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Public Health; South Asia Specific

Asha Devi on Politics, Development and Health 03

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About This Lesson: 
Asha Devi continues her memories about politics, development and health issues.
vocabulary (hindi): 

स्वस्थ

 

Healthy

मजूरी

मज़दूरी

 

तनख़वाह

तनख्वाह

Income

मस्ती

मौज-मस्ती

Fun

मौज

 

Fun

वेतन

 

Income

मक्खी चुसाई

 

 

स्वास्थय

 

Health

जब जड़ मजबूत नहीं है तब पलाई कहां से मजबूत होगा

 

 

मजबूत

 

Strong

समाज

 

Society

सुधारने

 

Improve

जनता

 

Citizens/people of the country

दस ठो गुंडा पालो

 

 

ईमानदारी

 

Honesty

जजमान

 

Client

रोग

 

Disease

बीमारी

 

Illness

समाज

 

Society

उत्थान

 

Rise

के सिलसिले में

 

In connection with

जंग लड़ी

 

 

व्यक्तिगत रूप

 

Personal way

पांव फिसल जाता

 

To fall

घुल

 

Get mixed in

इज्जत

 

Respect

भड़क

 

 

डुबकी

 

Dip, brief immersion

transcription (hindi): 

पहले हर चीज मिलता था... सस्ता था, मजूरी कम था, तनख़वाह कम मिलता था... उसी में शरीर भी बढ़िया होता था, कपड़ा भी बढ़िया पहनते थे, खाते थे, मस्ती से मौज करते थे... पढ़ते लिखते थे... अब जितने मंहगाई आ गया, जितने आपका वेतन बढ़ गया, उतने मक्खी चुसाई कर रहे हैं सब... हर चीज में... का सही मिल रहा है, कुछ तो सही नहीं मिल रहा है...

बच्चों का क्या हाल है?

अरे बच्चों का क्या, बच्चों के मां बाप दो रोटी दे देते हैं... स्कूल भेज देते हैं पढ़ने लिखने के लिये... पढ़ लिख के घर आते हैं बेचारे... बच्चों का क्या है...

उनके स्वास्थ्य के सम्बन्धी?

जब जड़ मजबूत नहीं है तब पलाई कहां से मजबूत होगा...

हूं... कोई बात नहीं...

तो जड़ किसकी मजबूत नहीं है? समाज की या घरों की?

ना घर का मजबूत पड़ रहा है, ना समाज का मजबूत है...

उसको सुधारने के लिये क्या आप वापिस आना चाहेंगे इसमें?

हमको बहुत, जनता हमारे पीछे पड़ा... हम हाथ जोड़े...

क्यों?

इसमें का मजा है? इसमें चोरी करो तो आपका कुर्सी है... दस ठो गुंडा पालो तो आप अच्छे हैं... ईमानदारी से रहो तो दस बदमाश घेर के खड़े हैं आगे पीछे... हमको क्या करना है, हमारा जजमान जिन्दा रहे, जाते हैं, दस पैसा लाते हैं, खाते हैं, घर में पड़े रहते हैं... अपना कमाई खाने का वजह ही नहीं हो रहा है... दुनिया का रोग बीमारी... तो जनता का गला काट के मैं क्या करूं? किसी का वास्ता रखें घर में... कौन हमको अपना लड़की लड़का पालना है, शादी करना है, ब्याह करना है... हूं... कि भाई बन्धु को घर मकान बनवाना है, फ्लैट भी खरीदना है...

तो समाज के उत्थान के सिलसिले में, जो आप, पहले आपने जंग लड़ी थी, उसे छोड़ देंगे ऐसे ही?

जंग तो कभी तक देखते हैं, अखबार में, मीडिया वाले आते हैं शहर से, ले जाते हैं... अभी परसों ही छपा था अखबार में... एक तो एगो और निकला था...

उसमें आप जो, व्यक्तिगत रूप से घुस कर आपने जो काम किये हैं, अब करने की हिम्मत नहीं है या इच्छा नहीं है?

शहर देख कर, इंसान अच्छे अच्छे का पांव फिसल जाता है... जिस, जैसा समाज है उस समाज में गुजर जाओ, घुल के रहो तो इज्जत है... और समाज को सुधारोगे ना बाबा, तो दस ठो लोग भड़क जायेंगे... तो जैसे गंगा जी बह रहा है, उसमें दुनिया डुबकी मार रहा है, उसमें मारे दे...

जी...

हम भला, हमारा भगवान भला... मैं तो यही जानती हूं भैया... हां...

exercise (hindi): 

1) समाज के उत्थान के लिये आशा देवी के अनुसार क्या करना चाहिये?

१) समाज के साथ काम करना चाहिये तो सब इज़्ज़त देंगे

२) समाज को सुधारने की कोशिश करनी चाहिये

३) समाज के उत्थान के लिये सब से लड़ना चाहिये

४) समाज में रहते हुए अपने हिसाब से काम करना चाहिये

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Asha Devi on Politics, Development and Health 02

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About This Lesson: 
Asha Devi continues her views on the state of government sponsored health programs.
vocabulary (hindi): 

अस्पतालों

 

Hospitals

सरकारी

 

Government related

सुविधा

 

Benefits/

जांच करते थे

 

Use to examine

बीमारी

 

Illness

घर की धुरी

घर की धूरी

Boundary of a house

महिला अगर स्वस्थ रहेगी, घर स्वस्थ रहेगा

 

If a woman remains healthy then everyone in the house will remain healthy

उत्थान

 

Rise

इस सिलसिले में

 

In connection with

जित्ती

जितनी

 

काहे?

क्यों?

Why

रोजगार संबंधी

 

Related to employment

जनता

 

Citizens/people of the country

देखभाल

 

To take care

मोहल्ला

 

Neighborhood

टोला

टोली

 

बेरोजगार

 

Unemployed

धंधा

 

Business

transcription (hindi): 

और अस्पतालों में क्या हाल है?

अस्पतालों में क्या हाल है... पैसा दीजिये तो दो चार गोली दे देंगे... नहीं तो बाहर से लिखेंगे... जितना सरकारी आता है दवा, सब ब्लैक हो जाता है... कहां गरीब आदमी पाते हैं... कोई सुविधा नहीं है गरीब के लिये...

तो जब आप थे, मेयर थे, तो उसमें आपने क्या क्या बदलाव लाये थे आप?

हमने बहुत कुछ बदलाव लाया... वहां टिकट बनवाते थे... नंबर लगवाते थे... तीसरे दिन हम जांच करते थे कितना जनता आया, कितना गरीब आया, कितना बीमारी वाला इंसान आया... कितना दवा आया... क्या हुआ? सब मिलता था...

ये कहा जाता है कि जो महिलायें हैं, वो घर की धुरी होती हैं... एक महिला अगर स्वस्थ रहेगी, घर स्वस्थ रहेगा... महिला स्वस्थ रहेगी, घर स्वस्थ रहेगा... महिला खुश रहेगी, घर खुश रहेगा... तो महिलाओं के उत्थान के लिये, महिलाओं को मदद मिले, महिलाओं, गरीब महिला है उसको काम मिले... इस सिलसिले में आपने क्या कार्य करवाये और आज क्या हाल है?

गरीब महिलाओं के लिये ये बिल्कुल बड़ी आदमी होती है... गोरखपुर में जित्ती गरीब औरतें हैं, उनसे कहो ये करो, ये काम करो, तो नहीं करेंगी...

काहे?

पता नहीं भैया वो... खाना मिलता है उनको बैठे बैठे... उनके घर वाले बोलते ही नहीं हैं... कुछ भी कर जायें...

तो उनके रोजगार संबंधी, जितने भी आजकल चल रहा है, कि इतना रोजगार मिल रहा है, ये हो रहा है... क्या हो रहा है ऐसा?

कुछ नहीं हो रहा है... सब खत्म हो जा रहा है... आता ही आता ही उड़ जा रहा है गोरखपुर में...

तो यहां की जनता क्या चाहती है अभी?

क्या है, जनता यही चाहती है कि हमारा सरकार अच्छा रहे, कि हम लोग का देखभाल करे, मोहल्ला टोला सफाई करवावे... पानी देवे, बत्ती देवे टाम से... दुख सुख जाने... जित्ते एकदम गरीब हैं, उनको नौकरी चाहिये... बेरोजगार घूम रहे हैं पढ़ लिखकर लड़के... बाहरवीं क्लास पास करके घूमता है लड़का... कोई धंधा ही पानी नहीं है...

exercise (hindi): 

1) मरीज़ों को अस्पताल में दवा मिले, उसके लिये आशा देवी जी ने क्या किया?

१) हर तीसरे दिन जाँच करवाती थीं कि कितने मरीज़ आए और कितनों को दवा दी गई।

२) अस्पताल में हर दूसरे दिन जा कर मरीज़ों को देखती थीं।

३) मरीज़ों को मुफ़्त दवा देती थीं।

४) मरीज़ों को दवा खरीदने के लिये पैसा देती थीं।

2) जनता सरकार से क्या आशा करती है?

१) मोहल्ला साफ़ रखे

२) बेरोज़गारों को नौकरी दे

३) पानी और बत्ती का इंतज़ाम करे

४) ये सब कुछ करे

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

Asha Devi on Politics, Development and Health 01

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About This Lesson: 
Aasha Devi talks about her stint as a Mayor. She discusses the intense political rivalry, as well as her contribution to health and social welfare. Her language is very colloquial, culturally compounded by the betel-leaf she has in her mouth which makes her pronunciation a great exercise in testing one's ability for understanding colloquial Hindi speech!
vocabulary (hindi): 

किस अर्से में

 

 

जनता

 

People

ऊब

 

Bored

हिजड़े

 

 

कुर्सी पर समाया

 

 

नियत

 

 

दावा दे दिया...

 

 

मुकद्दमा चलाया

 

 

फतह

 

Win

कुर्सी

 

Chair

संभाली

 

Handled

बदमाश

 

 

सहयोग

 

Cooperation

गंदगी

 

Filth/dirty

रकम

 

 

स्वास्थय

 

Health

सेवाएं

 

 

जाड़ा

 

Cold

अलाव

 

 

लकड़ी

 

Wood

चौड़ाई चौड़ा जला

 

 

कंबल

 

Blanket

अनाथों

 

 

पेंशन

 

 

चालू करवाया

 

 

मेहतर

 

 

गड़वाया...

 

 

टनाटन

 

 

transcription (hindi): 

पहले तो आपका धन्यवाद करना चाहते हैं आशा देवी जी, कि आपने हमें समय दिया...

( हंसी )

ये बतायें कि किस अर्से में आप मेयर रही यहां पर?

यहां गोरखपुर में ...... मंत्री थे... और मंत्री थे तो जनता सब ऊब गये... कोई रास्ता नहीं निकला... तो आखिरी में जो हमको चुना जनता हमारा... इन मंत्रियों से तो अच्छा हमारे हिजड़े हैं... हमको चुना... तो हमने चुनाव में हमको उठाया, जनता हमारा, पूरा शहर का लोग हमारा सहयोग किया... आगे बढ़ाया हमको... चुनाव हुआ, मैं जीत गया... जीतने के बाद कुर्सी पर समाया... पांच साल दो महीना तक हमने कुर्सी चलाया... पांच साल का तो नियत होता है... दो महीना बेसी चला... तो जीतने के बाद तीसरे ही दिन से, हमारे पे दूसरा मेयर ने उठा कर दावा दे दिया...

किस तरह का दावा दे दिया?

ये औरत का कुर्सी है, हिजड़ा कैसे ले लिया?

फिर आपने क्या किया?

तो हमने पूरा आगे बढ़ा दिया केस... और मुकद्दमा चलाया... गोरखपुर से मैं जीता... अब वो इलाहबाद में पहुंची... इलाहबाद में हमने जीता... और वहां से दिल्ली पहुंचा... पीछे मैं दिल्ली भी पहुंच गई... दिल्ली से मैं भी कागज ला के रख दिया गोरखपुर... हमारा फतह होते ही जनता सहयोग से चलाया, आज तक... तो हमने पांच साल दो महीना कुर्सी संभाली और उसके बाद हमने घर बैठ गया... चुनाव हुआ... तो हमारी, ये जो, बदमाश मेयर साहब जो हैं, बैठी हैं... तब इनके बारे में, भैया, इतना ऊब गये हैं जनता हमारा... न कोई काम लोक रहा, न कोई सफाई सहयोग रहा... ना सीवर का कोई रास्ता निकल रहा है... और गंदगी उतने का उतने पड़ा है... सरकार हमारा बिल्कुल बहरी होकर सुन देख रहा है... आंख बंद कर दी... इतना रकम आ रहा है गोरखपुर में हमारे, मगर काम में कहीं नहीं लग रहा है...

तो जब आप मेयर थे, तो एक आम आदमी की ज़िंदगी में दो ही चार चीजें तो होती हैं... साफ सफाई मिल जाये...

बस...

और स्वास्थ्य बढ़िया रहे तो सबके लिये स्वास्थ्य सेवाएं हो जायें... तो आपने इस क्षेत्र में क्या क्या कार्य करे?

हमने क्षेत्र में पूरा जाड़ा भर अलाव दिया, लकड़ी दिया, चौड़ाई चौड़ा जला... कंबल बांटा गरीबों के, अनाथों के लिए... पेंशन हमने बनवाया... जिसके मर्द नहीं था, औरत, उसके लिये पेंशन हमने चालू करवाया, यहां पे... गरीबों के  मेहतर  लोगों को नौकरी हमने दिया, डेली बेस पे, वो भी काम चालू हुआ, अच्छा हुआ... ये सड़क ये बनता था इंजन से, तो हमने मशीन मंगवाया लखनऊ से, मशीन भी लगवाया... मशीन से सड़क, हाईवे बन रहा है ये सब... काम तो हमने खूब किया... सारे शहर में फूल गड़वाया... बत्ती है, पानी है, सफाई है, सीवर है, हर चीज हमारे समय में बिल्कुल टनाटन था...

exercise (hindi): 

1) चुनाव जीतने के बाद कितने दिनों तक आशा देवी कुर्सी पर रहीं?

१) पाँच साल दो महीने

२) एक साल तीन महीने

३) छ: महीने

४) दो साल दो महीने

2) दूसरे मेयर ने कुर्सी के लिये आशा देवी पर दावा किया? क्यों?

१) कुर्सी पर आदमी ही बैठ सकता है

२) कुर्सी पर एक औरत ही बैठ सकती है, हिजड़ा नहीं

३) कुर्सी पर एक हिजड़ा ही बैठ सकता है

४) कुर्सी पर गरीब आदमी ही बैठ सकता है

3) लोगों का स्वास्थय अच्छा रहे, उसके लिये आशा देवी ने क्या किया?

१) गरीबों में कंबल बांटे।

२) सड़क और हाईवे बनवाए।

३) सारे शहर में फूल लगवाए

४) ये सब किया

vocabulary (urdu): 

Content Under Development.

transcription (urdu): 

Content Under Development.

exercise (urdu): 

Content Under Development.

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