्टर हॉस्पिटल में है, उसको बुला लेते हैं... एक बार पेशैंट बिल्कुल आई कि बच्चे का सर दिख रहा था... तो उसके बाद तो कुछ करना ही नहीं था... ग्लब्स पहने और शुरू हो गये डिलीवरी के लिये... बच्चे के डॉक्टर को फोन कर दिया... फिर जब बच्चा बाहर आया, बच्चा उसे दे दिया, वो अपना बच्चे का सक्शन करते हैं, उसको थोड़ा ठीक करते हैं कि वो जल्दी रो दे, उसके बाद देखा कि कुछ और आ रहा है... तो निकाला तो दूसरा बच्चा था... तो वो हमने फिर उसे निकाल कर दिया... फिर साँस ली, तो हमें लगा नहीं अभी कुछ और है... तो वो तीसरा बच्चा था... तो बच्चे के डॉक्टर ने कहा कैसे डॉक्टर हैं... आपका पेशैंट है, आपको ये भी नहीं पता कि एक बच्चा है, दो बच्चा है, तीन बच्चा है क्योंकि उसे नहीं पता था कि वो एमर्जेंसी केस है... और हमें भी नहीं पता था कि वो एक, दो, तीन बच्चे उसके पेट में हैं... तो उस वक़्त हम बहुत हंसे कि पहले एक निकला, फिर दूसरा आया, फिर तीसरा आया... ना हमें पता, ना बच्चे के डॉक्टर को पता, एक ट्रे, हाथ में एक ट्रे में एक बच्चा आ गया, तो दूसरा बच्चा कहां जाये, तो किसी ने ऐसे पकड़ा... क्योंकि उस सैटअप में मोस्टली एक बच्चे की तैयारी होती है... तो एक दो करके तीन बच्चे एक साथ निकाल लिये गये...

ये कहां हुआ था?

ये अहमदाबाद में ही हुआ था हमारे साथ... दुखद तो बहुत हैं... कई बार ऐसा होता है कि अगर आप मदर को नहीं बचा पाये तो वो बहुत दुखद होता है हमारे लिये... क्योंकि, ठीक है, बच्चा तो ठीक है, बच्चा तो दोबारा हो जायेगा लेकिन maternal mortality is something कि हम वो बहुत कम करने की हमारी कोशिश है कि प्रसव से सम्बंधित किसी भी वजह से मां की जान ना जाये... तो अगर कभी ऐसा लगता है कि पेशेंट इतनी बुरी हालत में आया और फिर हमारे सामने ही पेशैंट चला गया, मतलब मृत्यु हो गई उसकी, तो हमें अच्छा नहीं लगता...

exercise (hindi): 

1) Maternal mortality क्या है?

१) जब माँ की जान सबसे पहले बचाई जाए

२) जब बच्चे को पहले बचाया जाए

३) जब माँ और बच्चे दोनों को बचाया जाए

४) जिस किसी को भी बचाया जा सके

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

Content under development

exercise (urdu): 

Content under development

Dr. Richa Modi 04 - Public Health

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Richa Modi talks about the need for health awareness and government generated services in rural areas.
vocabulary (hindi): 

अमूमन

 

Generally

सफलता

 

Success

किस हद तक

 

To what limits

दुर्घटना

 

Accident

अनअपेक्षित

 

Not required or desired/unwanted

जागरूकता

 

Awareness

ट्रांस्पोर्टेशन

 

Transportation

दिक्कत

 

Difficulty

रात बेरात

 

Without any concept of time

पल पल

 

Every moment

नष्ट

 

Destroyed/perished

एम्बुलैंसिज़

 

Ambulances

पैरीफेरी

 

Periphery

ट्रांस्पोर्टेशन

 

Transportation

गौरमेंट

 

Government

स्कीम्स

 

Schemes

पेशैंट

 

Patient

transcription (hindi): 

ये बतायें कि आपके पास, मैं एक, अमूमन, मैं मोटी मोटी बात अगर करूं, तो एक हफ़्ते में आपके पास किस तरह के कितने केसिज़ आते हैं और उसमें सफलता आपको कितने, किन किन, किस हद तक मिल पाती है?

एक हफ़्ते में, कभी कभी ऐसा होता है कि एक हफ़्ते में चार केस ऐसे आ गये... कई बार ऐसा होता है कि एक ही केस ऐसा आया... लेकिन तीन चार केस हफ़्ते में ऐसे आ जाते हैं जिसमें कि, मतलब, मां के साथ, या बच्चे के साथ कोई, मतलब बड़ी दुर्घटना कह लीजिये या अनपेक्षित चीज कह लीजिये, हो गई हो... और उसमें अगर हमारा कितना सफलता, तो चार में से तीन हम कहेंगे कि 60-70 प्रतिशत तो हमारी है सफलता...

सफलता है 60-70 प्रतिशत...

जो पेशैंट हमारे पास पहुंच जाता है, जिंदा हालत में, तो उसका हम मतलब चार में से तीन को तो बचा ही लेते हैं...

तो ये तो बहुत एक, बहुत बड़ी मात्रा में, सरकार की, मेरे हिसाब से, जैसे, जैसा आप बता रही हैं, पूरे प्रोग्राम में एक बहुत बड़ी चूक है कि आज की तारीख में, जहां पर ये जागरूकता फैलनी चाहिये, वहां हम मां को और बच्चों को खो रहे हैं?

बिल्कुल...

ये... तो यहां...

और मुझे ऐसा लगता है, कि जो सबसे बड़ी चीज मैंने महसूस की, जो कमी है, वो है प्रॉपर ट्रांस्पोर्टेशन नहीं है... मतलब पेशैंट दूर से आता है... आने आने में, पहली बात तो पेशैंट तभी आने की सोचता है कि जब उसे लगे कि बड़ी दिक्कत है... और उसके बाद वो घंटे, दो घंटे, तीन घंटे, रात-बेरात और समय लग जाये, उस वक़्त हमारे लिए पल-पल कीमती होता है... और वो घंटे नष्ट हो जाते हैं पेशैंट के पहुंचने में... तो मुझे लगता है कि गौरमैंट को सबसे ज्यादा इस चीज पर ध्यान देना चाहिये... जैसे गुजरात में मैंने ये चीज देखी कि वहां पर जो एम्बुलेंसेज़ हैं, आप फोन कीजिये पंद्रह मिनट में एम्बुलैंस आपके घर के दरवाज़े पर होगी...

गांव में?

गांव कह सकते हैं, वो पैरीफरी तो कह सकती हूं... Exactly तो यहां पेरिफ़ेरी या गांव में बहुत ज्यादा नहीं बता पाऊंगी कि वहां पर कितने किलो मीटर की रेंज थी और यहां नहीं है... लेकिन मुझे लगता है कि थोड़ा ट्रांस्पोर्टेशन पर ध्यान देना चाहिये गौरमेंट को, कि पेशैंट को तकलीफ हो तो पहुंचने के लिये, जो nearest center है, वहां पर जैसे आशा करके हम, एक लेडी होती है, that is called Accredited Social Health Assistant, जो कि पेशैंट को हमारे पास लेकर आती है... तो ऐसा नहीं है गौरमेंट  कुछ नहीं कर रही है... बहुत सारी स्कीम्स हैं... और आशा स्कीम में ऐसा होता है कि जो आदमी आशा बनकर उस पेशेंट को हमारे पास लेकर आता है, उसको पैसा भी मिलता है... क्यूंकि पैसा सबसे बड़ा incentive है एक आदमी के काम करने का... तो ये समझ लीजिये गौरमेंट कुछ नहीं करती तो जो चार में से तीन बच रहे हैं वो भी नहीं बचते ना... क्योंकि उनको भी कोई ना कोई लेकर ही आ रहा है ना... चार में से कोई एक अपने आप से आ रहा है, दो को कोई ना कोई लेकर ही आ रहा है... तो ऐसा नहीं है काम नहीं हो रहा है... लेकिन इससे अच्छा काम हो सकता था... और ध्यान देने की जरूरत है...

exercise (hindi): 

1) डॉक्टर के पास हफ़्ते में कितने गम्भीर केसिस आते हैं?

१) एक या दो

२) पाँच या छ:

३) दस या ग्यारह

४) तीन या चार

1)2) डॉक्टर मोदी को सीरियस केसिस में कितनी सफ़लता मिलती है?

१) ६० से ७० प्रतिशत

२) १० से २० प्रतिशत

३) ९९ प्रतिशत

४) ५० प्रतिशत

1)3) डॉक्टर मोदी के अनुसार किस वजह से माँ और बच्चे को पूरी सुविधा नहीं मिल पाती है?

१) एम्बुलैंस की सुविधा नहीं मिल पाती है

२) अस्पताल दूर होता है

३) प्रापर ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा नहीं है

४) ऊपर दी गई सब वजह से

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 
Content under development
exercise (urdu): 

Content under development

Dr. Richa Modi 03 - Public Health

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Richa Modi talks about the need for Health Education and Advocacy.
vocabulary (hindi): 

प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र 

 

Primary care center

सरकार 

 

Government

कार्यक्रम

 

Program

फैलाने

 

To spread

ग्रहण

 

Taking/ seizing

क्षमता

 

Efficiency/competence

गंवार

 

Uncouth/rustic

माथा पच्ची

 

Mental over-exertion/constant pondering over something

सुनने वाले

 

One who listens

सीमित

 

Restricted/ bounded/ limited

मरीज

 

Patient

ब्लड

 

Blood

ट्राली

 

Trolley

हार्ट बीट

 

Heart beat

सीमित

 

Bounded/limited

जानकारी

 

Knowledge/information

केसिज़

 

Cases

ऑपरेट करना

 

 To operate

निर्धारित

 

To set a deadline/assess

transcription (hindi): 

तो क्या आप मानती हैं कि जो प्राथमिक चिकित्सा केंद्र होते हैं, जो सरकार के अन्य कार्यक्रम होते हैं, जहां ये जागरूकता फैलाने का काम करते हैं... उसकी यहां कमी है या लोगों में उसको ग्रहण करने की कमी है?

दोनों चीजें हैं... कमी भी है... ऐसा नहीं है कि काम बिल्कुल नहीं हो रहा, लेकिन बहुत अच्छा काम नहीं हो रहा... कमी भी है और लोगों में ग्रहण करने की क्षमता भी कम है... और फिर मैं अपनी बेसिक, उस पे आ जाऊंगी, जिसको कहा जाये lack of education... मुझे लगता है कि अगर आप थोड़े पढ़े लिखे होंगे तो आप सामने वाले की बात ज्यादा अच्छी तरह से समझ सकते हैं... यहां के लोग बिल्कुल गँवार, हिन्दी भी ठीक से नहीं समझ सकते, हिन्दी भी ठीक से नहीं बोल सकते, तो उनके साथ कितनी माथा-पच्ची कोई करेगा... तो वो चीजें दोनों तरफ से है... सामने वाले में भी उतना ज्यादा वो होना चाहिये और प्लस सुनने वाले में भी होना चाहिये...

कोई करेगा... तो वो चीजें दोनों तरफ से है... सामने वाले में भी उतना ज्यादा वो होना चाहिये और प्लस सुनने वाले में भी होना चाहिये...

देखिये, हर किसी का, एक कहते हैं ना, सीमित वो होता है, काम करने का... हमारा काम है यहां पे कम से कम जो केस हमारे पास यहां आता है, जो, कहते हैं ना, जिस पल वो मरीज हमारे कमरे में आता है, उस पल हम बिल्कुल attentive हों, कि जो हम अपना बैस्ट हो सकता है, वो करते हैं... उसको ब्लड की जरूरत है, वो अरेंज कराते हैं... हम literally दौड़ते हैं पेशैंट की ट्रॉली को खींच के, कि अगर हमें ऐसा लगे कि भई हां, उसका हार्ट-बीट कम हो रहा है या पेशैंट बिल्कुल collapse हो रहा है... तो हम अपना maximum उस पल करते हैं... और देखिये, चार में से तीन तो हम बचा भी लेते हैं... एक को नहीं बचा पाते... चाहे वो मां की बात हो या बच्चे की... तो, जो हमारा, जितना भी सीमित वो है, उसमें हम अपना काम तो कर ही रहे हैं... और जहां तक गांव जाने की बात है, तो मुझे लगता है गौरमैंट ने हर किसी के लिये काम बना रखा है... तो भई जो गांव जा जा के प्रचार करना है, जो जानकारी देना है, अगर वो हम करेंगे, तो फिर जो, जो केसेज़ आते हैं, जिन्हें हमें ऑपरेट करना होता है, जिनको हम ठीक करते हैं, फिर वो काम कौन करेगा? हर किसी के लिये एक निर्धारित काम होना चाहिये... एक आदमी सब कुछ नहीं कर सकता ना...

exercise (hindi): 

1. डॉ० मोदी के अनुसार लोगों में जागरूकता फैलाने का काम मुश्किल क्यों है?

१) लोग पढ़े लिखे नहीं हैं

२) लोग बिल्कुल गंवार हैं

३) लोगों को हिन्दी समझ में नहीं आती है

४) सब

2. जब मरीज़ डॉ० के पास आता है तो डॉ० क्या करती हैं?

१) मरीज़ को दूसरे अस्पताल भेज देती हैं

२) मरीज़ के लिये जो भी कर सकती हैं, करती हैं

३) मरीज़ का पहले एक्स-रे करती हैं

४) मरीज़ को स्ट्रैचर पर छोड़ देती हैं

3. प्रचार-प्रसार के लिये डॉ० मोदी के क्या विचार हैं?

१) गाँव-गाँव जा कर प्रचार-प्रसार करना चाहिये

२) जो काम जिस के लिये निर्धारित हो वही काम करना चाहिये

३) मरीज़ों की देखभाल को छोड़-छाड़ कर प्रचार-प्रसार करना चाहिये

४) हर किसी को प्रचार-प्रसार करना चाहिये

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

Content under development

exercise (urdu): 

Content under development

Dr. Richa Modi 02 - Health Education

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Richa Modi talks about people's perception of medical needs.
vocabulary (hindi): 

हॉस्पिटल

 

Hospital

उन्नत

 

Improved/high/developed

मरीज

 

Patient

संबंधित

 

Related

सामान्य

 

Ordinary/common

डिलिवरी का दर्द

 

Labor pains

सक्षम

 

Capable/competent

बच्चा अंदर मर चुका

 

Fetus died inside the womb

आधा अंदर हो आधा बाहर

 

Half inside and half outside

बच्चेदानी

 

Uterus

यूटीरस

 

Uterus

कगार

 

Precipice/ on the brink of

जागरूकता

 

Awareness

गर्भवती

 

Pregnant

transcription (hindi): 

यहां जब आप जाती हैं अपने हॉस्पिटल में, तो किस किस प्रकार के मरीज आपके पास आते हैं? शहर से कितने आते हैं? गांव से कितने आते हैं? या शहर के बाहर से कितने आते हैं?

मैंने जहां काम किया, गुजरात काफी, कहते हैं ना, उन्नत प्रदेश है... तीन साल वहां काम करने के बाद, क्योंकि एम.एस. में हम काम ज्यादा करते हैं, पढ़ाई तो अंत में एग्ज़ाम्स के वक्त वाली बात है... यहां पे जो मैंने देखा, बहुत ज्यादा फर्क है... यहां पर बहुत ज्यादा गरीब पेशैंट्स आते हैं... बहुत गरीब मरीज... गांव के बहुत आते हैं... और जो एक चीज यहां मैंने महसूस की, यहां पर डिलीवर या औरत की जो बीमारियां हैं, बच्चे, बच्चा होने से सम्बंधित जो भी चीजें हैं, वो उनके लिये इतनी सामान्य हैं, इतनी सामान्य हैं कि वो उसके लिये डॉक्टर के पास जाना ही नहीं चाहते... वो तब हमारे पास आते हैं जब कुछ बहुत बुरा हो चुका हो... ऐसा नहीं है कि किसी को डिलिवरी का दर्द हो तो वो हमारे पास लेकर आयें... जब उनको ऐसा लगे कि कुछ तकलीफ हो गई, बच्चा मर गया, मां को कोई तकलीफ हो गई, तब वो हमारे पास आते हैं... तो हमारे पास शहर के तो कम आते हैं, क्योंकि, भई, मैडिकल कॉलेज में तो वही लोग ज्यादा आयेंगे जो उतने ज्यादा, कह सकते हैं कि सक्षम नहीं हैं पैसे खर्च करने में... गांव के ज्यादा आते हैं, लेकिन गांव के बहुत बिगड़े हुये केस आते हैं... तो मैंने यहां पर, जिसको हम अपनी terminology में कहेंगे high risk pregnancy वो मैंने यहां तीन महीनों में उतनी देख ली जितनी मैंने तीन साल में गुजरात में नहीं देखी... यहां पर, जैसे, बच्चा अंदर मर चुका हो, आधा अंदर हो आधा बाहर हो, वो कहते हैं ना बच्चेदानी, जिसको यूटिरस हम कहते हैं, वो फट चुकी हो, पेशैंट बिल्कुल मरने की कगार पर हो, ऐसा पेशैंट हर चौथे दिन यहां आता है...

तो इस तरह से मैंने देखा कि यहां पर सबसे ज्यादा जिस चीज की जरूरत है, वो है जागरूकता... मतलब यहां के लोगों को, यहां की औरतों के अंदर ये जागरूकता होनी चाहिये कि उनको, अगर वो गर्भवती हैं तो उन्हें दिखाने जाना है... ये नहीं कि उन्हें कुछ तकलीफ हो, मरने जैसी हालत हो जाये तो ही दिखाने जाना है... वो गर्भवती हैं तो उन्हें डॉक्टर की राय, सलाह लेनी है, उन्हें दिखाने जाना है... इस चीज की जागरूकता की यहां बहुत कमी है...

exercise (hindi): 

1) डॉक्टर ऋचा के पास किस तरह की गर्भवती महिलाएँ आती हैं?

१) High risk pregnancy

२) जिनके जुड़वा बच्चे होने वाले हों

३) जिनके बच्चे नहीं होते

४) जिनको लड़के चाहिये

2) डॉक्टर ऋचा मोदी के अनुसार महिलाओं में जागरूकता लाने के लिये क्या करना ज़रूरी है?

१) महिलाओं को पढ़ाई लिखाई आनी चाहिये

२) गौरमेंट को कुछ करना चाहिये

३) गौरमेंट को गाँव जा कर प्रसार प्रचार करना चाहिये

४) ये सब करना चाहिये

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

Content under development

exercise (urdu): 

Content under development

Dr. Vimal K. Modi - 18: Naturopathy, Music Therapy

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Modi talks about the healing properties of music.
vocabulary (hindi): 

संगीत की एक थैरेपी

Therapy of music

प्राकृतिक वातावरण

Natural environment

मन हमारा बड़ा चंचल है

Our minds are constantly flitting

एकाग्रता

Focus

शारीरिक लाभ

Physical benefits

थकान

Tiredness

मन की थकान

Mentally tired

रियाज़

Practice

तनाव

Tension

शांति

Peace

transcription (hindi): 

आपकी इन थैरेपीज़ के अंदर, डॉक्टर साहब, कि संगीत की एक थेरेपी बहुत अच्छी मानी जाती है... प्राकृतिक, आप कहते हैं कि कई रोगों का निवारण अच्छा संगीत सुनने से भी होता है? तो ये क्या आपने कभी, कभी experiment करने की कोशिश की है क्या?

नहीं, संगीत तो हर प्रकृति के वातावरण में है... क्योंकि अगर प्राकृतिक वातावरण है तभी चिड़ियां होंगी... हैं... अगर अप्राकृतिक है तो चिड़िया गायब हो गई... कोलाहलपूर्ण वातावरण में कोई चिड़िया नहीं है, कोई तितली नहीं है... और आप प्रकृति के साथ रहिये, कभी कोयल की 'कू कू' मिलेगी... हैं... कभी तोता उड़ता हुआ जायेगा... आवाज़ आयेगी... और सबसे बड़ी बात है न, कि जब आप संगीत सुनते हो तो एकाग्र होते हो... और वो एकाग्रता लाभ करती है... क्योंकि मन हमारा बड़ा चंचल है... आप बैठे हुये हो और मन आपके पास है ही नहीं... तुरंत मन आपके दुश्मन के पास चला जाता है... आपके मित्र के पास चला जाता है... आपके पाम, काम के पास चला जाता है... आपकी समस्याओं के पास चला जाता है... आपके पास तो रहता ही नहीं है... और मन आपके पास रहे, उससे बड़ी शांति कोई नहीं है... तो जब आप संगीत सुनते हो तो मन आपका संगीतमय होता है... इधर उधर मंडराता नहीं है...वो एकाग्रता आपको लाभ करती है...

शारीरिक लाभ देती है?

शारीरिक लाभ देती है, मानसिक लाभ देती है क्योंकि जब एकाग्र है तो मन थकता नहीं है... और जब इधर उधर है तो मन दौड़ता है... तो मन को रोकिये, एकाग्र कीजिये, एक जगह उसको स्थिर रखिये, थकना, थकान उसकी कम हो जायेगी और स्वस्थ हो जायेगा... मन की थकान भी बहुत रोग को बढ़ाती है, इसलिये निश्चित रूप से संगीत का बहुत बड़ा रोल है... और अब तो ये भी बहुत वैज्ञानिक प्रूव कर दिया है कि अगर खेत में अगर हम संगीत बजायें तो उपज भी अच्छी होती है... वो तो कैसे होती है, कैसे नहीं होती है, वो तो मैं नहीं कह सकता, लेकिन मैं ये तो वास्तविक जानता हूं कि संगीत बहुत काम करती है... मेरी पत्नी लेडी डॉक्टर है... और गाय्नॉकॉलॉजी में बहुत तनाव रहता है... क्योंकि बच्चा नॉर्मल हो जाये, स्वस्थ हो जाये, कोई नहीं जानता... बच्चा नार्मल नहीं निकल पा रहा है, अप्राकृतिक ढंग से, ऑपरेशन करके निकालना पड़ रहा है, तो उस ऑपरेशन का भय मन में रहता है... तो मेरी पत्नी थकान दूर करने के लिये एक संगीतज्ञ को बुलाकर रोज संगीत का रियाज़ करती है... एक घंटा समय रोज निकालती है... अब तो नहीं निकल पाता... फिर उन्होंने हफ्ते में तीन दिन निकालना शुरू किया... फिर हफ्ते में दो दिन निकालना शुरू किया... और सबसे बड़ी बात ये है कि संगीत, संगीतज्ञ पांच बजे आया और पांच बजे आपका ऑपरेशन लगा हुआ है...

तो आपको ऑपरेशन तो करना ही पड़ेगा, मानवता के नाते... तो ऐसा भी संगीत को, संगीतज्ञ को आना चाहिये जो धैर्य से आपको सिखाने के लिये आपके पास बैठा रहे... वो धैर्य बड़ा मुश्किल है... धैर्यवान कम होते जा रहे हैं, इसलिये संगीतज्ञ मिलता नहीं है...फिर भी उनका रियाज़, जितना कर सकती हैं, चलता है... और उससे मैं ये समझ पा रहा हूं कि तनाव मुक्त होता है क्योंकि अगर पत्नी का घर में तनाव हो तो मैं तो तनाव में ही रहूंगा... और मैं जो आपको बोल रहा हूं, आप समझ सकते हैं कि मुझे कोई तनाव नहीं है... उस मेरी, तनाव की सबसे बड़ी दूरता का कारण मेरा शांतिपूर्ण परिवार भी है... और पत्नी की शांति तो मैं संगीत को ही मानता हूं...

exercise (hindi): 

1) जब आप संगीत सुनते हैं तो क्या लाभ होता है?

१) मन एकाग्र हो जाता है।

२) मन संगीतमय हो जाता है।

३) मन शांत हो जाता है।

४) सब

2) डॉ० साहब की पत्नी की शांति का क्या कारण है?

१) पेन्टिंग करती हैं।

२) खाना बनाती हैं।

३) किताब पढ़्ती हैं।

४) संगीत सीखती हैं।

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

Content under development

exercise (urdu): 

Content under development

Dr. Vimal K. Modi - 17: Naturopathy, Daily Routine

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Modi talks about the feasibility of following the daily routine of his institution, outside the institution when the patient goes home.
vocabulary (hindi): 

कसरत करना

To do exercise

टहलना

To take a walk

transcription (hindi): 

डॉक्टर साहब, ये एक निर्धारण आपने किया कि ये, इस तरह से आपका दिनचर्या बनी रहती है... क्या यही मरीज, जब बाहर जाते हैं, अपने घर जाते हैं, क्या ये इसी तरह से अपना, अपना जीवनचर्या को चलाते हैं? आपके पास उनकी कोई रिपोर्ट्स आती हैं या कोई जिससे फॉलो अप जो रहता है?

अगर रोगी बना हुआ है, पूरा समय उसने मुझे नहीं दिया है, कुछ रोग ठीक हो गये हैं, समय की कमी से उसे जाना पड़ रहा है, तो निश्चित रूप से उसे यही करना पड़ेगा... लेकिन ये वास्तविक ज़िंदगी में कर पाना संभव नहीं है क्योंकि उसको दस से आठ नौकरी पर जाना होगा... हैं... दस से पांच ऑफिस होगा... या आठ बजे जाना होगा, रात को आठ बजे आना होगा... लेकिन सुबह एक घंटा कसरत करना, एक घंटा टहलना, इस दो घंटे में मिला के वो एक घंटा, रोज कर सकता है... आधे घंटा टहल ले, आधे घंटा कसरत आसन कर ले, तो वो तो रोज एक कर सकता है ना... और जो मैंने नाश्ता बताया, वो नाश्ता कर सकता है... वो नाश्ता, अगर लंच ले जाता है, सुबह वो रोटी सब्जी खा के जाता है, तो जो मैंने दोपहर का भोजन बताया वो सुबह करके चला जाये और सुबह का नाश्ता अपने साथ लेकर चला जाये... चाय-कॉफी वो चाहे तो छोड़ सकता है... रात की कोई प्रक्रिया नहीं कर सकता... रात को आये, पानी पिये, रोटी सब्जी खाये और फिर शांत मन से नींद ले, क्योंकि नींद भी शांत मन से ही ले के अच्छी नींद आ सकती है...

exercise (hindi): 

1) क्या डॉ मोदी की बताई हुई दिनचर्या आरोग्य मंदिर के बाहर भी आराम से की जा सकती है?

१) बहुत आराम से की जा सकती है।

२) बहुत परेशानियाँ होती हैं।

३) थोड़ी परेशानी ही होती है।

४) ये कर पाना संभव नहीं है।

vocabulary (urdu): 

Content under development

transcription (urdu): 

Content under development

exercise (urdu): 

Content under development

Dr. Vimal K. Modi - 16: Naturopathy, Daily Routine

mediaURI: 
About This Lesson: 
Dr. Modi describes the general routing that his patients follow.
vocabulary (hindi): 

दिनचर्या

Daily routine

इलाज  

Treatment

निवारण

Prevention

आरोग्य मंदिर

Temple which gives health (Here, proper noun)

ठंडी चिकित्सा

Cold treatment

कटि स्नान  

Waist-bath

लैग गैट

 

पेडू

Lower belly

मिट्टी की पट्टी

Bandage of mud

आंख कमजोर

Eyes have become weak

आंख पे गीला कपड़ा रखना

To put wet cloth on eye

ऋतु के फल

Seasonal fruit

विश्राम

Rest

transcription (hindi): 

मरीजों की दिनचर्या आप किस तरह से बांटते हैं? क्या, क्या कुछ एक निर्धारित है आपका कि आपकी दिनचर्या कितने बजे सुबह शुरू होगी और कैसे कैसे आपको क्या क्या करना है?

दिनचर्या तो रहती है... उस दिनचर्या का एक ही उद्देश्य होता है कि मरीज की जीवन शक्ति बढ़े... हर हर रोगियों का प्राकृतिक चिकित्सा में कोई इलाज नहीं है... कोई भी रोग हो, कोई भी नाम हो, हम शरीर की जीवन-शक्ति को बढ़ाते हैं और वो जीवन शक्ति उस रोग का निवारण करती है... इसलिये जो नियम यहां बनाये गये हैं वो जीवन शक्ति को ठीक रखने के लिये, बढ़ाने के लिये ही बनाये गये हैं... मरीज से ये कहा जाता है कि सुबह उठे...

कितने बजे?

पांच बजे से छः बजे तक क्योंकि सबको जबर्दस्ती, मेरे यहां जबर्दस्ती नहीं होती है... क्योंकि जब, और नियम की पाबंदता भी नहीं है... यों मत कहें की जेल की तरह, जेलर नहीं हैं... हम मरीज को समझाते हैं... बार बार समझाते हैं... और ये मैं आपको बता दूं कि वो जाने से पहले मेरे सारे नियम को स्वतः कर के जाता है... मैंने उससे कहा कि चाय नहीं पीना चाहिये लेकिन आरोग्य मंदिर के बाहर निकले तो सौ दो सौ मीटर में उसको चाय मिल जाती है... लेकिन मैं उससे आपसा, आपसी समन्वय इतना बढ़िया रखता हूं कि वो मुझसे कहता है कि डॉक्टर साहब, मैं चाय पीकर आ गया... मैं उसे समझाता हूं... फिर वो मानता है... फिर समझाता हूं... पांच सात दिन में समझ में आ जाता है कि चाय पीना स्वास्थ्य के लिये अहितकर है... ये ऐसा नहीं होता कि दस बीस मरीजों में ही होता है... सब लोग तो स्वतः मान जाते हैं... सुबह पांच से छः बजे तक उठना होता है... फिर एक ठंढी चिकित्सा लेनी होती है... कटि स्नान जिसको कहते हैं... कटि स्नान के टब में बैठना होता है... वो निर्भर करता है कि उम्र क्या है, वजन कितना है... उस पे दो मिनट का लेना है कि पांच मिनट का लेना है कि दस मिनट का लेना है... जाड़ों में कटि-स्नान लेना संभव नहीं होता... तो लैग-गैट देते हैं दोनों घुटनों पे... नीचे पानी डालते हैं दो मिनट के लिये... या पेट को गीले कपड़े से दो मिनट के लिये गीले कपड़े से पोंछते हैं... उसके बाद उसको एक घंटा टहलने के लिये कहते हैं... टहलने के बाद, उसके बाद हम उसको एक घंटा आसन कराते हैं... फिर आठ से नौ में हम उसको नाश्ते के लिये समय देते हैं... नाश्ते में फल है, अंकुरित अनाज है और सूखे मेवे हैं... दूध दही बहुत रोग निवारण में मदद नहीं करता लेकिन कुछ रोगों में जरूर मदद करता है... जैसे अमल पित्त में दूध, पुराने आंव में irritable bowel syndrome में दही, मधुमेह में दही...

तो उस समय हम दूध और दही का भी, जो उसकी आवश्यकता होती है, वो उसको दिलाते हैं... नौ बजे से ग्यारह बजे के बीच में जो हमारी चिकित्सा है गर्म ठंडा कटि स्नान, भाप नहान, पैर का गर्म नहान, गर्म ठंडा कटि स्नान, मालिश, ये, मिट्टी की पट्टी, पैर की गरम ठंडे से, पूरे बदन पे मिट्टी, जैसी जिसकी आवश्यकता होती है, मैं हर कमरे में जा के मरीज की चिकित्सा पुस्तिका में लिख देता हूं... वो आ के नौ से ग्यारह के बीच में करवाते ह